NCERT किताब विवाद: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला – डोमेन एक्सपर्ट कमेटी गठित करने का आदेश

NCERT किताब विवाद में सुप्रीम कोर्ट का आदेश — Domain Expert Committee गठन अनिवार्य, SC Verdict 11 मार्च 2026

सुप्रीम कोर्ट ने आज NCERT कक्षा 8 पुस्तक विवाद में बड़ा फैसला सुनाया। केंद्र सरकार को Domain Expert Committee गठित करने का आदेश, अध्याय लिखने वाले तीन विशेषज्ञ Blacklist, और बिना कमेटी की मंजूरी के पुस्तक प्रकाशन पर पूर्ण रोक।

Domain Expert Committee का गठन अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट ने NCERT किताब विवाद में एक ऐतिहासिक आदेश सुनाया। CJI जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने स्पष्ट आदेश दिया कि विवादित क्लास 8 की सोशल साइंस टेक्स्टबुक अध्याय IV को यदि दोबारा लिखा गया है, तो उसे एक उच्च-स्तरीय Domain Expert Committee की मंजूरी मिलने से पहले प्रकाशित नहीं किया जाएगा।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस कमेटी में अनिवार्य रूप से शामिल हों:

  • एक पूर्व वरिष्ठ न्यायाधीश
  • एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्
  • एक प्रख्यात विधि व्यवसायी (Jurist)

कोर्ट ने यह भी कहा कि National Judicial Academy, Bhopal से इस अध्याय की तैयारी में परामर्श लिया जाए और यह पूरी कमेटी एक सप्ताह के भीतर गठित की जाए।

NCERT के रुख से सुप्रीम कोर्ट “Disturbed”

आज की सुनवाई में सबसे चौंकाने वाला खुलासा NCERT निदेशक प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी के हलफनामे से हुआ। हलफनामे में लिखा था कि विवादित अध्याय को “दोबारा लिख दिया गया है” और 2026-27 शैक्षणिक सत्र से इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर दिया जाएगा — यह सब बिना कोर्ट की जानकारी या अनुमति के।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा:

“हमें इस बात से गहरी निराशा है कि न्यायपालिका के बारे में अगली पीढ़ी को पढ़ाने वाली कमेटी में एक भी प्रख्यात न्यायविद् शामिल नहीं था।”

इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी नोट किया कि हलफनामे में यह नहीं बताया गया कि अध्याय को दोबारा किन “Domain Experts” ने लिखा और किसने मंजूरी दी। इस पर Solicitor General तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वस्त किया —

“कमेटी की मंजूरी बिना किताब में कुछ भी नहीं जाएगा।”

तीन लेखक Blacklist – डैनिनो, दिवाकर और प्रसन्ना कुमार

आज के सबसे बड़े फैसलों में से एक यह रहा कि सुप्रीम कोर्ट ने विवादित अध्याय तैयार करने में शामिल तीनों व्यक्तियों को भविष्य के लिए Blacklist कर दिया।

NCERT निदेशक के हलफनामे से खुलासा हुआ था कि:

  • विजिटिंग प्रोफेसर Michel Danino — विवादित अध्याय की तैयारी की देखरेख इन्होंने की थी।
  • सुश्री Suparna Diwakar — अध्याय निर्माण प्रक्रिया में इनकी सहभागिता थी।
  • श्री Alok Prasanna Kumar — ये भी इस प्रक्रिया में शामिल थे।

इसके साथ ही यह भी सामने आया कि अध्याय को National Syllabus and Teaching Learning Material Committee (NSTMC) की मंजूरी लेनी थी, लेकिन इसे केवल NSTMC के कुछ सदस्यों को डिजिटल रूप से सर्कुलेट किया गया था — पूरी समिति की स्वीकृति नहीं ली गई।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा:

“हमें यह मानने का कोई कारण नहीं है कि Professor Michel Danino, Ms Diwakar और Mr Alok Prasanna Kumar को भारतीय न्यायपालिका का उचित ज्ञान नहीं था, या उन्होंने जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर कक्षा 8 के छात्रों के सामने न्यायपालिका की नकारात्मक छवि पेश की। ऐसे व्यक्तियों को अगली पीढ़ी के पाठ्यक्रम की तैयारी से किसी भी रूप में जोड़ा नहीं जाना चाहिए।”

कोर्ट ने आदेश दिया कि केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारें इन तीनों को किसी भी curriculum या textbook परियोजना से नहीं जोड़ें।

Social Media पर गैर-जिम्मेदाराना पोस्ट पर भी कड़ा रुख

कोर्ट ने आज उन सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी कड़ी आपत्ति जताई जिन्होंने कोर्ट के पिछले आदेश के बावजूद विवादित सामग्री को गैर-जिम्मेदाराना तरीके से पोस्ट और शेयर किया।

सभी NCERT किताबों की व्यापक समीक्षा का आदेश

Solicitor General तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकार ने NCERT को सिर्फ कक्षा 8 नहीं, बल्कि सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों की व्यापक समीक्षा करने का निर्देश दिया है।

मुख्य तथ्य एक नज़र में

विषयविवरण
विवादित पुस्तकExploring Society: India and Beyond (Part II), कक्षा 8
विवादित अध्यायअध्याय 4 — न्यायपालिका की भूमिका
पुस्तक प्रकाशन23 फरवरी 2026
SC का पहला आदेश26 फरवरी 2026 — पूर्ण प्रतिबंध, अवमानना नोटिस
NCERT माफी10 मार्च 2026 — बिना शर्त सार्वजनिक माफी
पुस्तक स्थितिपूरी तरह वापस (बाजार + वेबसाइट)
BlacklistMichel Danino, Suparna Diwakar, Alok Prasanna Kumar
आज का आदेश11 मार्च 2026 — Domain Expert Committee अनिवार्य
SC BenchCJI जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस बागची, जस्टिस पंचोली
अगला कदम1 सप्ताह में कमेटी गठन, NJA Bhopal से परामर्श

निष्कर्ष

NCERT किताब विवाद अब केवल एक पाठ्यपुस्तक के विवादित अध्याय तक सीमित नहीं रहा — यह भारत में शैक्षिक पारदर्शिता, न्यायपालिका की गरिमा और पाठ्यपुस्तक निर्माण की जवाबदेही पर एक बड़े सवाल का रूप ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट का Domain Expert Committee का आदेश एक ऐतिहासिक कदम है जो भविष्य में NCERT सहित सभी शैक्षणिक निकायों के पाठ्यक्रम निर्माण को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाएगा। मामले की सुनवाई अभी जारी है।

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