आज यानी बुधवार 8 जुलाई को शाम 5 बजे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बेहद दर्दनाक घटना हो गई। इस घटना ने वहां के सभी लोगों को सदमे में डाल दिया। प्रयागराज के बाहरीया थाना क्षेत्र के खालसा गांव में खेतों में करेंट दौड़ाने से 14 साल के अर्पित कुमार पुत्र सुरेंद्र कुमार और 29 वर्षीय कमलेश कुमार पुत्र सीताराम की करेंट की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
आखिर क्यों लगाए थे खेतों में इतनी हाय वोल्टेज करेंट ?
बताया जा रहा है कि आज शाम को लगभग 5 बजे बारिश रुकी तो वो दोनों खेतों में धान की बोआई करने चले गए। जहां उनकी खेत थी। वही बगल में मकई की भी खेती लगी हुई थी। मकई के खेत में सुरक्षा के लिए बिजली की तार लगाई गई थी। चुकी बारिश बहुत तेज हो रही थी ऊपर खेतों में बंधे हुए तार बारिश और हवा के कारण मकई की खेतों में नीचे उतर गई थी।
इस बात से अंजान अर्पित और कमलेश अपने खेतों में डायरेक्ट उतर गए। क्योंकि बारिश की वजह से तार नीचे जमीन के संपर्क में आ गई थी और एक पूरी हाई वोल्टेज करेंट तारों में दौड़ रही थी। अचानक से वो इस हाई वोल्टेज करेंट के चपेट में आ गए और तड़पने लगे।
इस घटना को देख बगल में धान की रोपाई कर रही महिलाओं ने उन्हें तड़पते हुए देखा। फिर उन्होंने लोगों को आवाज लगाई। फिर लोगों ने बिजली की सप्लाई को काटा। लेकिन इन सब चीजों में बहुत देरी के कारण उनकी मौके पर ही तड़प–तड़प कर जान चली गई।
मृतक के परिवार वालों का गांव के आदमी पर आरोप। इस हादसे का आखिर कौन है जिम्मेदार जानिए ?
इस घटना के बाद गांव के लोगों का भीड़ लग गया। लोगों ने तुरंत पुलिस को मौके पर कॉल करके बुला लिया। साथ ही साथ मृतक के पूरे परिवार वाले भी घटना स्थल पर आ पहुंचे। पुलिस ने आते ही दोनों शवों को अपने कब्जे में ले लिया। मृतक के परिजनों का यह आरोप है कि गांव के ही नागेंद्र सिंह ने अपने खेतों में बिजली की तार लगाई हुई थी। उसी की चपेट में आने से इतना बड़ा हादसा हुआ। अर्पित अपने मां–बाप का एक लौता बेटा था, जबकि कमलेश ओर उनके चार और उससे बड़े भाई थे। फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।













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