शादाब जकाती गिरफ्तारी की पूरी कहानी: वायरल रील से पुलिस एक्शन तक

शादाब जकाती गिरफ्तारी: विवादास्पद रील पर पुलिस की कार्रवाई, कोर्ट से मिली जमानत

उत्तर प्रदेश : मेरठ के मशहूर यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शादाब जकाती को 27 नवंबर 2025 को इंचोली पुलिस स्टेशन द्वारा गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी उनके एक विवादास्पद रील के कारण हुई, जिसमें उन्होंने कथित रूप से एक नाबालिग बच्ची और महिलाओं से अश्लील टिप्पणी की थी। हालांकि, गिरफ्तारी के लगभग 90 मिनट बाद ही शादाब को कोर्ट से जमानत मिल गई।

शादाब जकाती कौन हैं?

शादाब जकाती मेरठ, उत्तर प्रदेश के एक प्रसिद्ध यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर हैं। वह अपने वायरल डायलॉग “10 रुपए वाला बिस्कुट कितने का है जी” से सोशल मीडिया पर रातोंरात मशहूर हो गए थे। शादाब मुख्यतः फैमिली-थीम्ड कॉमेडी कंटेंट और शॉर्ट रील्स बनाते हैं, जो YouTube, Instagram और Facebook पर वायरल होती हैं।

विवादास्पद रील में क्या था?

27 नवंबर को वायरल हुई शादाब की रील में वह एक दुकानदार की भूमिका निभा रहे थे। इस रील में एक नाबालिग बच्ची और दो महिलाएं शामिल थीं। रील में शादाब कथित रूप से बच्ची की सुंदरता की प्रशंसा करते हुए दोहरे अर्थ वाली टिप्पणियां कर रहे थे। एक दृश्य में, शादाब दरवाजे पर खड़ी महिला से “किस देने” की जगह पैसे देने को कहते दिख रहे थे, जिसे कई लोगों ने अनुचित माना।

लगभग 1 मिनट 8 सेकंड की यह रील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा।

शिकायत दर्ज और पुलिस कार्रवाई

मेरठ के BJP नेता और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल ठाकुर ने सबसे पहले शादाब जकाती के खिलाफ शिकायत दर्ज की। राहुल ठाकुर ने न केवल पुलिस के पास शिकायत की, बल्कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और महिला आयोग को भी इस मामले की जानकारी दी।

इसके अलावा, मेरठ के स्थानीय निवासी अनीस ने भी पुलिस में रिपोर्ट दर्ज की।

कानूनी धाराएं और एफआईआर(FIR)

इंचोली पुलिस स्टेशन के SHO जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने शादाब जकाती के खिलाफ निम्नलिखित कानूनी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया:

  • धारा 296 (BNSS) – अश्लील हरकतें
  • धारा 67 (सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम) – अश्लील सामग्री को ऑनलाइन प्रकाशित या प्रसारित करना

शिकायतकर्ताओं ने POCSO Act के तहत भी कार्रवाई की मांग की थी, हालांकि यह फिलहाल के आरोपों में शामिल नहीं है।

गिरफ्तारी और कोर्ट में प्रस्तुति

27 नवंबर 2025 को दोपहर लगभग 4 बजे पुलिस ने शादाब जकाती को उनके घर से गिरफ्तार किया। उन्हें अपने साथ पूछताछ के लिए इंचोली पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

गिरफ्तारी के बाद, शादाब को SDM (अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट) डॉक्टर दीक्षा जोशी के कोर्ट में पेश किया गया।

जमानत और रिहाई

शादाब के वकील सयद मोहम्मद ज़मीर ने कोर्ट में तर्क दिया कि:

  • रील में दिखने वाली बच्ची शादाब की अपनी बेटी है
  • रील में दिखने वाली महिला शादाब की पत्नी है
  • रील में कोई अश्लील सामग्री या जनता की शांति को भंग करने वाली कार्रवाई नहीं है

कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद लगभग 90 मिनट में जमानत मंजूर कर दी। शादाब को कोर्ट में माफीनामा (apology) और शपथ पत्र (affidavit) देने पर छोड़ दिया गया।

गिरफ्तारी के बाद शादाब की प्रतिक्रिया

जमानत मिलने के बाद शादाब जकाती मीडिया के सामने आए और अपनी पूरी बात समझाई:

“मैंने यह वीडियो अपनी बेटी के साथ बनाया था। इसमें मैंने केवल यह कहा था कि अगर यह बच्ची इतनी प्यारी और खूबसूरत है, तो उसकी मां भी उतनी ही खूबसूरत होगी। मैं उसकी तारीफ कर रहा था। मुझे नहीं लगा कि इसमें कुछ गलत है। मैंने वीडियो को पोस्ट करने से पहले सोच-समझकर देखा था, लेकिन बाद में जब मुझे लगा कि लोग नाराज हो गए हैं तो मैंने इसे डिलीट कर दिया।”

शादाब ने यह भी कहा कि उन्हें खेद है कि शिकायत उनके ही शहर मेरठ से आई। उन्होंने कहा कि भारत भर के लोगों ने उन्हें बहुत प्यार दिया है, लेकिन अपने ही शहर के लोगों की नकारात्मक प्रतिक्रिया से उन्हें दर्द हुआ।

महत्वपूर्ण कदम

गिरफ्तारी के बाद शादाब ने निम्नलिखित कदम उठाए:

  1. वीडियो हटाया – शादाब ने विवादास्पद रील को अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (YouTube, Instagram, Facebook आदि) से डिलीट कर दिया
  2. सार्वजनिक माफी – उन्होंने जनता से माफी मांगी और कहा कि “अगर किसी को इससे चोट पहुंची है तो मुझे खेद है”
  3. भविष्य की प्रतिज्ञा – कोर्ट में शपथ पत्र देते समय उन्होंने भविष्य में ऐसी रील न बनाने का वादा किया

समाज और मीडिया की प्रतिक्रिया

शादाब की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग विचार सामने आए:

समर्थकों का दृष्टिकोण:

  • कई लोगों का मानना है कि शादाब के खिलाफ कार्रवाई अत्यधिक थी
  • उनका तर्क है कि रील में कोई अश्लील भाषा नहीं थी
  • परिवार के साथ बने कंटेंट को सकारात्मक रूप से देखना चाहिए

आलोचकों का दृष्टिकोण:

  • कंटेंट क्रिएटर्स को बच्चों के साथ रील बनाते समय सावधानी बरतनी चाहिए
  • नाबालिगों को वायरल कंटेंट में शामिल करने से पहले सोचना चाहिए
  • इंटरनेट पर सामग्री को जिम्मेदारी से प्रकाशित किया जाना चाहिए

कानूनी पहलू और महत्व

यह मामला भारत में इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है:

  1. बाल सुरक्षा – नाबालिगों को सोशल मीडिया कंटेंट में सावधानी से शामिल किया जाना चाहिए
  2. कानूनी जिम्मेदारी – BNSS और IT Act के तहत अश्लील कंटेंट पर सख्त कानून हैं
  3. सामाजिक जिम्मेदारी – इन्फ्लुएंसर्स का समाज के प्रति दायित्व है
  4. POCSO Act – बच्चों के साथ कंटेंट में किसी भी प्रकार की असावधानी POCSO Act के तहत गंभीर आरोप पैदा कर सकती है

शादाब जकाती का भविष्य

शादाब को जमानत मिल गई है, लेकिन कानूनी कार्यवाही अभी जारी है। कोर्ट के फैसले का इंतजार करना होगा। यह मामला सोशल मीडिया पर जिम्मेदार कंटेंट बनाने की चेतावनी है।

निष्कर्ष

शादाब जकाती का मामला भारत में डिजिटल कंटेंट, विशेषकर बच्चों को शामिल करके बनाई गई सामग्री के संबंध में एक महत्वपूर्ण केस स्टडी बन गया है। भले ही शादाब को जमानत मिल गई हो, लेकिन यह घटना सभी कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक सीख है।

यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स को चाहिए कि:

  • बच्चों को लेकर रील न बनाएं या बेहद सावधानी बरतें
  • सोशल मीडिया पर जिम्मेदार कंटेंट बनाएं
  • कानूनी सीमाओं को समझें और उनका पालन करें
  • दर्शकों की संवेदनशीलता का ख्याल रखें

FAQ सेक्शन

Q1: शादाब जकाती को किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया?

A: शादाब जकाती को BNSS की धारा 296 (अश्लील हरकतें) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत गिरफ्तार किया गया।

Q2: शादाब जकाती को कितनी देर में जमानत मिल गई?

A: गिरफ्तारी के लगभग 90 मिनट (1.5 घंटे) के अंदर ही शादाब को कोर्ट से जमानत मिल गई।

Q3: विवादास्पद रील में कौन-कौन थे?

A: रील में शादाब, उनकी बेटी, उनकी पत्नी और एक अन्य महिला थी।

Q4: शादाब जकाती की शिकायत किसने की?

A: BJP नेता और सामाजिक कार्यकर्ता राहुल ठाकुर और मेरठ के स्थानीय निवासी अनीस ने शिकायत की।

Q5: शादाब जकाती किन कारणों से प्रसिद्ध थे?

A: शादाब “10 रुपए वाला बिस्कुट कितने का है जी” डायलॉग से सोशल मीडिया पर मशहूर हुए थे।

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