जमशेदपुर – Dhoom Viral Boy के बारे में पिछले कुछ दिनों में जो अफवाहें फैल रही थीं, वह सब झूठ हैं। इस खुलासे के साथ ही Azad Reporter News ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू पेश किया है, जिसमें न केवल वायरल बॉय धूम (पिंटू प्रसाद) बल्कि उनके पुनर्वास में मुख्य भूमिका निभाने वाले सौरभ तिवारी (अस्तित्व फाउंडेशन के संस्थापक) भी मौजूद हैं। ट्रेंडिंग नाउ इस इंटरव्यू का सम्पूर्ण क्रेडिट अंसार जी (Azad Reporter News ) देती है।
मुख्य अंश (Highlights)
“अभी हम जिंदा हैं” — धूम का सीधा बयान
इंटरव्यू में जब धूम से पूछा गया कि पिछले दिनों उनके देहांत की खबरें आई थीं, तो उन्होंने बेहद सीधे-सादे अंदाज़ में जवाब दिया: “अभी हम जिंदा हैं (#AbhiHumJindaHai)।” यह बयान एक साथ ही चंद व्यूज़ और लाइक्स के लिए मानवीय संवेदना को कुचलने वाले सोशल मीडिया ट्रेंड को उजागर करता है।
इंटरव्यू का पहला हिस्सा ही दर्शकों को सकते में डाल देता है जब अंसार जी कहते हैं:
“पूरे भारत का सबसे चर्चित चेहरा वायरल बॉय धूम इस वक्त हमारे साथ है। चंद व्यूज़ और लाइक्स के लिए कुछ इन्फ्लुएंसर्स और न्यूज़ चैनल इस जिंदे इंसान को मरा दे रहे हैं।”
वायरल बॉय धूम का जवाब
“कैसे लड़का लोगन बोल रहा है कि धूम मर गया बोल के, मगर हम तो जिंदा है।”
अस्तित्व फाउंडेशन में उनके पुनर्वास, उनकी सुविधा, उनकी देखभाल के बारे में जब सवाल पूछा गया, तो धूम ने कैसे सरलता से जवाब दिया आगे पढ़िए। धूम के जवाब में भैया शब्द का मतलब “सौरव तिवारी” से है।
“कैसे भैया लोग ठीक रखते हैं कि नहीं?
“हां भैया, लोगन हमको एकदम ठीक रखते हैं। “
खाना पीना बराबर मिल रहा है?
“हां”
क्रिसमस पार हुआ, नया साल पार हुआ, कैसा रहा? कैसे सेलिब्रेट किए?
“हमको उतना भैया नहीं आता ना। हम नहीं पढ़े लिखे, सब भुला गए। “
क्रिसमस के दिन धूम के केक काटने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, इसी पर सवाल पूछा जाता है –
केक काटा था वीडियो दिखा था, तो नया साल में भी केक काटा?
“ना ये बार तो हम नहीं काटे थे”
क्या भैया केक काटने नहीं दिया?
“नहीं हम ही बोले थे भैया ये बार तुम ही काटना। काहे वो बार तो हम काटे थे, ए बार तुम ही “सॉरी” आप ही काटिएगा। ऐसे बोले कि हम नहीं काटेंगे। तो बोला ठीक है धूम, बाबू हम ही काटेंगे ठीक। मगर हम खाए, झूठ काहे बोलेंगे, हाथे से खाए ऐसे करके खिलाया, खाए,अपने हाथ को मुँह की ओर ले जाकर इसरा करते हुए।
मजा आ रहा है यहां रहने में कि मन कर रहा है कि फिर से बाहर चले जाए?
“नहीं हमको तो ठीके लग रहा है कि नहीं बाहर नहीं जाने का दिल कर रहा है।”
यहीं रहना है ?
” हां “
ठीक हो जाएगा उसके बाद क्या करना है? क्या है कि यहां से ठीक हो जाने के बाद फिर से जाना है? कौन है बाहर? दीदी है?
” हां दीदी है और मेरा मामी है। “
सरकारी आवास की पेशकश – इंटरव्यू का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह भी है कि सरकार की तरफ से धूम को घर देने की योजना की बातें की जा रही हैं। धूम से इस बारे में भी सवाल किया गया –
सरकार बोल रही है कि धूम को घर देंगे। क्या कोई आया था घर का ऑफर लेकर? दे रहा है कोई घर? कोई आया था?
धूम नहीं में सिर हिलाते हुए जवाब देता है-
“दिया तो नहीं मगर हमको अगला भैया भी बोला हम तुमको बिल्डिंग देंगे, रहेगा? तो हम बोले कि हम तो नहीं रह पाएंगे सौरभ भैया (अस्तित्व फाउंडेशन के संस्थापक) के बिना।
अगर सरकार घर देगा जिसमें अच्छा बिजली रहेगा, पानी रहेगा?
“हां तो हम बोले कि रहेगा सौरभ भैया तभी हम रहेंगे। ऐसे एकले हम नहीं रहेंगे, उसको भी बोले।”
गत 15-20 दिनों में धूम का जो परिवर्तन आया है, वह उल्लेखनीय है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यहां रहना पसंद है, तो वह स्पष्ट कहते हैं: “नहीं बाहर जाने का दिल कर रहा है। यहीं रहना है।”
धूम की यह बात उस गहरी भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती है जो उन्हें सौरभ तिवारी, अस्तित्व फाउंडेशन के संस्थापक से है। इंटरव्यू में कई बार वह यह कहते हैं कि वह सौरभ भैया के बिना कहीं नहीं रह सकते।
यह बयान दो बातें स्पष्ट करता है:
- धूम को अब मानवीय सम्मान और देखभाल महत्वपूर्ण हैं
- सौरभ तिवारी ने उनके जीवन में एक अभिभावकीय भूमिका निभाई है
सौरभ तिवारी, अस्तित्व फाउंडेशन के संस्थापक से भी कुछ तीखे सवाल किये जाते हैं,
सौरभ भाई चंद व्यूज और लाइक्स के लिए एक जिंदे इंसान को मार दे रहे हैं लोग?
“ये बहुत ही बुरा लगा मुझे भी जब मैंने देखा तो और इसके रिगार्डिंग मैंने एक वीडियो मैं सोच रहा था बनाने का पर मैं मुझे वक्त मिला नहीं उस हिसाब का जो मैं बना पाऊं। लेकिन यह बहुत ही गलत कर रहे हैं लोग। कुछ व्यूज और कुछ लाइक्स के लिए और यह इतना स्प्रेड हुआ ना यह मेरे ऑपरेशन में भी इफेक्ट कर रहा था। कल मैं सारा दिन बस कॉल्स ही रिसीव करता रहा हूं कि धूम सच में क्या हो गया? धूम को क्या हो गया? हालांकि धूम तो बिल्कुल ठीक है यहां पे। तो ये बहुत ही शर्म की बात है जिन लोग भी कर रहे हैं बहुत ही ज्यादा शर्म की बात है।”
अच्छा 15 दिसंबर को धूम शायद यहां आया था। आज है 2 जनवरी। कैसा रिकवरी है? कैसा रिकवर कर रहा है धूम?
“सबसे पहले तो अंसार भाई पहले दिन भी आप आए थे और आज के दिन भी आप आए, तो आप खुद ही देखिए किस तरह से यह रिकवर कर रहा है। हालांकि इसका जो जॉन्डिस (Jaundice) वगैरह है फैटी लिवर का वह 2 दिन का और मेडिसिन बचा हुआ है। उसके बाद फिर इसका ब्लड टेस्ट करवाना है जिसमें उसमें निकल कर सामने आएगा कितना ज्यादा रिकवर हुआ है। बाकी फिजिकल अपीयरेंस तो काफी ज्यादा पहले से बेहतर हुआ है। इसके आंख में भी कुछ प्रॉब्लम था शायद वो अब नहीं है। वो काफी हद तक सुधार हुआ है। “
कितना चैलेंजेस था कि इसको रिकवर मोड पे ले जाना ?
क्योंकि एक युवा जो रेगुलर चुनता (कचरा)था फिर नशा करता था और पिछले 15 से 20 दिनों से आपके साथ है नशा वो हाथ नहीं लगाया चैलेंजिंग रहा ये?
“देखिए ये एक लव सपोर्ट और कंपैनियन ना इंसान को ये बहुत बड़ा चैलेंज नहीं है। है कि अगर कोई और इंसान रहे जो इसको नहीं समझता है, जो एडिक्शन के फील्ड से निकल कर नहीं आया है तो वह नहीं समझ पाएगा वह फ्रस्ट्रेट हो जाएगा लेकिन जो उससे निकल कर आया ना उसको समझ में आता है कि अगर एडिक्शन को कोई ट्रीट कर सकता है तो वह लव सपोर्ट और कंपैनियनशिप ही है। हालांकि जो लव हमको देना चाहिए, जो सपोर्ट देना चाहिए ,जो कंपैनियनशिप देना चाहिए वो हम दे रहे हैं और ये भी काफी कोआपरेट कर रहा है।”
सोशल मीडिया में एक allegation लगाया जा रहा है कि सौरभ खुद को वायरल करने के लिए, खुद को फेम गेन करने के लिए, खुद को फेमस होने के लिए धूम को पकड़ कर लाया। ऐसा ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो सड़क पर आज भी है, तो सिर्फ धूम को ही क्यों?
“देखिए सबसे पहला कि धूम से पहले भी मैंने कुछ लोगों को मैं लेकर के आया हूं जो आज भी हैं मेरे पास। है ना! जिनको मैं ट्रीटमेंट दे रहा हूं फ्री ऑफ कॉस्ट ठीक है।
लेकिन क्या है कि मैं फिर से एक बार क्लियर करना चाहूंगा कि हमारे यहां पेड ट्रीटमेंट होता है। है ना! कुछ चार्जेस लिया जाता है। पेशेंट के घर वाले बियर करते हैं और फिर एडमिट करते हैं पेशेंट को। है ना! जिसमें उसका रहना, खाना, डॉक्टर, मेडिसिन, काउंसिलिंग सारा कुछ इंक्लूड रहता है।
तो वैसे में ही ना कुछ पेशेंट पे हमने इस तरह से हमने अपना स्ट्रेटजी बना करके रखा हुआ है कि इतना पेशेंट होएगा हमारे पे और हम कैपेबल होंगे। तो एक दो को हम लोग, 10 पेशेंट में जैसे फॉर एग्जांपल एक दो पेशेंट को हम लोग फ्री ट्रीटमेंट देंगे। है ना! तो उस हिसाब से ही हम लोगों के पास मेरे पास फिलहाल अभी पांच पेशेंट ऐसे हैं जिसको जिनको मैं फ्री ट्रीटमेंट दे रहा हूं। उसमें से धूम पांचवा है।
तो धूम से पहले भी मैं दे रहा हूं लेकिन लोग उसको नहीं जानते क्योंकि वो लोग वायरल नहीं है। धूम पे इसलिए सबका ये ये मुद्दे पे सबका नजर इसलिए जा रहा है क्योंकि धूम वायरल है। तो उसको बताया जा रहा है। हालांकि मैं तो जितना कैपेबल हूं मैं अपने हिसाब से धूम से पहले से भी कर रहा हूं। अगर आप मेरे पेज पे भी जाकर देखोगे वहां पे भी कुछ-कुछ वीडियोस हैं। आप अगर देखोगे तो समझ में आ जाएगा।”
सौरभ भाई एक सवाल एक पेपर दैनिक अखबार में लिखा था कि सरकारी आवाज देने की बात की जा रही है। पेपर में छपा था कोई पॉलिटिकल लीडर ने मुख्यमंत्री को कहा था। क्या है कोई आए थे क्या?
“जी जहां तक मुझे पता है मुझे भी on-written नहीं मिला है। लेकिन जेएनएससी (JNSC) के तरफ से कुछ लोग आए थे। है ना! तो वो लोग आए थे और उन लोग इसका डिटेल्स ले रहे थे कि इनका कोई डॉक्यूमेंट्स बना है कि नहीं प्रीवियसली। तो वही उन्हीं के द्वारा मुझे भी पता चला है कि हां इनको सरकारी योजना के तहत कुछ-कुछ सुविधा उपलब्ध कराने की जैसे सरकारी आवास और बिजली, है ना! कुछ पैसे महीने के तो ये सारा कुछ मुझे अभी सुनने को आया तो वो लोग आए थे।”
चलिए एक आखिरी सवाल धूम से क्योंकि धूम जिसको लेकर सबसे ज्यादा फेमस हुआ जिस सेंटेंस को कि “कृष का गाना सुनेगा “ तो ,
क्या रियल क्रिश “रितिक रोशन” से मिलने की चाह रखता है धूम? ऋतिक रोशन से मिलना है?
“हम् (Hmm)…, ऋतिक रोशन से। तो चलिए अभी जाएंगे। चलिए। “
मिलने का मन है ऋतिक रोशन से?
“हां जी, हम तो जाने में तैयार रहते हैं।”
क्या बोलेगा मिलकर उनको?
“क्या बोलेंगे? जो बोलेंगे, बोलेंगे। “
कृष गाना सुनेगा?
“हां”
इंटरव्यू के अंत में, अंसार जी और सौरभ तिवारी दोनों ने एक साथ स्पष्ट किया:
“धूम पूरी तरह से ठीक है, स्वस्थ है, रिकवरी मोड में है। जो भी इस तरह की खबर चला रहे हैं कि धूम के साथ ये हो गया, वो हो गया — ये सब खबरें झूठी हैं, फेक हैं।“
साथ ही, धूम के अंतिम शब्द:”कमबैक होगा, ए भैया, ए भैया ,कमबैक होगा ! “
धूम का कमबैक होगा, ये शब्द उन तमाम अफवाहों पर पूर्णविराम है और साथ ही उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो धूम के मरने का अफवाहें फैला रहे हैं।”
ट्रेंडिंग नाउ टीम की भी सभी लोगों से अपील है की अपने सोशल मीडिया पर #AbhiHumJindaHai और #DhoomKaComeBackHoga हैश टैग से पॉजिटिव पोस्ट डालें और फर्जी सोशल इन्फ्लुएंसर्स को आइना दिखाएँ।
इंटरव्यू का पूरा वीडियो (Interview Video)
निष्कर्ष
यह इंटरव्यू डिजिटल भारत के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है। सोशल मीडिया की ताकत असीम है, लेकिन इसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना चाहिए। धूम की कहानी केवल एक सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी है।
अभी हम जिंदा हैं — ये शब्द सिर्फ धूम के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक जागरण की घंटी हैं। डिजिटल जमाने में कोई भी व्यक्ति, कोई भी कहानी कभी भी वायरल हो सकती है। सवाल यह है कि हम इसे किस तरह इस्तेमाल करेंगे — किसी को मारने के लिए या बचाने के लिए?
धूम की यह कहानी दूसरे लाखों लोगों के जीवन का प्रतीक है। आशा है कि सौरभ तिवारी जैसे लोग समाज में और भी आएंगे, और धूम जैसे युवाओं को नई जिंदगी दिलाएंगे।














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