Arattai, Zoho Corporation द्वारा विकसित, भारत का पहला पूर्णत: स्वदेशी मैसेजिंग ऐप है, जो डिजिटल संप्रभुता, डेटा सुरक्षा और भारतीय यूज़र्स की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
WhatsApp के विशाल बाज़ार वर्चस्व के बीच, Arattai हल्के, ऐड-फ्री डिजाइन, भारतीय भाषाओं के अनुकूलता, और हालिया एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जैसे नये फीचर्स के साथ आकर्षण केंद्र बनता जा रहा है। हाल के महीनों में हुए तेजी से डाउनलोड्स, स्थानीय डेटा स्टोरेज नीति, और लो-बैंडविड्थ नेटवर्क में बेहतर प्रदर्शन इसे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोकप्रिय बना रहे हैं।
यद्यपि WhatsApp अब भी फीचर व ग्लोबल यूज़रबेस के मामले में आगे है, लेकिन Arattai की भारत केंद्रित रणनीति, भविष्य के AI सुविधाओं के साथ, इसे भारत में डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई पहल के रूप में स्थापित करती है।
Arattai में मिला एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का अपडेट
भारत के टेक इंडस्ट्री में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हुई है। Zoho Corporation द्वारा विकसित स्वदेशी मैसेजिंग ऐप Arattai ने 18 नवंबर 2025 की रात से व्यक्तिगत चैट के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) फीचर रोलआउट करना शुरू कर दिया है। यह अपडेट Arattai के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे ऐप WhatsApp जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रतिस्पर्धा में एक कदम और आगे बढ़ गया है।
Zoho के को-फाउंडर और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेम्बू ने X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट करते हुए यूजर्स से कहा, “कृपया Arattai ऐप को Play Store/App Store से अपडेट करें और अपने संपर्कों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करें। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन 18 Nov 2025, मंगलवार रात IST से सक्षम हो जाएगा”।
यह नया एन्क्रिप्शन फीचर Android (v1.33.6), iOS (v1.17.23) और Desktop (v1.0.7) के लेटेस्ट वर्जन में उपलब्ध है। जब दोनों यूजर्स लेटेस्ट वर्जन पर होंगे, तभी एन्क्रिप्टेड चैट संभव होगी। पुरानी नॉन-एन्क्रिप्टेड चैट को आर्काइव कर दिया जाएगा और नई एन्क्रिप्टेड चैट सेशन शुरू होगा।
वेम्बू ने बताया कि ग्रुप चैट्स के लिए एन्क्रिप्शन कुछ हफ्तों में आएगा, और एन्क्रिप्टेड चैट बैकअप लगभग 2 सप्ताह में उपलब्ध होगा। तीन दिनों के ट्रांजिशन पीरियड के बाद, सभी यूजर्स को नए वर्जन पर अपग्रेड कर दिया जाएगा और एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पूरे सिस्टम में अनिवार्य हो जाएगा।
भारतीय Messaging App Arattai क्या है?
Arattai, जिसका तमिल भाषा में अर्थ “अनौपचारिक बातचीत” या “गपशप” है, Chennai स्थित Zoho Corporation द्वारा विकसित एक instant messaging एप्लिकेशन है। यह ऐप जनवरी 2021 में सॉफ्ट-लॉन्च किया गया था, ठीक उसी समय जब WhatsApp ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव की घोषणा की थी।
सितंबर 2025 में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘स्वदेशी’ पहल और केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव और पीयूष गोयल के समर्थन के बाद Arattai ने अप्रत्याशित लोकप्रियता हासिल की। महज तीन दिनों में, दैनिक साइन-अप 3,000 से बढ़कर 3,50,000 हो गए – 100 गुना वृद्धि।
3 अक्टूबर 2025 तक, Arattai ने 7.5 मिलियन डाउनलोड्स हासिल किए, और अक्टूबर 2025 में यह 13.8 मिलियन डाउनलोड्स तक पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि अक्टूबर 2025 में मासिक सक्रिय यूजर्स (MAU) 4.35 मिलियन थे, जो सितंबर के 1.17 मिलियन से काफी अधिक है। Google Play Store पर ऐप ने 10 मिलियन से अधिक इंस्टॉल्स पार कर लिए हैं।
Arattai की प्रमुख विशेषताएं
1. मैसेजिंग और कॉलिंग: टेक्स्ट, वॉयस नोट्स, ऑडियो और वीडियो कॉल्स, फोटो, डॉक्यूमेंट्स और स्टोरीज शेयर करने की सुविधा।
2. ग्रुप चैट: 1,000 सदस्यों तक के ग्रुप चैट सपोर्ट।
3. Pocket फीचर: यह एक पर्सनल क्लाउड स्टोरेज स्पेस है जहां यूजर्स नोट्स, लिंक्स, मीडिया और रिमाइंडर्स प्राइवेट रूप से सेव कर सकते हैं।
4. Meetings: 250 प्रतिभागियों तक की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, मीटिंग शेड्यूल करना और रिकॉर्डिंग की सुविधा।
5. Channels: क्रिएटर्स और बिजनेस के लिए बड़े ऑडियंस तक कंटेंट पहुंचाने का माध्यम।
6. Android TV सपोर्ट: यह पहला मैसेजिंग ऐप है जो Android TV पर उपलब्ध है।
7. मल्टी-डिवाइस सपोर्ट: Android, iOS, Windows, macOS, Linux और Android TV पर उपलब्ध।
8. लोकेशन शेयरिंग: “Till I Reach” फीचर के साथ स्मार्ट लोकेशन शेयरिंग जो गंतव्य पहुंचने पर ऑटोमैटिक बंद हो जाता है।
9. एड-फ्री अनुभव: कोई विज्ञापन नहीं और यूजर डेटा की कोई कमर्शियल शेयरिंग नहीं।
10. भारतीय डेटा सेंटर्स: सभी यूजर डेटा भारत में स्टोर किया जाता है, जो डेटा संप्रभुता सुनिश्चित करता है।
Arattai vs WhatsApp: तुलनात्मक विश्लेषण
यूजर बेस और मार्केट रीच
WhatsApp भारत में निर्विवाद मैसेजिंग ऐप लीडर बना हुआ है। 2025 तक, भारत में WhatsApp के 537 मिलियन से 853.8 मिलियन सक्रिय यूजर्स हैं, जो इसे दुनिया का सबसे बड़ा WhatsApp बाजार बनाता है। यह भारत के 89% स्मार्टफोन यूजर्स द्वारा उपयोग किया जाता है। वैश्विक स्तर पर, WhatsApp के 3.14 बिलियन मासिक सक्रिय यूजर्स हैं।
इसके विपरीत, Arattai अभी भी शुरुआती चरण में है। अक्टूबर 2025 में इसके 4.35 मिलियन मासिक सक्रिय यूजर्स थे, जो WhatsApp के विशाल यूजर बेस की तुलना में बहुत कम है।
एन्क्रिप्शन और प्राइवेसी
18 नवंबर 2025 से, Arattai ने व्यक्तिगत चैट के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जोड़ दिया है। पहले, केवल वॉयस और वीडियो कॉल्स एन्क्रिप्टेड थीं, जबकि टेक्स्ट मैसेज नहीं थे। ग्रुप चैट्स के लिए एन्क्रिप्शन कुछ हफ्तों में आने वाला है।
WhatsApp ने 2016 से ही सभी मैसेज, कॉल्स, फोटो और वीडियो के लिए ऑटोमैटिक एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन प्रदान किया है। यह Signal Protocol का उपयोग करता है, जो Curve25519, AES-256 और HMAC-SHA256 जैसे एल्गोरिदम का उपयोग करता है। WhatsApp रोजाना 100 बिलियन से अधिक मैसेज को एन्क्रिप्ट करता है।
डेटा स्टोरेज और संप्रभुता
Arattai का प्रमुख लाभ यह है कि यह सभी भारतीय यूजर्स का डेटा भारत में स्थित सर्वर पर स्टोर करता है, जो डिजिटल संप्रभुता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है। यह “स्वदेशी” पहल के अनुरूप है।
WhatsApp, Meta (Facebook) के स्वामित्व में है, और इसके डेटा सेंटर वैश्विक रूप से स्थित हैं। हालांकि WhatsApp एन्क्रिप्टेड मैसेज को एक्सेस नहीं कर सकता, लेकिन मेटाडेटा (किससे, कब बात की) संग्रहीत होता है।
परफॉर्मेंस और एक्सेसिबिलिटी
Arattai को विशेष रूप से लो-एंड स्मार्टफोन्स और धीमे इंटरनेट कनेक्शन (2G/3G) के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है। यह लाइटवेट डिजाइन ग्रामीण भारत और बजट डिवाइस यूजर्स के लिए आदर्श है।
WhatsApp भी व्यापक रूप से संगत है, लेकिन इसकी फीचर-रिच प्रकृति के कारण यह पुराने डिवाइस या धीमे नेटवर्क पर थोड़ा भारी हो सकता है।
ग्रुप साइज और कम्युनिकेशन टूल्स
Arattai 1,000 सदस्यों तक के ग्रुप चैट्स को सपोर्ट करता है, जबकि WhatsApp वर्तमान में 1,024 सदस्यों तक की अनुमति देता है।
विज्ञापन और यूजर अनुभव
Arattai पूरी तरह से एड-फ्री है और Zoho की यूजर-फर्स्ट फिलॉसफी के अनुरूप है। कंपनी का वादा है कि यूजर डेटा को तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
WhatsApp, Meta के इकोसिस्टम से जुड़ा होने के कारण, संभावित रूप से टार्गेटेड विज्ञापन या डेटा-ड्रिवन फीचर्स को इंटीग्रेट कर सकता है, जिसे कुछ यूजर्स दखलंदाजी मानते हैं।
भाषा समर्थन और क्षेत्रीय फोकस
Arattai को भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, जो तमिल, तेलुगु और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को मजबूत समर्थन प्रदान करता है। हालांकि, कुछ यूजर्स ने हिंदी भाषा समर्थन की मांग की है।
WhatsApp भी प्रमुख भारतीय भाषाओं सहित वैश्विक भाषाओं की एक विस्तृत श्रृंखला का समर्थन करता है, लेकिन इसका फोकस क्षेत्र-विशिष्ट की तुलना में अधिक सार्वभौमिक है।
बिजनेस इंटीग्रेशन
WhatsApp Business भारत में बेहद लोकप्रिय है, जिसके 15 मिलियन मासिक सक्रिय यूजर्स हैं। भारत में 481.2 मिलियन WhatsApp Business डाउनलोड्स हैं। Meta ने बताया कि भारत, WhatsApp, Instagram और Facebook पर उनका सबसे बड़ा बाजार है। WhatsApp पर महीने में 7 मिलियन ट्रांजिट टिकटिंग लेनदेन होते हैं, जो 2025 तक 100 मिलियन पार करने की उम्मीद है।
Arattai अभी बिजनेस API विकसित कर रहा है, जो भविष्य में उपलब्ध होगा।
Arattai का भविष्य: क्या है आगे की योजना?
Zoho के CEO मणि वेम्बू ने India Today Tech को दिए गए विशेष साक्षात्कार में Arattai के भविष्य की योजनाओं का खुलासा किया:
1. AI-संचालित फीचर्स: कंपनी अपने इन-हाउस लार्ज लैंग्वेज मॉडल, Zia AI का उपयोग करके AI-पावर्ड फीचर्स को इंटीग्रेट करने की योजना बना रही है। इसमें मैसेज को फ्लैग करना, यूजर्स को कंपोज और रिप्लाई करने में मदद करना शामिल है।
2. प्लेटफॉर्म अप्रोच: Zoho Arattai को एक सुपर ऐप में बदलने की संभावना तलाश रहा है, जहां थर्ड-पार्टी ऐप्स और सर्विसेज Arattai के इकोसिस्टम में बनाई जा सकती हैं – WeChat की तरह। मणि वेम्बू ने कहा, “हम देख रहे हैं कि दूसरों के लिए इस प्लेटफॉर्म को कैसे खोला जाए ताकि वे उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी ऐप्स बना सकें”।
3. एडवांस्ड कोलैबोरेशन टूल्स: Zoho Workplace के साथ इंटीग्रेशन और एंटरप्राइज-रेडी एन्क्रिप्टेड चैट सॉल्यूशन।
4. मॉनेटाइजेशन: फिलहाल, Arattai Zoho द्वारा समर्थित है और मुफ्त है। मणि वेम्बू ने कहा, “मॉनेटाइजेशन के बारे में सोचना अभी बहुत जल्दी है। हम अभी भी एडॉप्शन फेज में हैं। हमारा फोकस अभी पूरी तरह से स्केल हासिल करने पर है”।
5. नो-एड्स पॉलिसी: कंपनी ने स्पष्ट किया है कि Arattai हमेशा एड-फ्री रहेगा और यूजर डेटा को मोनेटाइज नहीं किया जाएगा।
6. आधिकारिक लॉन्च: सितंबर में वायरल होने के बावजूद, Arattai का आधिकारिक लॉन्च नवंबर 2025 में होने की उम्मीद थी। कंपनी ने बड़े पैमाने पर फीचर्स, क्षमता विस्तार और मार्केटिंग पुश की योजना बनाई थी, लेकिन अप्रत्याशित वायरल ग्रोथ के कारण योजनाएं तेज हो गईं।
चुनौतियां और वास्तविकता
Arattai की तेजी से बढ़ोतरी के बावजूद, ऐप को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा है:
1. रैंकिंग में गिरावट: सितंबर-अक्टूबर में नंबर 1 पर पहुंचने के बाद, Arattai नवंबर 2025 तक Google Play और Apple App Store दोनों में भारत के टॉप 100 ऐप्स से बाहर हो गया। 4 नवंबर को, यह Google Play पर 105वें और App Store पर 123वें स्थान पर था।
2. डाउनलोड्स में कमी: अक्टूबर 2025 में 13.8 मिलियन डाउनलोड्स के बाद, नवंबर में (4 नवंबर तक) केवल 195,519 डाउनलोड्स हुए।
3. MAU में स्थिरता: मासिक सक्रिय यूजर्स सितंबर में 1.17 मिलियन से बढ़कर अक्टूबर में 4.35 मिलियन हुए, फिर नवंबर में थोड़ा घट गए।
4. वेम्बू की प्रतिक्रिया: श्रीधर वेम्बू ने रैंकिंग गिरावट पर कहा, “इस तरह से ही ये ऐप्स काम करते हैं। शुरुआती buzz शायद ही कभी लॉन्ग टर्म सक्सेस के बराबर होता है। यह staying power है जो मायने रखती है”।
विशेषज्ञों की राय
टेक्नोलॉजी एनालिस्ट प्रसांतो के. रॉय का मानना है कि Arattai को WhatsApp के विशाल यूजर बेस में प्रवेश करने में महत्वपूर्ण चुनौती है, विशेष रूप से क्योंकि Meta के स्वामित्व वाला प्लेटफॉर्म कई व्यवसायों और सरकारी सेवाओं का घर है। उन्होंने कहा, “उत्पाद उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए, लेकिन फिर भी, यह संभावना नहीं है कि यह अरबों मौजूदा यूजर्स वाले ऐप को प्रतिस्थापित कर सकता है”।
Counterpoint Research के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक का मानना है कि यह एक लॉन्ग-टर्म ट्रेंड है, खासकर जब भारत AI-युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा, “साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सॉवरेन क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की मांग करता है”।
निष्कर्ष: Arattai क्या WhatsApp को चुनौती दे सकता है?
Arattai एक महत्वपूर्ण स्वदेशी पहल है जो डिजिटल संप्रभुता, प्राइवेसी और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है। 19 नवंबर 2025 की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन अपडेट एक गेम-चेंजर है जो Arattai को WhatsApp के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा में लाता है।
हालांकि, WhatsApp की 537-853 मिलियन यूजर्स की विशाल मौजूदगी, संपूर्ण एन्क्रिप्शन, पॉलिश्ड फीचर्स और बिजनेस इंटीग्रेशन के साथ, यह भारत में अपराजेय बना हुआ है।
Arattai की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह न केवल नए यूजर्स को आकर्षित करे, बल्कि उन्हें बनाए भी रखे – जो केवल राष्ट्रवाद पर निर्भर नहीं हो सकती। AI फीचर्स, प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन, और ग्रुप एन्क्रिप्शन जैसी आगामी योजनाएं Arattai को एक मजबूत क्षेत्रीय प्रतियोगी बना सकती हैं।
अभी के लिए, Arattai एक आशाजनक “Made in India” विकल्प है जो लाइटवेट डिजाइन, एड-फ्री अनुभव, भारतीय डेटा स्टोरेज और अब एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के साथ एक विशिष्ट स्थान बना रहा है। लेकिन WhatsApp को वास्तव में चुनौती देने के लिए, Arattai को लंबे समय तक टिके रहने, लगातार नवाचार करने और यूजर ट्रस्ट बनाने की आवश्यकता होगी।












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