भवानीपुर चुनाव परिणाम 2026: ममता बनर्जी 15,104 वोटों से हारीं, सुवेंदु अधिकारी की ऐतिहासिक जीत

भवानीपुर चुनाव परिणाम 2026 - ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी

कोलकाता: भवानीपुर चुनाव परिणाम 2026 ने सबको चौंका दिया है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सर्वेसर्वा ममता बनर्जी अपनी ही पारंपरिक सीट पर करारी शिकस्त से दोचार हुईं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,104 मतों के भारी अंतर से हराकर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया।

मतगणना का रोमांचक घटनाक्रम

4 मई को सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती राउंड में ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए थीं। 8वें राउंड तक वे करीब 15,494 वोटों से आगे चल रही थीं। लेकिन जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़े, पासा पलटता गया। 16वें राउंड में सुवेंदु अधिकारी ने पहली बार बढ़त हासिल की और फिर कभी पीछे नहीं हटे। अंतिम राउंड तक सुवेंदु अधिकारी ने 15,000 से अधिक वोटों की निर्णायक बढ़त बना ली। ममता बनर्जी खुद मतगणना केंद्र पर मौजूद थीं और उनके चेहरे पर तनाव साफ नजर आ रहा था।

सुवेंदु बोले – ‘यह हिंदुत्व की जीत है’

“ममता बनर्जी को हराना बेहद जरूरी था। यह उनकी राजनीति से विदाई है। वार्ड नंबर 77 में जितने भी मुसलमान वोट डालने आए, उन्होंने ममता को वोट दिया — लेकिन हिंदुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों ने मुझे आशीर्वाद दिया। यह जीत हिंदुत्व की जीत है।”

— सुवेंदु अधिकारी, BJP नेता

जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी ने मिठाइयाँ बाँटीं और कार्यकर्ताओं के साथ जश्न मनाया। उन्होंने कहा कि राज्य में ‘हिंदू एकजुटता’ ही इस नतीजे की असली वजह है।

भवानीपुर – ममता का अभेद्य किला था

राजनीतिक दृष्टि से भवानीपुर लंबे समय से ममता बनर्जी की पहचान रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में जब वे नंदीग्राम से हारी थीं, तब TMC के वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने अपनी सीट छोड़ी थी और ममता उपचुनाव में 58,000 से अधिक मतों से भवानीपुर से जीती थीं। 2011 के बाद से TMC यहाँ लगातार जीतती आई थी। लेकिन 2026 में समीकरण बदल गए — सुवेंदु जैसे सधे हुए प्रतिद्वंद्वी और बदले हुए सामाजिक समीकरणों ने इस किले को ढहा दिया।

BJP ने पश्चिम बंगाल में बनाया बहुमत

भवानीपुर सिर्फ एक सीट नहीं थी – यह पूरे चुनाव का प्रतीक थी। और इस प्रतीक के गिरते ही पूरी TMC की साख पर प्रश्नचिन्ह लग गया। BJP ने 292 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में 148 के बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। ताज़ा रुझानों के अनुसार BJP 170 से अधिक सीटों पर आगे थी, जबकि TMC 82 के आसपास सिमट गई। यह बंगाल की राजनीति में तीन दशक बाद का सबसे बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।

ममता की प्रतिक्रिया और TMC का अगला कदम

हार के बाद ममता बनर्जी ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। TMC सूत्रों के अनुसार पार्टी कुछ सीटों पर री-काउंटिंग की माँग कर सकती है। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी उसी दिन राजभवन जा सकती हैं। 92.47% के रिकॉर्ड मतदान और मतदाता सूची से 91 लाख नाम हटाने के विवाद के बीच यह चुनाव शुरू से ही राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र रहा था।

सुवेंदु और ममता का पुराना रिश्ता

सुवेंदु अधिकारी कभी ममता बनर्जी के सबसे करीबी और भरोसेमंद नेताओं में से एक थे। वे ममता के मंत्रिमंडल में भी रहे। लेकिन 2021 में BJP में शामिल होने के बाद उन्होंने नंदीग्राम में ममता को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की थी। 2026 में उन्होंने ममता के सबसे सुरक्षित किले को भी ध्वस्त कर दिया।

बंगाल की राजनीति में यह नतीजा एक नए युग की शुरुआत के संकेत दे रहा है – जहाँ TMC की 15 साल पुरानी सत्ता का अंत और BJP के नए शासन का उदय हो रहा है।

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