पश्चिम बंगाल: शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या, फर्जी नंबर प्लेट और पूर्व नियोजित साजिश का खुलासा

BJP नेता शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या - मध्यमग्राम, पश्चिम बंगाल

चंद्रनाथ रथ की हत्या: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राजनीतिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। इस बार निशाने पर आए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ। बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, जिससे उनकी मौत हो गई। यह हत्याकांड उस समय हुआ जब राज्य में 9 मई को BJP सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां पूरे जोरों पर थीं।

कैसे हुई हत्या – घटना का पूरा ब्यौरा

रात करीब 11:15 बजे चंद्रनाथ रथ अपनी कार से मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके से गुजर रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दो संदिग्ध वाहन – एक कार और एक बाइक – पहले से उनका पीछा कर रहे थे। पहले कार ने चंद्रनाथ की गाड़ी को ओवरटेक किया और रास्ता रोका, इसके बाद बाइक पर सवार हमलावरों ने बेहद करीबी (पॉइंट ब्लैंक) रेंज से चार राउंड फायरिंग कर दी।

गोलियां चंद्रनाथ के सीने (दिल की बाईं ओर दो गोलियां), सिर और पैर में लगीं। उनके साथ गाड़ी में बैठे ड्राइवर को भी तीन गोलियां लगीं – एक छाती पर, एक पेट में और एक हाथ में। घायल अवस्था में दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित कर दिया। ड्राइवर का इलाज एसएसकेएम अस्पताल में जारी है।

पूर्व नियोजित हत्या – पुलिस को मिले अहम सुराग

पश्चिम बंगाल पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई अचानक हुआ हमला नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘टारगेटेड किलिंग’ थी। पुलिस को मौके से कई अहम सुराग मिले हैं:

  • फर्जी नंबर प्लेट: हमलावरों की बाइक पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी, और संदिग्ध कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।
  • रेकी: प्राथमिक जांच से पता चला है कि हमलावरों ने हत्या से 2-3 दिन पहले चंद्रनाथ की दैनिक दिनचर्या और रूट की बाकायदा रेकी की थी।
  • भागने का प्री-प्लान्ड रास्ता: घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से फरार हो गए। पुलिस जशोर रोड समेत आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
  • कार के शीशे पर गोलियों के निशान: घटनास्थल की तस्वीरों में कार के शीशे पर गोलियों के स्पष्ट निशान देखे गए।

शुभेंदु अधिकारी ने भी खुद दावा किया है कि यह एक गहरी और पेशेवर साजिश का हिस्सा है।

कौन थे चंद्रनाथ रथ?

41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ का जीवन प्रेरणादायक रहा है। रहरा रामकृष्ण मिशन से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने करीब दो दशक तक भारतीय वायुसेना में देश की सेवा की। वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वे शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार और निजी सहायक बने।

वे पूर्वी मिदनापुर के चांदीपुर के रहने वाले थे। उनके परिवार का राजनीतिक इतिहास भी रोचक है — उनकी माँ हसी रथ पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ी पंचायत सदस्य थीं। वर्ष 2020 में जब शुभेंदु अधिकारी ने TMC छोड़कर BJP का दामन थामा, तो चंद्रनाथ का परिवार भी उनके साथ BJP में शामिल हो गया। शुभेंदु के मंत्री रहने से लेकर नेता प्रतिपक्ष बनने तक, चंद्रनाथ हर मोर्चे पर उनकी परछाईं की तरह साथ रहे। बैठकों की व्यवस्था से लेकर जनसंपर्क तक हर जिम्मेदारी वही संभालते थे।

BJP का TMC पर हमला, राजनीतिक तनाव चरम पर

इस हत्याकांड के बाद BJP ने सीधे तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। BJP का कहना है कि विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद TMC बौखला गई है और अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बना रही है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे TMC कार्यकर्ताओं का हाथ है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP ने 294 में से 207 सीटें जीतकर ममता बनर्जी की TMC को 15 साल बाद सत्ता से बेदखल कर दिया था। इस ऐतिहासिक जीत के बाद से राज्य में हिंसा की घटनाओं में तेजी आई है।

इसी रात पानीहाटी में भी बमबाजी की घटना हुई। दोनों घटनाएं उत्तर 24 परगना जिले में हुई हैं, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मध्यमग्राम और कोलकाता में हाईअलर्ट जारी कर दिया गया है।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने देर रात प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की। उन्होंने चेताया कि चुनाव से पहले और नतीजों के बाद जो हिंसा का तांडव बंगाल में चल रहा है, उसे रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे।

BJP के वरिष्ठ नेता संबित पात्रा ने भी TMC पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा की यह श्रृंखला सत्ता परिवर्तन को बाधित करने की सुनियोजित कोशिश है।

शपथ ग्रहण से पहले की हत्या – बड़ा राजनीतिक संदेश?

यह हत्या उस समय हुई है जब BJP ने 9 मई 2026 को शपथ ग्रहण समारोह की घोषणा की थी। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, और BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शपथ ग्रहण से ठीक पहले BJP के करीबी पर इस तरह का हमला महज संयोग नहीं हो सकता।

जांच की स्थिति

  • पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
  • CCTV फुटेज की गहन जांच की जा रही है।
  • संदिग्ध कार और फर्जी नंबर प्लेट को साक्ष्य के तौर पर जब्त किया गया है।
  • हत्या के मामले में TMC कार्यकर्ताओं पर संदेह जताया जा रहा है, हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
  • न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक शुभेंदु अधिकारी स्वयं चंद्रनाथ की हत्या की खबर मिलते ही मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए।

निष्कर्ष

पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की इस दुर्दशा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राज्य में राजनीतिक हिंसा की संस्कृति कभी खत्म हो पाएगी? चंद्रनाथ रथ जैसे पूर्व सैनिक, जिन्होंने वायुसेना में देश की सेवा की, उनका इस तरह राजनीतिक हिंसा का शिकार होना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है। पुलिस जांच जारी है और पूरे देश की निगाहें इस मामले में न्याय की उम्मीद लिए टिकी हैं।

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