मॉस्को के पास यूक्रेनी ड्रोन हमले में भारतीय मजदूर की मौत, तीन घायल – दूतावास ने की पुष्टि

मॉस्को के पास खिम्की में यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद जलती इमारत का दृश्य

मॉस्को (रूस): रूस-यूक्रेन युद्ध की आंच एक बार फिर भारतीयों तक पहुँची है। रविवार को मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन द्वारा किए गए विशाल ड्रोन हमले में एक भारतीय मजदूर की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य भारतीय नागरिक घायल हो गए। रूस में भारतीय दूतावास ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस दुखद घटना की पुष्टि की।

दूतावास ने जारी किया बयान

रूस में स्थित भारतीय दूतावास (@IndEmbMoscow) ने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि मॉस्को क्षेत्र में हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय मजदूर की जान चली गई और तीन अन्य मजदूर घायल हुए हैं। दूतावास के अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों से अस्पताल में मुलाकात की।

“दूतावास इस जीवन के नुकसान पर शोक व्यक्त करता है और कंपनी प्रबंधन एवं स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर मजदूरों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहा है।”

— भारतीय दूतावास, मॉस्को (@IndEmbMoscow), 17 मई 2026

दूतावास ने स्पष्ट किया कि मृतक और घायल मजदूरों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। दूतावास कंपनी प्रबंधन और रूसी स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए प्रभावित परिवारों की मदद में जुटा हुआ है।

ऑयल रिफाइनरी के पास हुआ हमला

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला मॉस्को क्षेत्र में स्थित एक तेल रिफाइनरी और दो ऑयल पंपिंग स्टेशनों को निशाना बनाकर किया गया। घायल भारतीय मजदूर इसी रिफाइनरी के आसपास काम कर रहे थे। यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (SBU) ने पुष्टि की कि इस हमले का उद्देश्य रूस की रक्षा एवं ऊर्जा अवसंरचना को कमजोर करना था।

मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि रातभर मॉस्को की ओर आ रहे 81 ड्रोन को रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराया। इसके अलावा मॉस्को में ही कम से कम 12 लोग घायल हुए, जिनमें से अधिकांश रिफाइनरी के प्रवेश द्वार के पास थे। सोब्यानिन ने बताया कि रिफाइनरी की तकनीकी प्रणाली को कोई नुकसान नहीं हुआ।

यूक्रेन का अब तक का सबसे बड़ा हमला

यह हमला हाल के महीनों में मॉस्को पर यूक्रेन द्वारा किए गए सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक माना जा रहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 24 घंटे की अवधि में 1,000 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन को पूरे रूस में रोका या जाम किया गया। रात भर में करीब 556 ड्रोन को नष्ट किया गया।

इस हमले में तीन लोगों की मौत मॉस्को क्षेत्र में हुई — एक महिला की मौत खिम्की में उसके घर पर मलबा गिरने से हुई, जबकि दो पुरुषों की मौत राजधानी से करीब 10 किलोमीटर उत्तर में पोगोरेल्की गाँव में हुई। बेलगोरोड क्षेत्र में भी एक अन्य व्यक्ति की मौत ड्रोन हमले में हुई।

ज़ेलेंस्की ने हमले को बताया ‘पूरी तरह उचित’

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस हमले की पुष्टि करते हुए इसे “पूरी तरह उचित” करार दिया। ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यूक्रेन के लंबी दूरी के ड्रोन अब मॉस्को क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं और यह रूस के लिए एक स्पष्ट संदेश है।

“रूस के युद्ध को लंबा खींचने और हमारे शहरों व समुदायों पर हमलों के जवाब में हमारी प्रतिक्रिया पूरी तरह उचित है। यूक्रेन के दीर्घ-दूरी के ड्रोन इस बार मॉस्को क्षेत्र तक पहुंचे हैं — हम रूस को साफ संदेश दे रहे हैं: उनके राज्य को यह युद्ध समाप्त करना होगा।”

— वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की, राष्ट्रपति, यूक्रेन

ज़ेलेंस्की ने दावा किया कि इस हमले में ड्रोन ने यूक्रेनी क्षेत्र से 500 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की और मॉस्को की भारी वायु रक्षा प्रणाली को पार किया। उन्होंने ‘X’ पर लक्षित स्थानों से उठता धुआं और आग बुझाते दमकल दल का वीडियो भी साझा किया।

रूस ने बताया ‘आतंकवादी हमला’

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने इस हमले को “जन आतंकवादी हमला” बताते हुए यूक्रेन की कड़ी निंदा की। रूस का कहना है कि यह हमला जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया गया। मॉस्को का सबसे बड़ा हवाई अड्डा भी प्रभावित हुआ, हालाँकि वहाँ कोई नुकसान नहीं हुआ।

यह हमला उस घटना के कुछ दिन बाद हुआ जब रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर अब तक के सबसे भीषण हमलों में से एक को अंजाम दिया था, जिसमें कम से कम 24 लोग मारे गए थे। ज़ेलेंस्की ने उस हमले का बदला लेने की कसम खाई थी।

भारत सरकार की नजर

यह घटना भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रूस में काम करते हैं। भारत सरकार इस मामले पर करीब से नजर बना रही है। भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह मृतक के परिवार और घायलों की हर संभव सहायता सुनिश्चित करेगा।

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