वाशिंगटन : NASA के Van Allen Probe A अंतरिक्ष यान ने 11 मार्च 2026 की सुबह लगभग 6:37 बजे (ET) पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया। करीब 600 किलोग्राम (1,323 पाउंड) वजनी यह यान भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के ऊपर — मेक्सिको के दक्षिण और इक्वाडोर के पश्चिम में — वायुमंडल से टकराया। खगोल भौतिकविद् जोनाथन मैकडॉवेल और अमेरिकी स्पेस फोर्स के आंकड़ों के अनुसार यान का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो गया, लेकिन कुछ घटकों के बचने की संभावना थी।
क्या था Van Allen Probe A और इसका मिशन क्या था?
NASA ने अगस्त 2012 में Van Allen Probe A और Van Allen Probe B को एक जोड़ी के रूप में अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया था। इन दोनों यानों का उद्देश्य पृथ्वी के चारों ओर स्थित Van Allen विकिरण पट्टियों (Radiation Belts) का गहन अध्ययन करना था। ये पट्टियाँ उच्च-ऊर्जा कणों की दो विशाल परतें हैं जो पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में 640 किमी से लेकर 58,000 किमी की ऊँचाई तक फैली हुई हैं। ये पट्टियाँ पृथ्वी को ब्रह्मांडीय विकिरण, सौर तूफानों और सौर वायु से सुरक्षित रखती हैं।
यह मिशन शुरुआत में केवल दो वर्षों के लिए था, परंतु दोनों यानों ने सभी अपेक्षाओं को पार करते हुए लगभग सात साल तक काम किया। इस मिशन के दौरान वैज्ञानिकों ने एक तीसरी विकिरण पट्टी की खोज की — यह पट्टी तीव्र सौर गतिविधि के दौरान अस्थायी रूप से बनती है। इस खोज सहित इन यानों के अध्ययन पर सैकड़ों वैज्ञानिक शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
2034 की बजाय 2026 में क्यों लौटा यह यान?
जब 2019 में यान का ईंधन समाप्त हुआ और मिशन खत्म हुआ, तब NASA के विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि यह यान 2034 तक पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। परंतु यह अनुमान गलत साबित हुआ। NASA के अनुसार, इन गणनाओं में वर्तमान सौर चक्र की असाधारण सक्रियता को ध्यान में नहीं रखा गया था। 2024 में वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि सूरज अपने ‘सौर अधिकतम’ (Solar Maximum) चरण में पहुँच चुका है, जिसकी वजह से तीव्र अंतरिक्ष मौसम की घटनाएँ बढ़ गईं।
इस बढ़ी हुई सौर गतिविधि ने पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल को अधिक फुलाया (expand), जिससे यान पर वायुमंडलीय खिंचाव (atmospheric drag) बढ़ गया और यह अनुमानित समय से लगभग 8 साल पहले ही पृथ्वी की कक्षा से बाहर खिंच आया। Van Allen Probe B पर इस सौर गतिविधि का कम प्रभाव पड़ा है और वह 2030 से पहले वायुमंडल में प्रवेश नहीं करेगा।
क्या पृथ्वी पर लोगों को कोई खतरा था?
NASA ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को चोट लगने की संभावना लगभग 1 में 4,200 थी, जिसे एजेंसी ने ‘कम जोखिम’ (low risk) की श्रेणी में रखा। इसका कारण यह है कि पृथ्वी की सतह का लगभग 70% हिस्सा जल से ढका है, जिससे किसी बचे हुए मलबे के खुले महासागर में गिरने की संभावना कहीं अधिक थी। वास्तव में यान भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में गिरा।
अंतरिक्ष-ट्रैकिंग कंपनी LeoLabs के वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. डैरेन मैककाइट ने कहा कि 1 में 4,200 की संभावना मानवजाति के लिए कोई बुरा दिन नहीं है। इससे पहले अन्य घटनाओं में 1 में 1,000 तक की संभावना रही है और कुछ नहीं हुआ। यह 2018 में चीन के अंतरिक्ष स्टेशन की री-एंट्री की तुलना में कम जोखिम भरा था।
अंतरिक्ष मलबे के नियम और NASA की नीति
NASA की नीति के अनुसार, अमेरिका द्वारा लॉन्च किए गए सभी यानों को मिशन समाप्ति के 25 वर्षों के भीतर या तो वायुमंडल में जलाकर नष्ट किया जाना चाहिए या उन्हें ‘ग्रेवयार्ड ऑर्बिट’ (Graveyard Orbit) में रखा जाना चाहिए। Van Allen Probe को शुरू से ही वायुमंडल में जलाकर नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। मिशन के अंत में यान से बचा हुआ ईंधन भी बाहर निकाल दिया गया था ताकि यह नियंत्रित तरीके से अपनी कक्षा से बाहर आ सके।
निष्क्रिय यानों को कक्षा में छोड़ना खतरनाक हो सकता है — वे सक्रिय उपग्रहों या अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से टकरा सकते हैं। इसीलिए अंतरिक्ष मलबे का प्रबंधन आज वैश्विक अंतरिक्ष एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है।
Van Allen Probe की वैज्ञानिक उपलब्धियाँ
Van Allen Probes वे पहले यान थे जिन्होंने विकिरण पट्टियों में लंबे समय तक काम किया — जो आमतौर पर यानों के इलेक्ट्रॉनिक्स को नुकसान पहुँचाती हैं। इन्होंने इस क्षेत्र में काम करने के सभी रिकॉर्ड तोड़े। प्रमुख वैज्ञानिक उपलब्धियों में शामिल हैं: एक तीसरी अस्थायी विकिरण पट्टी की पहली बार खोज; विकिरण पट्टियों में कणों के जुड़ने और खोने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी; सौर तूफानों के दौरान पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र पर प्रभाव का अध्ययन; तथा अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) की भविष्यवाणी में सुधार। इस मिशन के आँकड़ों पर सैकड़ों वैज्ञानिक शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं और वैज्ञानिक अभी भी इन आँकड़ों का उपयोग कर रहे हैं।
Van Allen Probe B का भविष्य
Van Allen Probe A का जुड़वाँ यान, Van Allen Probe B, भी अब 2030 से पहले पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने की राह पर है। NASA और U.S. Space Force इस यान की भी नियमित निगरानी कर रहे हैं। Probe A पर जो बढ़ा हुआ सौर-चक्र प्रभाव पड़ा, वह Probe B पर कम देखा गया है, अतः उसकी री-एंट्री की तारीख अभी निश्चित नहीं है।
Van Allen Probe A का यह मामला हमें दो महत्वपूर्ण सबक देता है। पहला, सूर्य की असाधारण गतिविधि अंतरिक्ष मिशनों की योजनाओं को बदल सकती है। दूसरा, अंतरिक्ष मलबे का प्रबंधन आने वाले दशकों में और भी जटिल होता जाएगा। इस यान ने 14 वर्षों तक अंतरिक्ष में रहकर मानवता के ज्ञान में अमूल्य योगदान दिया और अंत में पृथ्वी की गोद में वापस आ गया।











प्रातिक्रिया दे