मेरठ हत्याकांड: ‘मौत की परवाह नहीं, जिसकी बीवी धोखा दे बताओ — मैं मारूंगा’; सुनील की हत्या के बाद प्रदीप धीमान का 4 मिनट का वीडियो वायरल, गिरफ्तार

मेरठ रामराज हत्याकांड — प्रदीप धीमान गिरफ्तार, सुनील की हत्या के बाद वायरल वीडियो

मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। बहसूमा थाना क्षेत्र के रामराज कस्बे के मुख्य बाजार में बुधवार दोपहर करीब 1 बजकर 35 मिनट पर फलावदा निवासी प्रदीप धीमान ने रामराज के जगजीवनपुरी मोहल्ला निवासी सुनील उर्फ सुरेंद्र उर्फ गाबा (28 वर्ष, पुत्र कश्मीर) को सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस क्रूर वारदात के बाद आरोपी ने चलती बाइक पर ही मोबाइल से करीब 4 मिनट का वीडियो रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें उसने खुलेआम मौत की परवाह न करते हुए पुलिस और प्रशासन को ललकारा।

कैसे हुई वारदात?

घटना के समय सुनील अपनी बाइक से रामराज के मुख्य बाजार से गुजर रहा था। इसी दौरान नकाबपोश प्रदीप धीमान मोटरसाइकिल पर आया और पीछे से सुनील पर हमला बोल दिया। उसने सुनील की कमर में पहले गोली मारी, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा। गिरने के बाद भी प्रदीप नहीं रुका और उसने कनपटी सहित कुल चार गोलियां दागीं। रिपोर्ट के अनुसार, हमले के दौरान प्रदीप ने ललकारते हुए कहा — “है कोई माई का लाल जो इसे बचाए?” खून से लथपथ सुनील को अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोलियाँ चलते ही बाजार में अफरातफरी मच गई और लोग भागने लगे।

डेढ़ साल पुरानी रंजिश थी वजह

पूरे मामले की जड़ में एक दर्दनाक पारिवारिक कहानी है। फलावदा थाना क्षेत्र के सनोता गाँव निवासी प्रदीप धीमान की शादी वर्ष 2017 में हस्तिनापुर थाना क्षेत्र के सैपुर कर्मचंदपुर निवासी पूनम से हुई थी। दोनों की दो बेटियाँ हैं — एक पाँच साल और दूसरी तीन साल की। लेकिन करीब डेढ़ साल पहले जब छोटी बेटी महज डेढ़ साल की थी, पूनम दोनों बच्चियों और पति को छोड़कर सुनील के साथ चली गई। कुछ रिपोर्टों के अनुसार दोनों ने बाद में कोर्ट मैरिज भी कर ली थी। प्रदीप ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन हस्तिनापुर थाने में पूनम ने पति के साथ लौटने से साफ इनकार कर दिया और पुलिस ने उसे सुनील के साथ जाने दिया। तभी से प्रदीप के मन में बदले की आग सुलग रही थी।

पुलिस लापरवाही का भी आरोप

सुनील के चाचा सुजीत ने पुलिस की घोर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि करीब छह महीने पहले प्रदीप ने रामराज में उनके घर पर फायरिंग की थी, जिसके बाद मोहल्लेवासियों ने उस पर पथराव कर दिया था और प्रदीप अपना तमंचा वहीं छोड़कर भाग गया था। वह तमंचा पुलिस को सौंपा गया था, लेकिन कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई। सुजीत का कहना है कि यदि पुलिस ने उस समय सख्त कदम उठाए होते, तो सुनील की जान बच सकती थी। सुनील के पिता का बचपन में ही निधन हो गया था और उनका लालन-पालन चाचा ने किया था। सुनील पेशे से किसान था और उसका एक छोटा भाई विजय दिल्ली में नौकरी करता है।

वायरल वीडियो में क्या बोला प्रदीप?

हत्या को अंजाम देने के महज 10 मिनट बाद ही प्रदीप ने बाइक चलाते हुए करीब 4 मिनट का वीडियो बनाया और Facebook तथा Instagram पर वायरल कर दिया। उसकी Instagram ID थी — “मौत का खौफ 302″। वीडियो में उसने कहा कि उसे मौत की कोई परवाह नहीं है और जिसने उसे दुख दिया था, उसे वह मार कर आया है। उसने पुलिस और प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह थाना बहसूमा, थाना फलावदा, थाना हस्तिनापुर और एसएसपी मेरठ किसी से नहीं डरता। उसने अपने परिवार को किसी भी तरह परेशान करने वाले पुलिसकर्मियों — जिनमें एसओ एके शर्मा और दरोगा अनिल कुमार के नाम शामिल थे — को भी जान से मारने की धमकी दी। वीडियो में उसने कफन हाथ में लहराते हुए कहा कि अब उसकी पत्नी पूनम का भी नंबर है। उसने यह भी दावा किया कि हस्तिनापुर पुलिस ने उसे हथियार उठाने पर मजबूर किया। वीडियो में उसने हथियारों को नहर में फेंकने की बात भी कही। साथ ही उसने कहा — “जिसकी बीवी भागे मुझे फोन करो, मैं मारूंगा।”

CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

घटना की पूरी वारदात आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस प्रकार आरोपी ने पहले कमर में गोली मारी, फिर गिरे हुए सुनील के पास आकर दोबारा फायरिंग की। मेरठ के एसपी देहात अभिजीत कुमार ने पुष्टि की कि मृतक के परिजनों की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

परिजनों का जाम, पुलिस पर दबाव

हत्या की खबर फैलते ही सुनील के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। गुरुवार सुबह उन्होंने सुनील का शव ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रखकर पुलिस चौकी के पास जाम लगा दिया और प्रदीप की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की। परिजनों का कहना था कि आरोपी खुलेआम हत्या की धमकी देने वाला वीडियो वायरल करते हुए घूम रहा है, फिर भी पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही।

गिरफ्तारी — पुलिस को देखते ही ताना तमंचा

गुरुवार की सुबह मेरठ पुलिस ने प्रदीप धीमान को मेरठ से ही गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि पुलिस को देखते ही आरोपी ने तमंचा तान लिया, लेकिन पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर उसे दबोच लिया। उसके कब्जे से तमंचा भी बरामद हुआ। उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उसके परिवार के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस ने सुनील के घर रह रही आरोपी की पूर्व पत्नी पूनम को भी सुरक्षा में ले लिया है।

सवाल जो बाकी हैं

यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो यह हत्या रुक सकती थी? पहले की फायरिंग की शिकायत और तमंचा सौंपे जाने के बावजूद आरोपी को खुला क्यों छोड़ा गया? यह घटना कानून व्यवस्था और पारिवारिक विवादों के प्रबंधन में पुलिस की भूमिका पर गहरे सवाल उठाती है।

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