उत्तर प्रदेश के नए सत्र में एडमिशन ले रहे आई टी आई के बच्चों को अब आधुनिक तकनीकों की यानि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बेसिक पढ़ाई जाएगी। जिससे वो इस टेक्नोलॉजी की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस AI का उपयोग करके अपने जीवन को सरल बनाएंगे तथा अपने कामों को आसान बनाएंगे । यह नियम उत्तर प्रदेश के 31 मान्यता प्राप्त आई टी आई संस्थानों में सत्र 2026 – 2027 में एडमिशन ले रहे छात्रों के लिए शुरू की जाएगी।
राज्य में आई टी आई संस्थानों में एआई की पढ़ाई से छात्रों का मनोबल बढ़ेगा। इससे पहले छात्रों को पूर्ण रूप से आई टी आई में औद्योगिक पढ़ाई पढ़ाया जाता था। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के संदर्भ में एक नया कदम उठाते हुए संस्थानों में आगे सत्रों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए नई AI की शिक्षा देने की सौगात दी है।
उत्तर प्रदेश के इन 31 आईटीआई संस्थानों में बेसिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू होगी।
आई टी आई संस्थानों में एडमिशन के लिए उत्तर प्रदेश में 11 जुलाई से 4 अगस्त तक नए सत्र की एडमिशन प्रक्रिया शुरू है। इस सत्र में एडमिशन ले रहे छात्रों को इन राज्य के 31 संस्थानों में ए आई की शिक्षा देने का प्रस्ताव पारित किया है।
इन संस्थानों में मुजफ्फरनगर में मीरपुर और भौंराकलां संस्थान,हरदोई की संडीला आई टी आई संस्थान,कानपुर तहसील में डेरापुर संस्थान, बागपत में बागपत सदर संस्थान, शोहरतगढ़ और भगवानपुर, आगरा में फतेहपुर सीकरी, इन्होंना, सिद्धार्थनगर में खुनियाव, संत कबीर नगर की बघौली और सेमरियावा, देवरिया जिला के बारवामीर और रुद्रपुर में बिजनौर की नटहोर , श्रावस्ती की इकौना में, एटा की अलीगंज में, सदर में हाथरस की बस्ती का रामनगर में, शुकुल बाजार में, अयोध्या जिले की मवाई में, लखीमपुर खीरी की फूलबेहड़ में, कासगंज जिले की गंजडुंडवारा में, इटावा की औरैया और ताखा में, गाजीपुर जिले की जहूराबाद संस्थान, चंदौली की चकिया में, प्रतापगढ़ जिले की रानीगंज और लालगंज में, अमरोहा में, सहसपुर, अमेठी जिले की सिंहपुर के आई टी आई में ए आई की पढ़ाई शुरू की जाएगी।
सरकार का कहना AI सीखने से छात्रों को नौकरी प्राप्त करने का एक अच्छा अवसर।
सरकार ने ये कहते हुए कहा कि आई टी आई में ए आई शिक्षा आ जाने से बच्चों में तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने का एक उत्साह पैदा होगा। जिससे अभी के इस बढ़ते हुए टेक्नोलॉजी के दौर में उन्हें अच्छी रोजगार मिल सकेगी। यह कदम आने वाले भविष्य में आई टी आई के छात्रों के लिए एक वरदान के रूप में साबित होगी।
अभी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रचलन बहुत अधिक बढ़ गया है यह शिक्षा बच्चों को आगे चलकर आसानी से एक बढ़िया नौकरी के अवसर प्रदान कर सकती है। सरकार ने ये भी कहा कि इस नए युग में क्लास के शुरू से ही ए आई सीखने से उनकी तकनीकी की समझ बेहतर होते जाएगी। जिसकी मदद से वे इस क्षेत्र में अलग–अलग नौकरियां पा सकेंगे ।








प्रातिक्रिया दे