यह लखनऊ की घटना आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगी कि किस तरह मज़दूर या गरीब इंसान अपनी रातों की नींदों को पूरा करने के लिए, बिना किसी सेफ्टी के फुटपाथ पर सोने के लिए मजबूर होते है। अक्सर हमने देखा होगा कि जिनके पास घर नहीं होता वो गरीब सड़क के किनारे बने चलने वाले स्ट्रीट पे अक्सर रात में सो जाते हैं। सोते वक्त उन्हें ये भी पता नहीं रहता कि, हम सड़क के किनार हादसे का शिकार होने वाले है। इसी तरह का एक हादसा उत्तर प्रदेश के लखनऊ राजधानी के मोहनलालगंज में बुधवार 1 जुलाई करीब 2:30 बजे रात में घाटी है।
लखनऊ में कार ने सड़क के किनारे सो रहे परिवारों को कुचला। कैसे हुआ यह हादसा?
उत्तर प्रदेश की राजधानी कही जाने वाली लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक तेज रफ्तार से आ रही कार ने सड़क के किनारे झोपड़ी बना कर सो रहे गरीब आदमियों को कुचल दिया। बताया जा रहा है कि यह घटना लगभग बुधवार 1 जुलाई कि रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच में हुआ है। कार बहुत तेज रफ्तार पकड़कर आ रही थी,तभी कार अचानक से अनियंत्रित हो गई और जब तक कार का ड्राइवर कार को संभालता कार जाकर सड़क किनारे बने दुकानों की टीन शेड को तोड़ते हुए जाकर बगल में सो रहे गरीब मजदूर परिवार के चारपाई को तोड़ते हुए उनके झोपड़ी को तोड़ दिया।
मौके पर उपस्थित लोगों ने आखिर क्या बताया?
जो लोग वहां मौके पर मौजूद थे, उन्होंने यह बताया कि कार बहुत तेज रफ्तार से आ रही थी। अचानक कार ड्राइवर के द्वारा अनियंत्रित हो गई जिससे वहां के दुकानों कि शेड को तोड़ते हुए एक ऑटो रिक्शा से टकरा गई और वह चारपाई पर सो रहे लोगों से जा टकराई। मौके पर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को फोन लगा दिया। यह सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर तुरंत वहां पहुंच गई। जिसके बाद कार के ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया।
इस हादसे में कितने लोग शिकार हुए?
इस भयानक हादसे में लगभग 5 लोग मूल रूप से घायल हुए हैं। हालांकि किसी भी आदमी की खबरों के मुताबिक अभी मृत्यु नहीं हुई है अभी तक। घायल आदमियों की पहचान कुछ इस तरह है। हरिराम (65 वर्षीय) उनकी पत्नी रामललि (उम्र 60 वर्षीय) ,दीपक और अन्य। इस घटना के बाद सभी लोगों को मोहनलालगंज के निजी अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया। जहां पर उन हादसे का शिकार हुए लोगो का प्राथमिक इलाज जारी है।












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