वाशिंगटन/ह्यूस्टन: NASA Artemis II मिशन ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री — कमांडर Reid Wiseman, पायलट Victor Glover, मिशन स्पेशलिस्ट Christina Koch और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (CSA) के Jeremy Hansen — 10 दिनों की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा के बाद 10 अप्रैल 2026 को सुरक्षित पृथ्वी पर लौट आए। NASA का Orion कैप्सूल — जिसका नाम ‘Integrity’ रखा गया था — स्थानीय समय के अनुसार शाम 5:07 बजे (PDT) कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में उतरा।
मिशन की शुरुआत
यह ऐतिहासिक यात्रा 1 अप्रैल 2026 को शाम 6:35 बजे फ्लोरिडा के Kennedy Space Center के Launch Pad 39B से NASA के शक्तिशाली SLS (Space Launch System) रॉकेट की गर्जना के साथ शुरू हुई। 8.8 मिलियन पाउंड के थ्रस्ट के साथ रॉकेट ने Orion अंतरिक्ष यान को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया और सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया।
ऐतिहासिक दूरी का रिकॉर्ड
6 अप्रैल 2026 को दोपहर 1:56 बजे (EDT), चालक दल ने पृथ्वी से 2,48,655 मील की दूरी पार करके इतिहास रच दिया — यह 1970 में Apollo 13 द्वारा स्थापित किसी भी मानव की अधिकतम दूरी का रिकॉर्ड था। इसके बाद मिशन के दौरान यह दूरी बढ़कर अधिकतम 2,52,756 मील तक पहुँच गई। चालक दल ने चंद्रमा की सतह से मात्र 4,067 मील की ऊंचाई पर उड़ान भरी। मिशन के दौरान कुल 6,94,481 मील की यात्रा पूरी की गई।
“Artemis II क्रू घर आ गया। एंट्री, डिसेंट और लैंडिंग सिस्टम ने जैसा सोचा था वैसा ही काम किया। यह पल 14 देशों के हजारों लोगों का है जिन्होंने इस वाहन को बनाया और इस पर भरोसा किया।” — Amit Kshatriya, NASA एसोसिएट एडमिनिस्ट्रेटर
चंद्रमा का फ्लाईबाई और सौर ग्रहण
6 अप्रैल को चंद्रमा के फ्लाईबाई के दौरान चालक दल को एक अनोखा और अद्भुत नजारा देखने को मिला — अंतरिक्ष में एक पूर्ण सूर्यग्रहण। चंद्रमा ने लगभग 54 मिनट तक सूर्य को पूरी तरह ढक लिया, जो पृथ्वी से किसी भी ग्रहण की तुलना में कहीं अधिक लंबा था। पायलट Victor Glover ने चंद्रमा की सतह पर terminator (दिन-रात की सीमा) के बारे में कहा: “वहाँ इतनी जादुई चीजें हैं — रोशनी के टापू, काली खाइयाँ — यह बेहद मनमोहक था।” चालक दल ने चंद्रमा की सतह पर हरे और भूरे रंग के क्षेत्र भी देखे, जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देते।
पृथ्वी पर वापसी
9 अप्रैल को अंतरिक्ष यात्रियों ने वापसी की तैयारी शुरू की — उपकरण सहेजे, सीटें लगाईं और return trajectory correction burn को पूरा किया। 10 अप्रैल को Orion ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय 7:53 बजे 6 मिनट का communication blackout अनुभव किया, जब कैप्सूल के चारों ओर प्लाज्मा बन गया। चालक दल ने इस दौरान 3.9G तक का बल सहन किया। इसके बाद Orion ने 22,000 फीट की ऊंचाई पर drogue parachutes तैनात किए और 6,000 फीट पर तीन मुख्य parachutes खोले, जिससे कैप्सूल सुरक्षित रूप से समुद्र में उतरा।
रिकवरी और स्वास्थ्य जाँच
Splashdown के बाद NASA और अमेरिकी सेना की संयुक्त टीम ने अंतरिक्ष यात्रियों को Orion से बाहर निकाला। USS John P. Murtha पर जाने के लिए उन्हें Navy MH-60 Seahawk हेलीकॉप्टरों से ले जाया गया। जहाज पर उनकी चिकित्सा जांच की गई। कैप्सूल से निकलते समय सभी यात्री उत्साहित थे और selfies ले रहे थे। NASA की recovery director Liliana Villarreal ने बताया कि “वे बेहद खुश थे और सभी का स्वागत कर रहे थे।” 11 अप्रैल को चालक दल Houston के Johnson Space Center वापस पहुँचने की उम्मीद है।
NASA प्रमुख का बयान
“हम चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्री भेजने के व्यवसाय में वापस आ गए हैं। Artemis II ने यान, टीमों, आर्किटेक्चर और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी को साबित किया जो मानवता को चंद्र सतह पर वापस लाएगी।” — Jared Isaacman, NASA Administrator
Artemis III की ओर
Artemis II की सफलता के साथ NASA अब Artemis III की असेंबली पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिसका लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारना है — Apollo युग के बाद पहली बार। इस मिशन से प्राप्त डेटा — Orion के heat shield, navigation systems और life-support technology के प्रदर्शन का विश्लेषण — भविष्य के मिशनों को और सुरक्षित बनाएगा। Artemis IV के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को वास्तव में चाँद पर उतारने की योजना है।












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