नोएडा में चोरों द्वारा पीजी के छात्रों को बनाया गया निशाना। चोरी में मिले कीमती उपकरण और कैश पैसे। जानिए पूरी वारदात आखिर क्या हुआ ?

PG students targeted by thieves in Noida

अगर आप पढ़ने के लिए बाहर बड़े–बड़े शहरों में गए है और पीजी या रूम में किराए पर रह हैं, तो हो जाइए सावधान। क्योंकि यह घटना सुनकर आप भी चौक जाएंगे। जी हां यह घटना उत्तर प्रदेश के नोएडा की है। जहां एक चोरों की टोली ने स्टूडेंट को खास कर निशाना बनाया है चोरी करने के लिए। आइये आपको घटना की पूरी जानकारी देता हूँ।।

नोएडा में शातिर चोरों द्वारा चोरी। चोरी के निशाने पर पीजी और फ्लैट। आखिर क्या है इन चोरों की चोरी की कहानी ?

शुक्रवार उत्तर प्रदेश के नोएडा में छात्रों के पीजी और फ्लैटों में चोरी करने वाले चोर को धर दबोचा गया। पुलिस द्वारा पकड़े गए चोरों के पास से काफी चोरी के महंगे–महंगे समान मिले हैं। बताया जा रहा है कि चोरों द्वारा चोरी का समान कुरियर के जरिए तमिलनाडु राज्य में बेचने के लिए भेजा जाता था। इसके अलावा चोरों द्वारा चोरी किए गए इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों को चलते–फिरते राहगीरों को बेचा जाता था।

चोरों के पास से निकले कीमती सामान और नकद पैसे। जानिए क्या–क्या हुए बरामद ?

नोएडा पुलिस ने चोरो के पास से बहुत सारे इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट और कुछ कैश पैसे बरामद किए। पुलिस द्वारा पकड़े गए चोरों के पास से लगभग एक मोटरसाइकिल, 6 लैपटॉप, सात मोबाइल, आधार कार्ड , ड्राइविंग लाइसेंस और 12500 रुपए नकद बरामद किए। साथ हीं चोरों के पास से एक धारदार हथियार चाकू भी बरामद हुआ। फ़िलहाल चोर और बरामद किए गए समान पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।

पीजी में रह रहे छात्र और किराए के मकानों में रह रहे लोग चोरों के मुख्य निशाने पर ?

चोरों के मुख्यतः निशाने पर पीजी में रह रहे छात्र और रेंट पर रह रहे लोग थे। क्योंकि छात्रों के पास पढ़ने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण रहते थे और चोर उन्हें बेचकर मोटा मुनाफा कमाया करते थें।

आखिर कहां का रहने वाला है आरोपी ?

पुलिस ने ये जानकारी देते हुए कहा कि चोर तमिलनाडु राज्य के थे। वह दिल्ली एन सी आर और नोएडा जैसे इलाकों में सक्रिय थे। वह लोगों के मोबाइल , लैपटॉप, गहने आदि चुराकर फरार हो जाते थे। पुलिस के मुताबिक वो कई दिनों तक एक घर या पीजी जैसे स्थानों को देखते रहते थे। मौका मिलने पर जिस जगह की सिक्योरिटी बहुत कमजोर होती थी वो वहां हांथ मार लेते थे। जांच के दौरान ये भी पता चला है कि चोर चोरी किए गए मोटरसाइकिल से ही चोरी के वारदात को अंजाम देते थे।

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