कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 9 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक रहा। रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। साथ ही पाँच वरिष्ठ मंत्रियों ने भी मंत्री पद की शपथ ग्रहण की।
शपथ ग्रहण समारोह: ऐतिहासिक पल
राज्यपाल आर. एन. रवि ने सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत एनडीए के तमाम दिग्गज नेता उपस्थित रहे।
बीजेपी ने 2026 विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। इस चुनाव में 91.66% तक की ऐतिहासिक मतदान प्रतिशत दर्ज की गई।
किन 5 मंत्रियों ने ली शपथ?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ इन पाँच वरिष्ठ बीजेपी नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली:
मंत्री 01 – दिलीप घोष
बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष। खड़गपुर सीट से 30,000 से अधिक मतों के अंतर से विजयी। बंगाल में पार्टी विस्तार के अगुवा।
मंत्री 02 – अग्निमित्रा पॉल
फैशन डिजाइनर से नेता बनीं। आसनसोल दक्षिण से 40,839 मतों से विजय। बीजेपी महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष।
मंत्री 03 – निसिथ प्रामाणिक
पूर्व केंद्रीय मंत्री, उत्तर बंगाल के जाने-माने चेहरे। मुख्यमंत्री व दिलीप घोष के साथ शपथ ग्रहण।
मंत्री 04 – खुदीराम टुडू
आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि, बीजेपी के जनजातीय वर्ग में व्यापक जनाधार। मंत्रिमंडल में जनजातीय प्रतिनिधित्व।
मंत्री 05 – अशोक कीर्तनिया
बांगांव उत्तर से 40,670 मतों से विजयी, मतुआ समुदाय का प्रमुख चेहरा। पूर्व में 2021 में भी विधायक रहे।
टीएमसी के 15 साल के शासन का अंत
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) 2011 से सत्ता में थी। 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटें जीतकर राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिखा। सुवेंदु अधिकारी, जिन्होंने भवानीपुर सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पराजित किया था, राज्य के नौवें मुख्यमंत्री बने।
कैबिनेट विस्तार की संभावना
फिलहाल मुख्यमंत्री सहित कुल छह मंत्री शपथ ले चुके हैं। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार पश्चिम बंगाल में अधिकतम 44 मंत्री हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले हफ्तों में कैबिनेट का बड़ा विस्तार होने की संभावना है। नई सरकार ने राज्य में प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक निवेश और युवाओं के लिए रोजगार को प्राथमिकता देने का संकल्प जताया है।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी से मुलाकात की, जो उनके तत्काल एक्शन में आने का संकेत है।












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