ब्रज के प्रसिद्ध गौ-सेवक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की तस्करों ने बाइक पीछा करते समय गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी — दिल्ली-आगरा हाईवे जाम, पथराव में पुलिस के वाहन क्षतिग्रस्त, सेना तैनात
क्या है पूरा मामला?
मथुरा (उत्तर प्रदेश): ब्रज क्षेत्र में गौ-संरक्षण के लिए जाने जाने वाले चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की गौ तस्करों ने निर्मम हत्या कर दी है। बताया जा रहा है कि बाबा गौ तस्करों को बाइक से खदेड़ रहे थे, इसी दौरान तस्करों ने अपना वाहन (ट्रक) उनके ऊपर चढ़ा दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
यह घटना ऐसे समय में हुई जब पूरे देश में ईद का त्योहार मनाया जा रहा था। बाबा की हत्या की सूचना फैलते ही ब्रज में भारी आक्रोश फैल गया। हजारों की संख्या में गौ-सेवक और ग्रामीण दिल्ली-आगरा हाईवे पर एकत्रित हो गए और जाम लगा दिया।
कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?
चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ ब्रज मंडल में गौ-संरक्षण के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम थे। वे अपने गांव अंजनोख में गोशाला संचालित करते थे और गौ तस्करों के खिलाफ मोर्चा खोलने के लिए प्रसिद्ध थे। अपने निडर स्वभाव और गौ-वंश की रक्षा के प्रति अदम्य साहस के कारण वे ब्रज क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय थे। उन्हें अक्सर एक फरसा (कुल्हाड़ी) लेकर गश्त करते देखा जाता था, इसीलिए उनका नाम ‘फरसा वाले बाबा’ पड़ा।
घटना का पूरा विवरण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ‘फरसा वाले बाबा’ को सूचना मिली कि कुछ गौ तस्कर गायों को लेकर इलाके से गुजर रहे हैं। बाबा बाइक पर सवार होकर तस्करों का पीछा करने लगे। तस्करों ने जब देखा कि वे पकड़े जा सकते हैं, तो उन्होंने अपना भारी वाहन (ट्रक/गाड़ी) बाबा की ओर मोड़ दिया और उन्हें कुचल दिया। इस बर्बर हमले में बाबा की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए नाकाबंदी कर दी है और विभिन्न चेकपोस्टों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
हाईवे जाम, पथराव और बवाल — क्षेत्र में तनाव
बाबा की हत्या की खबर फैलते ही हिंदूवादी संगठनों और गौ-सेवकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए भारी पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में
- एसडीएम की गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई।
- पुलिस के कई वाहनों पर पत्थर फेंके गए।
- पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
- पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
- प्रदर्शनकारियों ने बड़ी संख्या में हाईवे पर डेरा जमाया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की टुकड़ी को भी बुलाया गया, जिसने मोर्चा संभाला। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन गुस्साई भीड़ नहीं मानी।
पार्थिव शरीर पहुंचा गांव, उमड़े हजारों समर्थक
‘फरसा वाले बाबा’ का पार्थिव शरीर उनके गांव अंजनोख स्थित उनकी गोशाला पर पहुंचा, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण, गौ-भक्त और संत-महात्मा एकत्रित हुए। उनकी हत्या की खबर सुनकर संत समाज और हिंदूवादी संगठनों में गहरा शोक और रोष व्याप्त है। श्रद्धालु बाबा को श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं और सरकार से न्याय की मांग कर रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस ने मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपी गौ तस्करों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं। क्षेत्र में धारा 144 जैसी सख्त व्यवस्था लागू की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद मौके पर मौजूद हैं और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
ज्ञात हो कि इस घटना से पहले भी ब्रज क्षेत्र में गौ तस्करी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ‘फरसा वाले बाबा’ कई बार तस्करों के खिलाफ मुखर रहे थे और उन्होंने पुलिस को भी कई बार सतर्क किया था।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और मांगें
इस जघन्य हत्याकांड की निंदा विभिन्न हिंदूवादी संगठनों, संत समाज और राजनीतिक दलों ने की है। सभी ने एकमत होकर मांग की है कि —
- आरोपी गौ तस्करों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
- पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाए।
- गोशाला का संचालन सुरक्षित रखा जाए।
- ब्रज क्षेत्र में गौ तस्करी पर स्थायी रोक लगाई जाए।
बड़ी संख्या में गौ-भक्त और हिंदूवादी संगठन आरोपियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं।
सीएम योगी का संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘फरसा वाले बाबा’ की हत्या का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। सीएम ने साफ कहा —
“घटना में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जाए और किसी भी हाल में बख्शा न जाए।”












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