वाशिंगटन – अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को एक आक्रामक कदम उठाते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को 100% टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप का यह बयान तब आया है जब कनाडा ने हाल ही में चीन के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता किया है।
मुख्य अंश (Highlights)
ट्रंप का विवादास्पद बयान : कनाडा पर 100% टैरिफ
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा,
“यदि कनाडा चीन के साथ एक डील करता है, तो इसे तुरंत संयुक्त राज्य अमेरिका में आने वाली सभी कनाडाई वस्तुओं और उत्पादों पर 100% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।”
ट्रंप ने गवर्नर कार्नी को संबोधित करते हुए आगे कहा,
“यदि कार्नी सोचते हैं कि वह कनाडा को चीन के लिए एक ‘ड्रॉप-ऑफ पोर्ट’ बना सकते हैं ताकि चीन संयुक्त राज्य अमेरिका में सामान भेज सकें, तो वह गंभीर रूप से गलती कर रहे हैं।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि चीन कनाडा को पूरी तरह से खत्म कर देगा और इसके व्यवसायों, सामाजिक ढांचे और जीवनयापन को नष्ट करेगा।

कनाडा-चीन व्यापार समझौता क्या है?
कनाडा ने 16 जनवरी 2026 को चीन के साथ एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौता घोषित किया। इस समझौते के प्रमुख बिंदु हैं:
- चीनी इलेक्ट्रिक वाहन: कनाडा, चीन को प्रति वर्ष 49,000 चीनी इलेक्ट्रिक वाहन आयात करने की अनुमति देगा, जिन पर 6.1% की सुविधाप्राप्त टैरिफ दर लागू होगी।
- कनाडाई कैनोला: बदले में, चीन कनाडाई कैनोला बीज पर टैरिफ को लगभग 15% तक कम करेगा।
ट्रंप का रुख बदलना
हालांकि, ट्रंप का रुख इस समझौते के प्रति बदल गया है। मात्र 8 दिन पहले, 16 जनवरी को, ट्रंप ने कनाडा के इस कदम की प्रशंसा करते हुए कहा था कि “यह कार्नी के लिए एक अच्छी बात है। चीन के साथ डील करना चाहिए।”
लेकिन शनिवार को उन्होंने अपना रुख पूरी तरह बदल दिया और ट्रंप की धमकी अब सीधे इसी समझौते पर निशाना साध रही है।
डेवोस में कार्नी का विवादास्पद भाषण
तनाव में बढ़ोतरी डेवोस, स्विटजरलैंड में विश्व आर्थिक मंच में कार्नी के भाषण के बाद हुई है। अपने संबोधन में, कार्नी ने बड़ी शक्तियों द्वारा आर्थिक जबरदस्ती के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि “पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आ रही है। हमें इसकी कमी महसूस नहीं करनी चाहिए।”
कार्नी ने यह भी कहा कि दुनिया की मध्यम शक्तियों को बड़ी शक्तियों के दबाव के खिलाफ एकजुट होना चाहिए।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
डेवोस में ही ट्रंप ने कार्नी को जवाब देते हुए कहा, “कनाडा संयुक्त राज्य अमेरिका के कारण मौजूद है। अगली बार जब आप कुछ कहें तो इसे याद रखें।”
इसके अलावा, ट्रंप ने “बोर्ड ऑफ पीस” से कनाडा का आमंत्रण रद्द कर दिया। यह बोर्ड ट्रंप द्वारा गाजा के संकट को सुलझाने के लिए बनाया जा रहा है। इसके लिए देशों को 1 बिलियन डॉलर का योगदान करना पड़ता है।
वर्तमान व्यापार संबंध
अगस्त 2025 में ट्रंप ने कनाडाई आयातों पर 35% टैरिफ बढ़ाया था। लेकिन कनाडा-यूएस-मेक्सिको समझौता (CUSMA/USMCA) के तहत, कनाडाई निर्यातों का बड़ा हिस्सा टैरिफ-मुक्त है। हालांकि, स्टील, तांबा और कुछ ऑटोमोटिव उत्पादों पर टैरिफ लागू है।
कनाडा का कोई प्रत्यक्ष जवाब नहीं
अभी तक, कार्नी की ओर से ट्रंप की धमकी पर कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी सामने नहीं आई है। कनाडा सरकार ने क्यूबेक सिटी में एक संवाद सभा के दौरान पत्रकारों से सवालों का जवाब देना था, लेकिन अचानक यह बैठक रद्द कर दी गई। सरकार ने इसका कारण प्रधानमंत्री का व्यस्त शेड्यूल बताया।
व्यावहारिक प्रभाव
यह धमकी कनाडाई अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत गंभीर हो सकती है। कनाडा का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार संयुक्त राज्य अमेरिका है। 100% टैरिफ कनाडाई निर्यातकों के लिए विनाशकारी साबित हो सकते हैं।
हालांकि, अभी तक ट्रंप प्रशासन ने इस धमकी के लिए कोई आधिकारिक कार्यकारी आदेश जारी नहीं किया है।
व्यापार युद्ध की पृष्ठभूमि
यह घटना एक बड़ी व्यापार तनातनी का हिस्सा है। पिछले सप्ताह, ट्रंप ने यूके और 7 यूरोपीय देशों को भी 10% टैरिफ की धमकी दी थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अधिग्रहित करने की इच्छा के साथ-साथ, कनाडा को संयुक्त राज्य अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की भी बातें की हैं।
भविष्य की संभावना
अप्रैल 2026 में ट्रंप बीजिंग जाने वाले हैं और वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से एक संभावित अमेरिका-चीन व्यापार समझौते पर बातचीत करेंगे। इस संदर्भ में, कनाडा की स्थिति और अधिक जटिल हो सकती है।
यह स्पष्ट है कि ट्रंप-कार्नी संबंध अभी काफी तनावपूर्ण हैं, और आने वाले महीनों में कनाडा-अमेरिका व्यापार संबंधों में और भी विकास देखने को मिल सकता है।












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