Sanjay Raut on Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर में दान किये गए चढ़ावे की चोरी के मामले में महाराष्ट्र शिवसेना (UBT ) के बड़बोले नेता संजय राउत भी कूद पड़े हैं । उन्होंने सवाल उठाया है की उद्धव ठाकरे जी द्वारा दान किये गए 1 करोड़ रूपये और चांदी के ईंट की सालों बाद भी रशीद क्यों नहीं मिली? कहाँ गया चढ़ावा? जाँच और जवाबदेही का समय अब आ गया है।
संजय राउत ने यह भी आरोप लगाया की दानपेटी की चोरी विधायकों को तोड़ने के लिए की गयी है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संजय राउत का क्या है सवाल?
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया X पर किये एक पोस्ट में गंभीर सवाल पूछे हैं। उनके अनुसार शिवेशेना नेता उद्धव ठाकरे जी के द्वारा हजारों शिवसैनिकों और संतों की मौजूदगी में राम मंदिर निर्माण के लिए दान किये गए 1 करोड़ रुपये और 4 किलो के पवित्र चाँदी की ईट कहाँ गयी, कहाँ गायब हुई?
उन्होंने आरोप लगाया कि सालों गुजर जाने के बावजूद ट्रस्ट के तरफ से न तो कोई रिसीप्ट (receipt ) प्राप्त हुई और न ही कोई अपडेट दिया गया। समय अब आ गया है, अब इसकी पूरी जाँच (Investigation) होनी चाहिए और जवाबदेही तय होनी चाहिए।
संजय राउत के सनसनीखेज आरोप से हड़कंप
संजय राउत ने शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के 6 लोकसभा सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने को मुद्दा बनाकर राम मंदिर में हुए दानपेटी चोरी से जोड़ दिया है।
शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए राउत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर की दानपेटी से करोड़ों रूपये की चोरी कर उस पैसे से हमारे विधायक ख़रीदे गए, चोरी के पैसे को राजनीती में इस्तेमाल किया गया। हमारे विधायक को 50-50 करोड़ में ख़रीदे गाये।
उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया की TMC के विधायक को भी तोड़ने में इसी राम मंदिर की दानपेटी से चुराए गए पैसे का इस्तेमाल किया गया।
उन्होंने कहा 8 लोगों पर FIR तो हुई है लेकिन मुख्या आरोपी अभी भी ट्रस्ट में काम कर रहे हैं।
राम मंदिर में दान के पैसो की चोरी पर तजा अपडेट
राम मंदिर दानपेटी चोरी मामले में अबतक SIT जाँच के बाद 8 आरोपियों रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, सुभाष श्रीवास्तव, लवकुश मिश्र, करुणेश पांडेय, मनीष कुमार यादव तथा अविनाश शुक्ला पर नामजद FIR दर्ज किया गया है।
इधर खबर है की नैतिक जिम्मेदारी के चलते श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।











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