तराना, उज्जैन – मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की तराना तहसील में गुरुवार की शाम शुरू हुआ एक मामूली विवाद शुक्रवार दोपहर तक भारी हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस घटना में कई लोग घायल हुए और सार्वजनिक संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा।
मुख्य अंश (Highlights)
उज्जैन तराना हिंसा: पूरी घटना का विवरण
तराना कस्बे के बड़े राम मंदिर के पास यातायात संबंधी एक विवाद शुरू हुआ। पुलिस के अनुसार, इस विवाद में विश्व हिंदू परिषद के 23 वर्षीय कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर (पीड़ित) और एक दूसरे समुदाय के कई लोग शामिल थे।
पीड़ित के अनुसार, दूसरे समुदाय के लगभग 10-15 युवकों ने उन पर लोहे की छड़ों से हमला किया, जिसमें उन्हें सिर पर गंभीर चोट आई। इसी घटना में उनके साथी राजत ठाकुर को भी गंभीर रूप से घायल किया गया। दोनों को तराना सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उज्जैन जिला अस्पताल के आईसीयू में भेजा गया।
व्यापक विनाश और हिंसा
हमले की खबर फैलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों के सदस्य मौके पर पहुंचे और गुस्से में थाने का घेराव कर दिया। इसके बाद हिंसा तेजी से फैली:
- यातायात को नुकसान: तराना बस स्टैंड पर खड़ी 11-12 पैसेंजर बसों की खिड़कियां तोड़ी गईं और पत्थरबाजी की गई।
- आगजनी: शुक्रवार दोपहर को कम से कम 2-3 बसों में आग लगाई गई और एक दुकान को भी जला दिया गया।
- व्यापार क्षेत्र में तोड़फोड़: शुक्ला मोहल्ले और पास के इलाकों में कई दुकानों का सामान नष्ट किया गया।
- आवासीय क्षेत्र में हिंसा: कई घरों में पत्थरबाजी की गई और कुछ महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की भी शिकायत सामने आई।
पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचाया गया। 100 से अधिक पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को तराना में तैनात किया गया।
पुलिस की कार्रवाई:
- कुल 6 व्यक्तियों को जानलेवा हमले का प्रयास (बीएनएस धारा 163) के तहत गिरफ्तार किया गया।
- गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम हैं: रिजवान, सलमान, नावेद, सप्पन, ईशान मिर्जा और अन्य।
- मौके पर CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
- तराना क्षेत्र में धारा 144 (जमाव निषेध) लागू की गई।
प्रशासनिक व्यवस्था
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है” और “भविष्य में किसी भी तनाव को रोकने के लिए शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएंगी।” तराना नगर का बाजार पूरी तरह बंद कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस पेट्रोलिंग की जा रही है।
पुलिस की स्पष्ट व्याख्या
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि “प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि झड़प का कारण एक स्थानीय विवाद था जो शुरुआती हमले के बाद बढ़ गया।” वे घटना के कारणों की गहन जांच कर रहे हैं।
स्थिति सामान्य बनाने के प्रयास
उज्जैन प्रशासन सतर्क मोड पर है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय हिंदू और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ शांति बहाली की बातचीत की जा रही है।
संदर्भ
घटना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले में हुई है, जिससे यह राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील हो गई है। राज्य के पुलिस प्रशासन ने तराना में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मजबूत कार्रवाई दिखाई है।
उज्जैन तराना हिंसा: विस्तृत सवाल-जवाब (FAQ)
Q1: उज्जैन के तराना में हिंसा कब और कहां शुरू हुई?
Ans: हिंसा गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को शाम 7:30 बजे उज्जैन जिले की तराना तहसील में शुरू हुई। विशेष रूप से, यह घटना तराना कस्बे के बड़े राम मंदिर के पास सुखला गली में हुई। तराना उज्जैन से लगभग 35-40 किलोमीटर दूर स्थित है।
Q2: हिंसा का कारण क्या था? विवाद कैसे शुरू हुआ?
Ans: विवाद एक मामूली बात से शुरू हुआ – बस को रास्ता देने के संबंध में। तराना के बड़े राम मंदिर के सामने, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नगर मंत्री सोहेल ठाकुर बुंदेला और उनके साथी के साथ कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ। कहासुनी से शुरू होकर यह विवाद तेजी से गंभीर हो गया और देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया।
Q3: विवाद में घायल हुए लोग कौन थे?
Ans: मुख्य घायल व्यक्ति:
सोहेल ठाकुर (23 वर्षीय): विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री। उन्हें लगभग 10-15 युवकों के समूह द्वारा लोहे की छड़ों से सिर पर गंभीर चोट आई। इन्हें तराना अस्पताल में भर्ती किया गया और बाद में उज्जैन जिला अस्पताल के ICU में भेजा गया।
> राजत ठाकुर: सोहेल ठाकुर के साथी, जो भी गंभीर रूप से घायल हुए।
> अन्य घायल: कम से कम 5-6 अन्य व्यक्ति भी पथराव और अन्य हिंसा में घायल हुए।
Q4: पुलिस ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया?
Ans: पुलिस ने कुल 6 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम:
सप्पन मिर्जा (मदारबाड़ा निवासी) ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ़ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा, नावेद। एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है। पुलिस एक्शन अभी जारी है, और भी नाम जुड़ सकते हैं।
Q5: पुलिस ने कौन से आरोप लगाए हैं?
Ans: पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
> भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163: जानलेवा हमले का प्रयास (जिसे पहले भारतीय दंड संहिता की धारा 307 कहा जाता था)
> अतिरिक्त आरोप: संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, दंगे के आरोप (भारतीय न्याय संहिता की धारा 191 के तहत)
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार, “कानून-व्यवस्था को भंग करने वालों को कड़ी से कड़ी कार्रवाई” का सामना करना होगा।
Q6: क्या स्थिति अभी नियंत्रण में है?
Ans: पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के अनुसार, “घटना के बाद की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है” और “कोई और हिंसा नहीं हुई है।” हालांकि:
> प्रशासन “अति सावधानी के मोड” में है
> तराना नगर में कड़ी जांच जारी है
> CCTV फुटेज की जांच जारी है
> अतिरिक्त गिरफ्तारियों की संभावना है
> दीर्घकालिक शांति के लिए सामुदायिक संवाद जारी रहेगा












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