उत्तर प्रदेश राज्य के प्रख्यात कृष्ण नगरी वृंदावान के इस्कॉन मंदीर के बाहर ( इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कॉन्शियसनेस ,International Society For Krishna Consciousness) में 15 जून 2026 दिन सोमवार को एक बहुत बड़ी दर्दनाक घटना हो गई। जिसमें एक 21 साल के युवा लड़के की मृत्यु हो गई।
आइये विस्तार से जानते हैं इस घटना को
दिन सोमवार 15 जून 2026 को हिंदुओ की धार्मिक नगरी वृन्दावन से एक बेहद दुख भरी घटना घटते हुए नज़र आई। जिसमें एक लगभग 21 साल के युवा लड़के अभिज्ञान गुप्ता, मध्य प्रदेश के छतरपुर निवासी की इस्कॉन मंदीर के बाहर पानी कूलर में दौड़ रही करेंट के कारण एक दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने वहाँ के सभी श्रद्धालुओं के होश उड़ा दिए। इस घटना ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लापरवाही पर एक बहुत गंभीर सवाल उठाया है।
आखिर कौन था मृतक – उसका पुरा विवरण
नाम- अभिज्ञान गुप्ता
उम्र – 21 साल, मृतक मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले के निवासी थे।
कहाँ पर हुई यह दर्दनाक मृत्यु की घटना– इस्कान मंदीर ( श्री कृष्ण बलराम मंदीर) का मुख्य द्वार वृन्दावन, उत्तर प्रदेश
मृत्यु का कारण- मंदीर की मुख्य दरवाजे पर करेंट रहित कूलर को छूने के कारण दर्दनाक मौत
आखिर कैसे हुई यह बेहद दर्दनाक घटना
15 जून, दिन सोमवार, मध्य प्रदेश, छतरपुर जिला के बसिंदे पिता अनिल कुमार गुप्ता और उसके बेटे 21 वर्षीय अभियान गुप्ता के साथ इस्कॉन मंदीर और बांके बिहारी मंदीर के दर्शन करने उत्तर प्रदेश के वृंदा वन आए थे। उन्हें क्या पता था , की इस दर्शन करने गए पिता और पुत्र के साथ प्रसाशन के लापरवाही के कारण एक बहुत बड़ी दुर्घटना हो जायेगी। इस चिल – चिलाती गर्मी और धूप से थोड़ी राहत देने के लिए मथुरा – वृंदावन मुनिसिपाल कॉर्पोरेशन ने मुख्य दरवाजे पर जहा श्रद्धालुओं के चप्पल- जूते खोलने के स्थान पर एक वॉटर मिस्ट/ स्प्रे कूलर लगवाया था।
जब सोमवार को लगभग दोपहर के 12 बज रहे थे। उसी समय जब मृतक लड़का अभियान गुप्ता अपनी पाँव में पहने चप्पल-जूते उतार रहा था। तब अचानक उसका शरीर का हिस्सा या हाथ उस वॉटर कूलर से जा चिपका। कूलर के खराब होने या पुराने होने के या अनियमित रूप से खराब रख – राखव के कारण और उसमे निकले कंटीले तारो में एक हाई वोल्टेज करेंट उत्पन्न होने के कारण अभिज्ञान गुप्ता को एक जोरदार झटका करेंट का लगा। चूँकि बिजली इतनी हाई वोल्टेज थी कि अभिज्ञान उस लोहे के कूलर से चिपका रहा। अपने बेटे को तड़पते हुए देख अभिज्ञान गुप्ता के पिता अनिल कुमार गुप्ता उसे करेंट से दूर हटाने के लिए गए। जैसे ही वह अभिज्ञान को छुए उन्हे भी एक बहुत जोरदार बीजली का झटका लगा, फिर वो वहीं गिर गए। इस घटना को देखकर वहाँ दर्शन करने आए भक्तगण के होश उड़ गए।
एक बेबस बाप को झकझोर देने वाला पल
वहाँ पर मौजूद मंदीर में आये श्रद्धालुओं और मंदीर के सुरक्षाकर्मियों ने किसी भी तरह उन दोनों को करेंट से दूर हटाया। फिर लोगों ने उन दोनों को अस्पताल ले जाया गया , अस्पताल पहुँचने के बाद जाँच होने के बाद डॉक्टरों ने अभिज्ञान गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। जबकि उसके पिता अनिल कुमार गुप्ता को प्राथमिक जाँच के बाद छोड़ दिया। यह नज़ारा किसी भी पिता के लिए रूह कंपा देने वाला पल था उसके पिता को ये विश्वास नहीं हो रहा था , की उसके एक्लौते कलेजे के टुकड़े अब इस दुनिया में नहीं रहा। अपने बेटे की मृत शरीर देखकर अभिज्ञान के पिता जोर जोर से रोने लगे। वह बार -बार अपने गम मे एक ही बात दोहरा रहे थे “ बेटा उठ जा… देखो पापा बुला रहे हैं, मेरे लिए एक बार उठ जाओ “। वहाँ अस्पताल में मौजूद हर एक व्यक्ति के इस दृश्य को देखकर आँख भर आई।










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