महाराष्ट्र राज्य में हनुमान मंदिर के गिरने से हुआ बहुत बड़ा हादसा 5 व्यक्तियों की मौके पर मौत

महाराष्ट्र में बहुत बड़ा हादसा

यह घटना उस वक्त की है ,जब बहुत सारे श्रद्धालु एक साथ परभणी के बन रहे हनुमान मंदिर मैं दर्शन करने गए थे।सूत्रों के मुताबिक उस मंदिर का अभी निर्माण कार्य चल रहा था।इसी बीच बहुत सारे श्रद्धालु की एकजूटता हुई,और फिर आवमचनक मंदिर के ऊपर की छत पर पूजा करने आए श्रद्धालुओं पर गिर गई। जिसमें 5 लोगों की अकाल मृत्यु मौके पर ही हो गई।जबकि 18 से अधिक लोग घायल हो गए। घायल लोगों को तुरंत अस्पताल लोगों द्वारा ले जाया गया ,जहां उनकी जांच चल रही है।यह हादसा मानवत तहसील के यशवाड़ी गांव स्थित हनुमान मंदिर मैं हुआ था।जहां बहुत ज्यादा संख्या में लोगों का धार्मिक आयोजन में जमावड़ा लगा हुआ था।

स्थानीय लोगों और पुलिस ने बचाव कार्य को पूरा किया

इस घटना के बाद तुरंत वहां के स्थानीय जनताओं ने, पुलिस कर्मियों ने और सुरक्षा बचाव कर्मियों ने लोगों को बचाने का अभियान चलाया।लोगों पर छत के गिरे हुए मलबे को जे सी बी की मदद से हटाया गया।साथ – हीं साथ लोगों, पुलिसकर्मियों और बचाव कर्मियों द्वारा घायल लोगों को जितना हो सके उतना राहत पहुंचाने की कोशिश की।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक

इस हादसे के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक गहरा शोक शोक जताते हुए उन्होंने घायलों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और उनका इलाज मुफ्त हो तत्काल ये घोषणा की।और मृतकों के परिजनों को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान करने की बात कही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस घटना में मृत व्यक्तियों और घायल व्यक्तियों के प्रति दुख जताते हुए उनके प्रति संवेदना जताई।

निर्माण कार्य से पहले सभा को खोली ओर हो गई बड़ी दुर्घटना

प्राथमिक जांच में ये निकलकर आई है की मंदिर के बाहरी सभा की अभी नइमेमान कार्यक्रम चल रही थी।इसी बीच श्रद्वालु गण सभा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल और दर्शन के लिए आए और ये बड़ा हांसदा हो गया।जांच में ये भी निकालकर आई है की मंदिर निर्माण कार्य में भरी भरकम संगमरमर की ढांचा अस्थायी तरीके से लगाई गई थी।जिसके कारण यह दुर्घटना हो गई । विशेषज्ञों का मानना है की मंदिर के निर्माण कार्य पूर्ण होने से पहले ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खोल दिया गया। जिसमें लोगों को सुरक्षा की आवश्यकता महसूस नहीं हुई ,और लोग भारी भीड़ के साथ मंदिर परिसर में सम्मिलित होने के लिए पहुंच गए।ये भी एक बड़ा कारण हो सकता है ,मंदिर का क्षतिग्रस्त होकर गिरना।

धार्मिक स्थलों पर निर्माण को लेकर सुरक्षा व्यवस्था

इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर चल रहे निर्माण सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल किए हैं।स्थानीय लोगों का ये कहना है की जिस भाग में मंदिर के निर्माण कार्य लगा हुआ था।उस भाग में श्रद्धालुओं को आगाह करने के लिए सूचना बोर्ड लगानी चाहिए थी,और लोगों का प्रवेश करना उस भाग में बंद करना चाहिए था।जिससे यह घटना रुक जाति और लोगों की जीवन की रक्षा हो जाती।

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