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  • नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने JDU की सदस्यता ली, सक्रिय राजनीती में ऑफिसियल एंट्री।

    नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने JDU की सदस्यता ली, सक्रिय राजनीती में ऑफिसियल एंट्री।

    पटना: बिहार की सियासत में रविवार (8 मार्च 2026) को एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने आधिकारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण कर ली। पटना में आयोजित विशेष कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में निशांत कुमार ने औपचारिक रूप से सक्रिय राजनीति में अपना पहला कदम रखा। इस घटनाक्रम को राज्य की सियासत में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

    कार्यक्रम का विवरण: कैसे हुई निशांत की ऐतिहासिक एंट्री?

    पटना में आयोजित विशेष समारोह में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा ने निशांत कुमार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने परंपरागत बिहारी गमछा पहनाकर निशांत का हार्दिक स्वागत किया। सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने ललन सिंह और संजय झा के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया, जिसे राजनीतिक मंच पर उनकी विनम्रता और संस्कारशीलता का प्रतीक माना गया। यह दृश्य उपस्थित कार्यकर्ताओं और नेताओं के दिलों को छू गया।

    कार्यक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह रहा कि निशांत कुमार सफेद कुर्ता और क्रॉक्स चप्पल पहनकर मंच पर पहुंचे। उनका यह सादा अंदाज पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता में खूब चर्चा का विषय बना और उनकी सादगी को उनके पिता नीतीश कुमार की विरासत से जोड़कर देखा गया।

    निशांत कुमार ने क्या कहा? — पहला संदेश जनता को

    सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने अपने पहले संबोधन में कहा कि वे पार्टी के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करेंगे। उन्होंने अपने पिता द्वारा बिहार के विकास के लिए किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। निशांत ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पिता का राज्यसभा जाने का निर्णय पूर्णतः उनका व्यक्तिगत और राजनीतिक फैसला है।

    उन्होंने बिहार और देश की जनता से अपील की कि वे नीतीश कुमार पर अपना भरोसा बनाए रखें, क्योंकि उन्होंने राज्य की तरक्की के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। निशांत के इस बयान को राजनीतिक परिपक्वता की पहली झलक माना जा रहा है।

    “मैं पार्टी के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करूंगा और अपने पिता के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करूंगा।” — निशांत कुमार, जेडीयू सदस्यता ग्रहण समारोह, 8 मार्च 2026

    कार्यकर्ताओं का उत्साह और ‘बिहार के CM’ वाला नारा

    कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व जोश और उत्साह देखने को मिला। मंच के चारों ओर ‘नीतीश कुमार जिंदाबाद’ और ‘निशांत कुमार जिंदाबाद’ के नारे बुलंद होते रहे। यहां तक कि कुछ उत्साही कार्यकर्ताओं ने ‘बिहार का CM कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो’ के नारे भी लगाए। इस नारे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी और आने वाले समय के लिए एक राजनीतिक संकेत की तरह देखा जाने लगा।

    नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाना और बिहार में नई राजनीतिक संरचना

    निशांत कुमार की इस राजनीतिक एंट्री का सीधा संबंध बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति से है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है और वे केंद्रीय राजनीति की ओर रुख करने की तैयारी में हैं। ऐसे में बिहार में नए मुख्यमंत्री और नई सरकार का गठन अपरिहार्य होगा।

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, निशांत के सक्रिय राजनीति में आने से जेडीयू को एक नई और युवा नेतृत्व की धुरी मिलेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, निशांत कुमार को MLC (विधान परिषद सदस्य) भी बनाया जा सकता है, क्योंकि नीतीश कुमार का विधान परिषद का कार्यकाल 2030 तक है और राज्यसभा जाने के बाद वे परिषद से इस्तीफा देंगे।

    पार्टी नेताओं की प्रतिक्रिया: ‘बिहार के लोग यही चाहते थे’

    जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने निशांत कुमार की इस एंट्री का जोरदार स्वागत किया। राज्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार के प्रगतिशील लोग चाहते थे कि निशांत आगे आएं और नेतृत्व संभालें। वहीं मंत्री अशोक चौधरी ने निशांत को एक पढ़े-लिखे इंजीनियर के रूप में परिचित कराते हुए कहा कि वे नीतीश कुमार की सादगी, शालीनता और कार्यशैली को पूरी तरह दर्शाते हैं।

    जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पुष्टि की कि निशांत के नाम पर पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों ने सर्वसम्मति से अपनी स्वीकृति दी। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह कदम पार्टी कार्यकर्ताओं की वर्षों पुरानी मांग की पूर्ति है।

    बिहार यात्रा: चंपारण से होगी शुरुआत — पिता की राह पर चलेंगे निशांत

    जेडीयू ने स्पष्ट किया है कि सदस्यता ग्रहण करने के तुरंत बाद निशांत कुमार राज्यव्यापी ‘बिहार यात्रा’ पर निकलेंगे। उल्लेखनीय है कि उनके पिता नीतीश कुमार ने भी अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत चंपारण से की थी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, निशांत भी उसी परंपरा का अनुसरण करते हुए चंपारण से अपनी बिहार यात्रा आरंभ करेंगे। इस यात्रा के माध्यम से वे बिहार के जमीनी राजनीतिक हालात, युवाओं की समस्याओं और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत से रू-ब-रू होंगे।

    कौन हैं निशांत कुमार? — एक परिचय

    निशांत कुमार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र हैं। वे एक शिक्षित इंजीनियर हैं और लंबे समय से राजनीति की चकाचौंध से दूर रहते आए हैं। पार्टी नेताओं के अनुसार, वे अपने पिता की तरह ही सादगीपसंद, विनम्र और जमीन से जुड़े हुए हैं। उनके राजनीति में आने की मांग पार्टी कार्यकर्ता वर्षों से करते आ रहे थे। नीतीश कुमार की बढ़ती उम्र और केंद्रीय राजनीति में बढ़ती भागीदारी के मद्देनजर, राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि निशांत का आगमन जेडीयू की भावी राजनीतिक रणनीति का एक अहम हिस्सा है।

    राजनीतिक विश्लेषण: विपक्ष की प्रतिक्रिया और आगे की संभावनाएं

    निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले की एक महत्वपूर्ण तैयारी के रूप में भी देखी जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशांत के आने से जेडीयू को युवा वर्ग को आकर्षित करने और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूती देने में मदद मिलेगी। वहीं, विपक्षी दल इसे ‘वंशवाद की राजनीति’ करार दे रहे हैं। राजद और कांग्रेस ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि जेडीयू लोकतांत्रिक परंपराओं से भटक रही है।

    दूसरी ओर, जेडीयू समर्थकों और मंत्री अशोक चौधरी ने जोर देकर कहा है कि यह पार्टी कार्यकर्ताओं की मांग पर उठाया गया कदम है, न कि नीतीश कुमार का व्यक्तिगत निर्णय। बिहार की राजनीतिक बिसात पर निशांत की इस एंट्री के दूरगामी परिणाम होंगे, यह तो समय ही बताएगा।

  • 15 दिनों में DJ मुक्त बिहार – परिवहन मंत्री श्रवण कुमार

    15 दिनों में DJ मुक्त बिहार – परिवहन मंत्री श्रवण कुमार

    पटना: बिहार विधान परिषद में बुधवार को परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने शोर प्रदूषण और अवैध डीजे वाहनों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर पूरे राज्य में बिना अनुमति और लाइसेंस के डीजे बजाने वालों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। यह कदम शादी-ब्याह और जुलूसों में तेज डीजे से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को रोकने के लिए उठाया जा रहा है।

    डीजे मुद्दे पर सदन में गरमाई चर्चा

    विधान परिषद के द्वितीय सत्र के दौरान निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने तेज आवाज वाले डीजे से हृदयाघात और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों पर अवैध डीजे बजाए जाते हैं, जो कानून-व्यवस्था को प्रभावित करते हैं। सदन के अन्य सदस्यों ने भी इसकी मांग का समर्थन किया, जिससे चर्चा गरमा गई।

    मंत्री श्रवण कुमार ने जवाब में साफ चेतावनी दी कि बिना परमिशन के डीजे गाड़ियों को सीधे जब्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्सव के नाम पर जनता की शांति और सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। यह एलान बिहार सरकार की नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सख्ती को दर्शाता है।

    बिहार में डीजे संस्कृति की पृष्ठभूमि

    बिहार में शादियों, जुलूसों और आयोजनों में तेज डीजे का चलन वर्षों से बढ़ रहा है। मोडिफाइड गाड़ियों पर लगे विशाल स्पीकर कानफोड़ू ध्वनि पैदा करते हैं, जो साउंड पॉल्यूशन के मानकों का उल्लंघन करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, 100 डेसिबल से अधिक ध्वनि से सुनने की क्षमता प्रभावित होती है और हृदय रोगियों के लिए खतरा बन जाती है।

    परिवहन विभाग के अनुसार, कई डीजे ऑपरेटर बिना लाइसेंस के काम करते हैं और गाड़ियों में अनधिकृत संशोधन करवाते हैं। इससे सड़क सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है। विपक्षी दलों ने भी सदन में इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन सरकार ने अब ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है।​​

    मंत्री ने स्पष्ट किया कि 15 दिनों बाद नया आदेश जारी होगा, जिसमें साउंड लिमिट और लाइसेंसिंग अनिवार्य होगी। नागिन डांस जैसी गतिविधियों पर भी नकेल कसी जाएगी। यह कदम बिहार की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखते हुए आधुनिक नियमों के अनुरूप होगा।​

    स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर प्रभाव

    तेज डीजे से होने वाले नुकसान गंभीर हैं। चिकित्सकों का कहना है कि लंबे समय तक जोरदार ध्वनि से तनाव बढ़ता है, नींद प्रभावित होती है और बच्चों में सीखने की क्षमता कम हो जाती है। पटना, मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में शिकायतें बढ़ी हैं।​

    कानून-व्यवस्था के लिहाज से, अवैध डीजे जुलूसों में ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। पुलिस को अक्सर शादियों में हस्तक्षेप न करने की सलाह दी जाती है, लेकिन अब सख्ती होगी। विपक्ष ने स्वागत किया है, लेकिन कार्यान्वयन पर नजर रखने की बात कही।

    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

    Q.1 : बिहार में डीजे पर प्रतिबंध कब से लागू होगा?

    Ans: परिवहन मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, 19 फरवरी 2026 के एलान के 15 दिनों के भीतर यानी मार्च 2026 की शुरुआत में सख्त कार्रवाई शुरू होगी। बिना अनुमति डीजे गाड़ियां जब्त की जाएंगी।​

    Q.2: डीजे बजाने के लिए क्या अनुमति जरूरी है?

    Ans: हां, परिवहन विभाग से लाइसेंस और स्थानीय प्रशासन से परमिशन अनिवार्य होगी। साउंड लिमिट 55-65 डेसिबल तक सीमित रहेगी।​

    Q.3: क्या शादी-ब्याह में डीजे बजाने पर छूट मिलेगी?

    Ans: नहीं, मंत्री ने स्पष्ट कहा कि शादी के नाम पर कोई छूट नहीं। नियम सब पर लागू होंगे।​

    Q.4: डीजे से क्या स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं?

    Ans: तेज डीजे से हृदयाघात, सुनने की हानि, तनाव और नींद विकार हो सकते हैं। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों पर असर पड़ता है।​

    Q.5: अवैध डीजे पर क्या सजा होगी?

    Ans: गाड़ी जब्ती, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई। परिवहन विभाग नया आदेश जारी करेगा।​

  • CTET 2026: सीटेट पेपर-2 पर बवाल, वैशाली के 2 केंद्रों की परीक्षा रद्द, 15 दिन में होगा री-एग्जाम

    CTET 2026: सीटेट पेपर-2 पर बवाल, वैशाली के 2 केंद्रों की परीक्षा रद्द, 15 दिन में होगा री-एग्जाम

    वैशाली (हाजीपुर) : केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) 2026 के पेपर-2 को लेकर शनिवार 7 फरवरी को बिहार के वैशाली (हाजीपुर) में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। हंगामे और अफरातफरी के बीच जिले के दो परीक्षा केंद्रों पर सीबीएसई को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। बोर्ड ने साफ किया है कि इन दोनों केंद्रों पर आवंटित अभ्यर्थियों के लिए 15 दिनों के भीतर री-एग्जाम कराया जाएगा।

    क्या है मामला?

    जानकारी के मुताबिक, 7 फरवरी को आयोजित CTET पेपर-2 के दौरान वैशाली में कुछ केंद्रों पर पेपर समय पर नहीं पहुंचा, जिसके कारण अभ्यर्थियों में नाराजगी फैल गई और केंद्रों पर हंगामे की स्थिति बन गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंट जॉन्स अकैडमी केंद्र पर सुबह 11 बजे तक प्रश्नपत्र नहीं पहुंचा, जबकि परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी।​

    इसी अफरातफरी के बीच व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ने पर सीबीएसई ने वैशाली जिले के दो परीक्षा केंद्रों पर पेपर-2 की परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। सोशल मीडिया पर भी अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई है।

    किन दो केंद्रों पर रद्द हुई CTET पेपर-2 परीक्षा?

    सीबीएसई के आधिकारिक बयान के अनुसार, देशभर में बनाए गए 1,803 परीक्षा केंद्रों में से 1,801 केंद्रों पर CTET पेपर-2 की परीक्षा सफलतापूर्वक आयोजित की गई। केवल बिहार के वैशाली (हाजीपुर) जिले के दो केंद्रों पर परीक्षा नहीं हो पाई:

    • St. John’s Academy, Basmati/Basmatia Nagar – केंद्र कोड 125016
    • Lakshya International Academy – केंद्र कोड 125014

    इन्हीं दोनों केंद्रों पर पेपर-2 की परीक्षा रद्द की गई है।

    CBSE का आधिकारिक बयान: ‘अपरिहार्य परिस्थितियों’ का हवाला

    सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और नोटिस के जरिए जानकारी दी कि पेपर-2 देशभर के 1,803 में से 1,801 केंद्रों पर सफलतापूर्वक आयोजित हुआ, लेकिन वैशाली के इन दो केंद्रों पर अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकी।

    बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि:

    • प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 15 दिनों के भीतर री-एग्जाम कराया जाएगा
    • री-एग्जाम की संशोधित तारीख और समय संबंधित उम्मीदवारों को अलग से सूचित किया जाएगा
    • जिन अभ्यर्थियों की परीक्षा रद्द हुई है, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का पूरा मौका दिया जाएगा

    सीबीएसई ने इन घटनाक्रमों से प्रभावित अभ्यर्थियों से असुविधा के लिए खेद भी जताया है।

    अभ्यर्थियों में नाराजगी, सोशल मीडिया पर उठे सवाल

    वैशाली के प्रभावित केंद्रों पर सुबह से पहुंचे अभ्यर्थियों को कई घंटों तक असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ा। पेपर के समय पर न पहुंचने, सूचना की अस्पष्टता और इंतज़ार के कारण कई उम्मीदवारों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर परीक्षा प्रबंधन पर नाराजगी जाहिर की।

    कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि वे दूर-दराज के गांवों और जिलों से परीक्षा केंद्र पर पहुंचे थे, लेकिन अंत में उन्हें बिना परीक्षा दिए लौटना पड़ा। हालांकि बोर्ड ने री-एग्जाम का आश्वासन दिया है, फिर भी उम्मीदवारों ने बेहतर प्रबंधन और पारदर्शी सूचना प्रणाली की मांग की है।

    15 दिन में री-एग्जाम: प्रभावित अभ्यर्थी क्या करें?

    सीबीएसई ने कहा है कि वैशाली के इन दो केंद्रों पर जिन उम्मीदवारों को पेपर-2 के लिए आवंटन मिला था, उनके लिए 15 दिनों के भीतर पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) आयोजित की जाएगी।

    प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए अहम बातें:

    • री-एग्जाम की तारीख और समय एसएमएस, ईमेल या आधिकारिक वेबसाइट/अधिसूचना के माध्यम से अलग से बताया जाएगा
    • पुराने एडमिट कार्ड की वैधता और नए कॉल लेटर को लेकर स्पष्ट निर्देश आधिकारिक नोटिस में जारी किए जाएंगे
    • अभ्यर्थियों को फिलहाल सलाह दी गई है कि वे ctet.nic.in और सीबीएसई के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर नजर बनाए रखें

    देशभर में CTET 2026 की बाकी परीक्षा सुचारू

    विवाद और रद्दीकरण की यह घटना केवल वैशाली के दो केंद्रों तक सीमित रही। सीबीएसई के अनुसार, देशभर के 1,803 में से 1,801 केंद्रों पर पेपर-2 सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

    CTET 2026 की परीक्षा 7 और 8 फरवरी 2026 को ऑफलाइन मोड में देशभर के 130 से ज्यादा शहरों में आयोजित की जा रही है।

    परीक्षा शेड्यूल इस प्रकार है:

    • पेपर-1 (कक्षा 1 से 5 के लिए): दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक
    • पेपर-2 (कक्षा 6 से 8 के लिए): सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक

    CTET 2026: अभ्यर्थियों की संख्या और परिणाम पर असर

    CTET 2026 के लिए इस बार रिकॉर्ड संख्या में उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परीक्षा के लिए देशभर से 25 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिसके कारण पहले केवल 8 फरवरी को प्रस्तावित परीक्षा को बढ़ाकर 7 और 8 फरवरी, दो दिन में आयोजित किया जा रहा है।

    रिजल्ट को लेकर अनुमान है कि:

    • CTET 2026 का परिणाम मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह या अप्रैल 2026 के शुरुआती सप्ताह में जारी किया जा सकता है
    • वैशाली के दो केंद्रों पर री-एग्जाम होने के बावजूद, समग्र परिणाम की टाइमलाइन पर सीमित असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है; हालांकि यह सीबीएसई के आधिकारिक कार्यक्रम पर निर्भर करेगा

    CTET क्या है और क्यों अहम है यह परीक्षा?

    CTET देशभर में शिक्षक भर्ती के लिए एक अहम पात्रता परीक्षा है, जिसे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) आयोजित करता है। यह परीक्षा केंद्र सरकार के स्कूलों – जैसे केंद्रीय विद्यालय (KV), नवोदय विद्यालय (JNV) – के साथ-साथ कई राज्य सरकारों और निजी स्कूलों में शिक्षक नियुक्ति के लिए बुनियादी पात्रता मानक के रूप में स्वीकार की जाती है।

    • पेपर-1: कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए
    • पेपर-2: कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए

    इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर परीक्षा प्रबंधन, केंद्र आवंटन और पेपर हैंडलिंग की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि सीबीएसई ने त्वरित रूप से री-एग्जाम का ऐलान कर स्थिति संभालने की कोशिश की है, लेकिन प्रभावित अभ्यर्थी बेहतर समन्वय और पारदर्शिता की अपेक्षा कर रहे हैं।

    निष्कर्ष

    वैशाली के दो केंद्रों पर CTET 2026 पेपर-2 रद्द होना न केवल हजारों अभ्यर्थियों के लिए निराशाजनक रहा, बल्कि परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है। अब निगाहें सीबीएसई के उस विस्तृत कार्यक्रम और दिशा-निर्देशों पर टिकी हैं, जिनके आधार पर 15 दिनों के भीतर री-एग्जाम कराया जाएगा। अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि वे आधिकारिक नोटिस और अपडेट्स पर नजर रखें और अगली परीक्षा के लिए अपनी तैयारी बनाए रखें।

  • पप्पू यादव गिरफ्तार, पटना में आधी रात तक हाई वोल्टेज ड्रामा

    पप्पू यादव गिरफ्तार, पटना में आधी रात तक हाई वोल्टेज ड्रामा

    बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 6 फरवरी 2026 की देर रात पटना पुलिस ने एक पुराने फर्जीवाड़ा/संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया।

    मामला क्या है?

    • यह केस लगभग 30–31 साल पुराना है, जो 1995 में दर्ज हुआ था और इसमें फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई गई हैं।
    • शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका मकान किराये पर लेने के दौरान धोखे से कागज तैयार किए गए और बाद में उसे सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया।
    • पप्पू यादव पर आरोप है कि उन्होंने किराये के समझौते की वास्तविक प्रकृति और उपयोग को छिपाया, जिसके आधार पर यह आपराधिक मामला दर्ज हुआ।

    गिरफ्तारी कैसे हुई?

    • पटना की एमपी/एमएलए विशेष अदालत ने बार‑बार समन के बावजूद पेशी न होने पर पप्पू यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
    • अदालत के आदेश पर पटना पुलिस की एक टीम 6 फरवरी 2026 की रात राजधानी पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास पर पहुंची और आधी रात के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया।
    • बताया गया कि पुलिस पहले कम संख्या में पहुंची, लेकिन विरोध और नोकझोंक बढ़ने पर अतिरिक्त फोर्स तथा सीनियर अधिकारी मौके पर बुलाए गए, जिसके बाद उन्हें उठाकर पुलिस वाहन में बैठाया गया।

    पुलिस का पक्ष

    • पटना पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई है और कई बार नोटिस एवं समन जारी होने के बाद भी सांसद अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
    • पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 1995 के इस मामले में आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 506 और 120B समेत कई गंभीर धाराओं के तहत कार्यवाही चल रही है।
    • गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया और उन्हें शनिवार को सम्बंधित अदालत में पेश किया जाएगा।

    पप्पू यादव और समर्थकों की प्रतिक्रियाएं

    • पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने उन्हें निशाना बनाया है क्योंकि उन्होंने नीट अभ्यर्थी की मौत और अन्य मुद्दों पर सरकार की आलोचना की थी।
    • उनका कहना है कि वे खुद अदालत में पेश होने के लिए तैयार थे और रात में दबिश देकर की गई कार्रवाई “राजनीतिक बदले” की भावना से प्रेरित है।
    • गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और पुलिस वाहन के सामने आने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने किसी तरह उन्हें हिरासत में लेकर थाने/अदालत के लिए रवाना कर दिया।

    आगे की कानूनी प्रक्रिया

    • कोर्ट ने पहले ही उनकी संपत्ति कुर्की की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए थे और अगली सुनवाई में उनकी मौजूदगी अनिवार्य कर दी थी।
    • अब अदालत यह तय करेगी कि पप्पू यादव को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा, जमानत दी जाएगी या फिर आगे की सुनवाई तक किसी अन्य शर्त पर रिहा किया जाएगा।

    Faqs

    Q1. पप्पू यादव को कब और कहां से गिरफ्तार किया गया?

    A1. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को 6 फरवरी 2026 की देर रात पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास से पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया।

    Q2. पप्पू यादव के खिलाफ यह मामला कब का है और किस आरोप में दर्ज हुआ था?

    A2. यह मामला 1995 में पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और मकान पर अवैध कब्जे से जुड़े आरोप लगाए गए थे।

    Q3. शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाए थे?

    A3. शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया कि उनका मकान धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसे सांसद के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिसकी जानकारी उनसे छिपाई गई।

    Q4. पुलिस ने इस केस में कौन‑कौन सी धाराएं लगाई हैं?

    A4. इस केस में पुरानी आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 448, 506 और 120B सहित कई गंभीर धाराओं के तहत पप्पू यादव पर केस दर्ज है।

    Q5. पुलिस अभी क्या कार्रवाई कर रही है और आगे क्या होगा?

    A5. अदालत के गैर‑हाजिर रहने पर जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तारी की गई है, अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां जमानत, न्यायिक हिरासत या अन्य आदेश पर फैसला होगा।

    Q6. पप्पू यादव ने अपनी गिरफ्तारी पर क्या कहा?

    A6. पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि नीट अभ्यर्थी की मौत और अन्य मुद्दों पर सरकार की आलोचना करने की वजह से उन्हें राजनीतिक बदले की भावना से निशाना बनाया जा रहा है।