IPL के जाने–माने खिलाड़ी, पंजाब किंग्स के तरफ से खेलने वाले धुरंधर बैट्समैन ‘शशांक सिंह’ और उनके पिता स्पेशल डीजी रह चुके रिटायर्ड ‘शैलेश सिंह’ पर अपने खाना बनाने वाले बावर्ची के साथ मार–पीट का और गाली–ग्लोच का आरोप लगा है। यह घटना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से निकलकर सामने आई है। फिलहाल दोनों के खिलाफ अपने कूक के साथ हिंसात्मक प्रवृत्ति अपनाने के जुर्म में FIR दर्ज कर ली गई है।
पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर ने क्या लगाया दोनों पर आरोप?
भोपाल में क्रिकेटर शशांक सिंह के यहां कूक का काम कर रहे विपेंद्र सिंह तोमर ने शशांक सिंह और उसके पिता शैलेश सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा की खाना अच्छा न बनने की शिकायत को लेकर उनके साथ गाली–ग्लोच की गई। इसके बाद विपेंद्र सिंह तोमर द्वारा काम छोड़ने को कहा गया तो, फिर उसका मोबाइल जबरन छीन लिया गया और फिर शशांक सिंह और उनके पिता शैलेश सिंह ने विपेंद्र सिंह तोमर को मिलकर पीटा।
पीड़ित के साथ मारपीट के बाद का वीडियो वायरल। दिखाई शरीर में मार–पीट के निशान
विपेंद्र सिंह तोमर ने इस वायलेंस के बाद सोशल मीडिया पर रोते–रोते हुए एक वीडियो डाला। जिसमें वो अपने मारपीट के निशान को दिखाते हुए रो रहा था। इसके बाद भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के पुलिस ने इस मामले पर कड़ा एक्शन लेते हुए उन दोनों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। इस मामले को पुलिस द्वारा जांच शुरू कर दी गई है।
सरकारी नौकरी का लालच देकर बुलाया भोपाल। जानिए अंदर की पूरी सच्चाई, क्या है माजरा?
मध्य प्रदेश के रीवा जिले निवासी विपेंद्र सिंह तोमर 31 वर्षीय ने बताया की, उसके परिचित मोहित सिंग सेंगर के द्वारा उसे काम दिलाने के लिए भोपाल बुलाया गया था। विपेंद्र सिंह तोमर को कहा गया कि तुम्हें शैलेश सिंह के यहां खाना बनाने का काम करना है। इसके बाद में वो तुम्हारी सरकारी नौकरी लगवाने में मदद करेंगे।
शशांक सिंह के भोपाल जिले के नीलबड़ स्थित उनके घर में महज 15 हजार पर मंथ पर विपेंद्र सिंह की रहने और खाने की व्यवस्था हुई थी।
5 जून 2026 को भी उनपर मारपीट का आरोप
इसके पहले 5 जून 2026 को विदिशा के गंजबासौदा राजीव विश्वकर्मा ( जो की उनके पुराने शेफ थे) ने भी रिटायर्ड, डीजी शैलेश सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। युवक का आरोप था की उसके नौकरी के दौरान उसे शैलेश सिंह द्वारा घर में बंधक बनाया गया, उसके मोबाइल लुट लिए गए और उसके साथ भी मार–पीट की वारदात की गई थी।













प्रातिक्रिया दे