नासिक के ‘कैप्टन’ ज्योतिषी अशोक खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जांच में 100+ अश्लील वीडियो

नासिक ज्योतिषी अशोक खरात पुलिस हिरासत में, दुष्कर्म SIT जांच और पापा के आरोप के बाद, महाराष्ट्र राजनीतिक कनेक्शन

नासिक : महाराष्ट्र के नासिक में खुद को ज्योतिषी, अंक ज्योतिषी और ‘गॉडमैन’ बताने वाले अशोक कुमार खरात उर्फ ‘कैप्टन खरात’ के खिलाफ दुष्कर्म, यौन शोषण, जबरन गर्भपात, ब्लैकमेलिंग, आर्थिक ठगी और जमीन विवाद में संदिग्ध मौत जैसे गंभीर आरोपों का बड़ा मामला सामने आया है।
67 वर्षीय इस स्वयंभू धर्मगुरु को नासिक क्राइम ब्रांच ने 18 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया, जिसके बाद लगातार नई पीड़ित महिलाएं सामने आ रही हैं और मामला राज्यव्यापी राजनीतिक तूफान में बदल गया है। उनकी नाटकीय गिरफ़्तारी के बाद से रोज़ नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।

कौन है अशोक कुमार खरात?

अशोक कुमार खरात मूल रूप से मर्चेंट नेवी में रह चुका है और नासिक में ‘कैप्टन’ नाम से मशहूर है।
वह खुद को ज्योतिषी, अंक‑ज्योतिषी, तांत्रिक और दिव्य शक्तियों से संपन्न “अवतारी पुरुष” बताकर लोगों के अतीत‑भविष्य जानने और किस्मत बदलने का दावा करता था।

खरात नासिक जिले के सिन्नर तालुका स्थित मिरगांव में बने श्री ईशानेश्वर (या ईशान्येश्वर) महादेव मंदिर ट्रस्ट/ईशानेश्वर मंदिर ट्रस्ट का चेयरमैन/प्रमुख है और मंदिर व संस्थान के ज़रिए उसने बड़ा नेटवर्क खड़ा किया।
राज्य में राजनीतिक हलचलों के बीच कई वरिष्ठ नेता, मंत्री और अधिकारी उससे “ज्योतिषीय परामर्श” लेने पहुंचे, जिससे उसकी हैसियत और रसूख और बढ़ा।

पहली FIR से लेकर गिरफ्तारी तक

मामला तब खुला जब नासिक की 35 वर्षीय विवाहित महिला ने सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि अशोक खरात ने धार्मिक अनुष्ठानों और भविष्यवाणी के नाम पर उसे नशीला पदार्थ खिलाकर करीब तीन साल तक रेप किया।
शिकायत के अनुसार, नवंबर 2022 से दिसंबर 2025 के बीच आरोपी ने कभी “मंत्रित पानी”, तो कभी दवाइयों और प्रसाद में नशीला पदार्थ मिलाकर पीड़िता को बेहोशी और सम्मोहन की अवस्था में लाकर कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया।

महिला का आरोप है कि शुरू में वह अपने वैवाहिक तनाव हल कराने के लिए परिवार के साथ खरात के पास जाती थी, लेकिन धीरे‑धीरे वह उसके “टोटकों” और “दैवी शक्तियों” के दावों के जाल में फंसती चली गई।
आरोप है कि जब भी वह विरोध या दूरी बनाने की कोशिश करती, तो आरोपी उसे और उसके पति‑परिवार पर अनिष्ट, बीमारी या मौत का डर दिखाकर चुप करा देता।

18 मार्च की रात नासिक क्राइम ब्रांच ने कई घंटों की तलाशी के बाद खरात को उसके घर से हिरासत में लिया और अगले दिन अदालत में पेश किया, जहां से उसे 24 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

कई वर्षों तक दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और शोषण के आरोप

एक अन्य महिला ने FIR में आरोप लगाया है कि 2013 से उसके परिवार की मुलाकातें खरात से शुरू हुईं और बाद में वह वर्षों तक उसके यौन शोषण का शिकार होती रही।
शिकायत के अनुसार, आरोपी उसने उसे “पिछले जन्म की अप्सरा” और “उसकी किस्मत बदलने वाली विशेष आत्मा” बताकर भावनात्मक रूप से अपने जाल में फंसाया और फिर नशीला पदार्थ देकर बलात्कार किया।​

महिला का आरोप है कि इस दौरान वह गर्भवती भी हुई और खरात ने धार्मिक कारणों और भविष्य के डर का हवाला देकर उसका जबरन गर्भपात कराया।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने अश्लील वीडियो और निजी पलों की रिकॉर्डिंग दिखाकर उसे कई साल तक डराया‑धमकाया और चुप रहने के लिए मजबूर किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक सात महीने की गर्भवती महिला ने भी आरोप लगाया कि “अनुष्ठान” के नाम पर निजी केबिन में बुलाकर खरात ने उसके साथ छेड़छाड़ और जबरन संबंध बनाने की कोशिश की, जिसके बाद उसके पति ने छिपा कैमरा लगाकर सबूत इकट्ठा किए।​

100 से अधिक अश्लील वीडियो, ब्लैकमेलिंग और 200 करोड़ की कथित संपत्ति

पुलिस ने खरात के ‘ओक्स प्रॉपर्टी डीलर’ ऑफिस और अन्य ठिकानों पर छापेमारी के दौरान एक पेन‑ड्राइव बरामद की, जिसमें 100 से अधिक अलग‑अलग महिलाओं के साथ कथित रूप से आपत्तिजनक/अश्लील वीडियो क्लिप मिले हैं।
जांच अधिकारियों को शक है कि इन वीडियो का इस्तेमाल महिलाओं को ब्लैकमेल करने और रंगदारी वसूलने के लिए किया जाता था; इनमें कुछ हाई‑प्रोफाइल महिलाओं और सेलिब्रिटीज के शामिल होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी फॉरेंसिक जांच चल रही है।

छापों के दौरान पुलिस ने खरात के पास से एक पिस्तौल, कारतूस और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए, जिनमें और भी डिजिटल सबूत मिलने की संभावना बताई जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी और उससे जुड़े ट्रस्ट/फर्मों के नाम पर करीब 200 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति, प्लॉट और जमीनों के दस्तावेज सामने आए हैं, जिनकी अब आय के स्रोत और वैधता की जांच की जा रही है।

तीन FIR, रंगदारी वसूली और जमीन विवाद में संदिग्ध मौत

अब तक अशोक खरात के खिलाफ कम से कम तीन अलग‑अलग थानों में FIR दर्ज की गई हैं। सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में 35 वर्षीय महिला से दुष्कर्म व यौन शोषण, वावी पुलिस स्टेशन (नासिक ग्रामीण) में अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने, जबकि शिरडी (अहमदनगर) पुलिस स्टेशन में अश्लील फोटो के ज़रिए ब्लैकमेलिंग से जुड़ा केस दर्ज है।

इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि खरात पर एक जमीन विवाद से जुड़ी संदिग्ध मौत/हत्या के आरोप भी लगे हैं।पीड़ित परिवार का आरोप है कि विवादित जमीन पर कब्जा हासिल करने के लिए उनके परिजन की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश थी, हालांकि इस आरोप की जांच अभी शुरुआती चरण में है और पुलिस ने हत्या के मामले में औपचारिक निष्कर्ष घोषित नहीं किए हैं।​

कैसे चलता था कथित ‘आस्था’ और डर का जाल

रिपोर्ट्स के मुताबिक, खरात महिलाओं और परिवारों की कमजोरियों – जैसे वैवाहिक कलह, संतान की चिंता, करियर या स्वास्थ्य का डर – को पकड़कर उन्हें अपने “विशेष उपायों” के भरोसे पर निर्भर बना देता था।
पीड़िताओं का आरोप है कि वह मंत्र‑तंत्र, काला जादू, ग्रह‑दोष और “दैवी दंड” का भय दिखाकर उन्हें मनोवैज्ञानिक रूप से तोड़ देता और फिर नशीली दवाओं व सम्मोहन के ज़रिए उनका यौन शोषण करता रहा।

एक पीड़िता ने स्थानीय मीडिया को बताया कि खरात उससे कहता था – “अगर बात नहीं मानी तो तुम्हारा पति मर जाएगा” – और इसी डर की वजह से वह उसके चंगुल से निकल नहीं पा रही थी। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि बरामद अश्लील वीडियो और चैट्स से यह आशंका मजबूत हुई है कि आरोपी एक संगठित तरीके से महिलाओं को फंसाकर, फिर उनकी निजी रिकॉर्डिंग के सहारे उनसे पैसे और अन्य लाभ लेता था।

राजनीतिक भूचाल — महिला आयोग अध्यक्ष का इस्तीफा

अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद उसके कई फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें वह महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कई अन्य नेताओं के साथ नजर आ रहा है।

इस मामले का सबसे बड़ा राजनीतिक असर यह रहा कि महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को 20 मार्च 2026 को अपना पद गँवाना पड़ा। उनके अशोक खरात के पैर धोने और उनके ट्रस्ट में सदस्यता का वीडियो वायरल हुआ था। विपक्ष ने उनके इस्तीफे के साथ नार्को टेस्ट और सह-आरोपी बनाने की माँग भी की।

सूत्रों के अनुसार CM फडणवीस ने उनकी कोई बात सुनने से इनकार कर दिया और सख्त संदेश दिया कि इससे सरकार की छवि को नुकसान बर्दाश्त नहीं। चाकणकर ने इस्तीफा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को सौंपा। यह महायुति सरकार के 15 महीनों में तीसरा बड़ा इस्तीफा है।

कौन‑कौन सी धाराएं, कौन कर रहा है जांच?

पुलिस ने अशोक खरात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें रेप, यौन शोषण, आपराधिक धमकी, जबरन वसूली, ठगी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।
इसके साथ ही महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, अवैज्ञानिक और अघोरी प्रथाएं तथा काला जादू निवारण अधिनियम, 2013 की धारा 3(1) और 3(2) के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है, क्योंकि आरोपी पर अंधविश्वास और काला जादू के नाम पर शोषण के आरोप हैं।

राज्य सरकार ने IPS अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो यौन शोषण, डिजिटल सबूत, कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क, वित्तीय लेन‑देन और जमीन सौदों – सभी की समानांतर जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि 100 से अधिक वीडियो और अन्य डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच के बाद और भी पीड़ित महिलाएं सामने आ सकती हैं और केस की धाराएं और गंभीर हो सकती हैं।

SIT जांच और पूछताछ: ‘सलाखों में भी भोंदूगिरी जारी’

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसकी अगुवाई नासिक पुलिस आयुक्त कर रहे हैं और राज्य के DGP खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। 23 मार्च को SIT ने अशोक खरात से लगभग 9 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद वह ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। उन्हें 24 मार्च तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

हैरानी की बात यह है कि पुलिस हिरासत में भी खरात अपनी ‘भोंदूगिरी’ से बाज़ नहीं आए — सूत्रों के मुताबिक वह जांच को भटकाने के लिए पुलिसकर्मियों को उनका भविष्य बताने की कोशिश करते रहे। SIT ने खरात और उसके ऑफिस बॉय नीरज जाधव को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की, जिसमें दोनों के बीच तीखी बहस हुई।

सीएम फडणवीस का सख्त रुख

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 22 मार्च को अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा — “इस मामले में किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। जब तक हर प्रभावित महिला को न्याय नहीं मिल जाता, हम चैन से नहीं बैठेंगे।” उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक आलोचनाओं को भी खारिज किया और कहा कि जिनके पास सबूत हैं, वे पुलिस की मदद करें। CM ने स्पष्ट किया कि तस्वीरों से नहीं, सबूतों से फैसला होगा।

वर्तमान स्थिति (23 मार्च 2026 तक)

अशोक कुमार खरात फिलहाल पुलिस हिरासत में है और अदालत ने उसे 24 मार्च 2026 तक रिमांड पर भेजा है, जहां उससे लगातार पूछताछ हो रही है।
SIT टीम नासिक, सिन्नर, शिरडी और पुणे‑मुंबई सहित कई जगहों पर तलाशी और बयान दर्ज कर रही है; जांच एजेंसियां आरोपी से जुड़े वित्तीय लेन‑देन, ट्रस्टों और संपत्तियों की भी फाइलें खंगाल रही हैं, हालांकि अभी तक अदालत में आरोप‑पत्र दाखिल नहीं हुआ है और मामला जांच के चरण में है।

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