19 जुलाई को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जगदीशपुर में एक महाजनसभा आयोजित हुई। जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा इस महा जनसभा को संबोधित किया गया। इस सभा में हजारों की भीड़ में लोग आए हुए थे।
इस दौरान प्रांत के मुख्यमंत्री ने यह संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के करीब 10.54 लाख किसानों के खाते में डायरेक्ट DBT के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की राशि भेजी जाएगी। इस योजना में माननीय मुख्यमंत्री ने ये कहा है कि इस योजना के लिए वो 1640.25 करोड़ रुपए आवंटित करेंगे।
सरकार द्वारा क्या है इस योजना का उद्देश्य और फायदे ।
इस सरकारी योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को उनके फसलों को कीट–पतंगों, खरपतवार आदि से बचाने के लिए तथा आपदा के समय में फसल की क्षति होने के कारण उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान करना। ताकि उनके आपदा से हुए नुकसान की थोड़ी– बहुत भरपाई हो सके। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत 2016 में हुई थी तब से लेकर वर्ष 2025 तक कुल 30942.34 करोड़ रुपए आपदा से या प्राकृतिक रूप से प्रभावित फसलों के लिए किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान किया जा चुका है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा, अल-नीनो प्रभाव के कारण मानसून अच्छा नहीं।
राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का कहना है कि इस वर्ष अल नीनो प्रभाव की आशंका जताई जा रही है जिसके कारण अच्छे मानसून आने की संभावना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थिति में किसान भाई अपनी फसलों की बीमा अवश्य करा ले ताकि उन्हें इस आपदा का हर्जाना मिल सके। यह भुगतान डायरेक्ट डीबीटी के माध्यम से किसान भाइयों के बैंक खाते में डाली जाएगी तथा उनकी हानि की भरपाई की जाएगी। अतः जिन भी किसान भाइयों के पास डीबीटी लिंक खाता नहीं है, वे इसे अवश्य करवा लें।
किसानों ने इस योजना के बारे में क्या कहा?
मध्य प्रदेश के किसानों का इस योजना के बारे में ये कहना है कि यह योजना हम किसानों के लिए एक वरदान के रूप में साबित हुई है। इस योजना से हमे थोड़ी आर्थिक सहायता सरकार द्वारा मिलती है। किसानों ने ये भी कहा कि सरकार द्वारा समय–समय पर इस तरह की आर्थिक सहायता मिलने से हमारे फसलों को सहायता मिलती है। किसान इस योजना को लेकर काफी खुश हैं।













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