सरकार ने मोबाइल निर्माताओं को संचार साथी एप प्री-इंस्टॉल करने का आदेश दिया। विपक्ष ने इसे जासूसी एप बताकर विरोध किया। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि एप पूरी तरह वैकल्पिक है और इसे डिलीट किया जा सकता है। Apple ने आदेश का विरोध किया है। यह एप साइबर फ्रॉड, मोबाइल चोरी और फर्जी सिम से बचाव के लिए बनाया गया है। अब तक 1.43 करोड़ फर्जी कनेक्शन बंद और 7.23 लाख चोरी के फोन वापस मिले हैं।
Table of Contents
- संचार साथी एप क्या है?
- सरकार का आदेश क्या था?
- संचार साथी एप की प्रमुख विशेषताएं
- IMEI नंबर वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है?
- विपक्ष का विरोध और जासूसी के आरोप
- सरकार की आधिकारिक सफाई
- Apple का रुख: क्यों नहीं मानेगी भारत सरकार का आदेश?
- संचार साथी एप से अब तक क्या फायदा हुआ?
- क्या संचार साथी एप सच में जासूसी कर सकता है?
- संचार साथी एप कैसे इस्तेमाल करें?
- निष्कर्ष
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
संचार साथी एप क्या है?
संचार साथी एप (Sanchar Saathi App) भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications – DoT) द्वारा विकसित एक नागरिक केंद्रित पहल है। इस एप और वेब पोर्टल का मुख्य उद्देश्य मोबाइल उपयोगकर्ताओं को साइबर फ्रॉड, धोखाधड़ी और मोबाइल चोरी से बचाना है।
यह एप जनवरी 2025 में लॉन्च किया गया था, जबकि इसका वेब पोर्टल 2023 से काम कर रहा है। संचार साथी पोर्टल पर अब तक 20 करोड़ से अधिक लोग विजिट कर चुके हैं और एप के 1.5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं।
संचार साथी एप डाउनलोड लिंक:
- Android: Google Play Store
- iOS: Apple App Store
- वेबसाइट: sancharsaathi.gov.in
सरकार का आदेश क्या था?
28 नवंबर 2025 को भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। इस आदेश के मुख्य बिंदु:
| क्रम | निर्देश का विवरण | समय सीमा |
|---|---|---|
| 1 | सभी मोबाइल निर्माता कंपनियों (Apple, Samsung, Xiaomi, Vivo, Oppo आदि) को संचार साथी एप प्री-इंस्टॉल करना होगा | 90 दिन |
| 2 | पहले से बिक चुके फोन में सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए एप इंस्टॉल करना होगा | अगला अपडेट |
| 3 | कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी | 120 दिन |
| 4 | एप के फंक्शन डिसेबल नहीं किए जा सकते | – |
मूल आदेश में कहा गया था कि एप “must be visible at first use” और इसकी “functionalities cannot be disabled”। इसी क्लॉज को लेकर विवाद खड़ा हुआ।
संचार साथी एप की प्रमुख विशेषताएं
1. IMEI नंबर वेरिफिकेशन (Know Your Mobile)
- अपने मोबाइल फोन की असलियत जांचें
- नकली या डुप्लीकेट IMEI वाले फोन की पहचान
- सेकेंड-हैंड फोन खरीदते समय वेरिफिकेशन
2. अपने नाम पर चल रहे सिम की जांच (Know Your Mobile Connections – TAFCOP)
- आपकी आईडी पर कितने सिम कार्ड रजिस्टर्ड हैं
- “Not My Number” फीचर से अनधिकृत कनेक्शन डिस्कनेक्ट करें
- फर्जी सिम कार्ड की पहचान
3. चोरी/खोए हुए फोन को ब्लॉक करें (CEIR – Central Equipment Identity Register)
- चोरी हुए फोन को ब्लॉक करवाएं
- सभी भारतीय टेलीकॉम नेटवर्क पर ब्लॉक
- फोन मिलने पर अनब्लॉक भी कर सकते हैं
4. चक्षु (Chakshu) – संदिग्ध कम्युनिकेशन रिपोर्टिंग
- स्पैम कॉल रिपोर्ट करें
- फिशिंग मैसेज की शिकायत
- +91 नंबर दिखाने वाली इंटरनेशनल कॉल रिपोर्ट करें
5. बैंकों के विश्वसनीय संपर्क (Trusted Helplines)
- बैंकों और वित्तीय संस्थानों के आधिकारिक नंबर
- फ्रॉड कस्टमर केयर नंबरों से बचाव
IMEI नंबर वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है?
IMEI (International Mobile Equipment Identity) एक 15 अंकों का यूनिक नंबर है जो हर मोबाइल फोन की पहचान होता है। समस्या यह है:
नकली IMEI से क्या खतरा?
- एक ही IMEI नंबर कई फोन में इस्तेमाल हो रहा
- चोरी के फोन को ट्रैक करना मुश्किल
- साइबर अपराधी नकली IMEI वाले फोन इस्तेमाल करते हैं
- सेकेंड-हैंड मार्केट में चोरी के फोन बिक रहे
सरकार के अनुसार, नकली या स्पूफ्ड IMEI नंबर “टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी के लिए गंभीर खतरा” हैं।
विपक्ष का विरोध और जासूसी के आरोप
सरकार के आदेश के बाद विपक्ष ने तीखा विरोध किया। प्रमुख आरोप:
कांग्रेस के आरोप:
प्रियंका गांधी वाड्रा (कांग्रेस महासचिव):
“संचार साथी एक जासूसी एप है। यह हास्यास्पद है। नागरिकों को निजता का अधिकार है। परिवार और दोस्तों को बिना सरकार की निगरानी के मैसेज भेजने का अधिकार होना चाहिए… वे इस देश को तानाशाही में बदल रहे हैं।“
केसी वेणुगोपाल (कांग्रेस महासचिव):
“निजता का अधिकार, जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। ऐसा सरकारी एप जिसे यूजर अनइंस्टॉल भी नहीं कर सकता, लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने वाला डिस्टोपियन टूल बन सकता है।”
मल्लिकार्जुन खरगे (कांग्रेस अध्यक्ष):
“यह लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास है और तानाशाही जैसा है।”
कार्ति चिदंबरम (कांग्रेस सांसद):
इसे “Pegasus Plus Plus” बताया।
अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया:
प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना UBT):
“यह Big Boss सर्विलांस मोमेंट के अलावा कुछ नहीं है।”
शशि थरूर (कांग्रेस सांसद):
“ये एप्स उपयोगी हो सकते हैं बशर्ते ये स्वैच्छिक हों। लोकतंत्र में किसी भी चीज को अनिवार्य बनाना चिंताजनक है।”
सरकार की आधिकारिक सफाई
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान:
“संचार साथी एप पूरी तरह वैकल्पिक (Optional) है। इसे आप अपनी इच्छा से एक्टिवेट या डीएक्टिवेट कर सकते हैं। अगर नहीं चाहिए, तो इसे किसी भी अन्य एप की तरह डिलीट भी कर सकते हैं।”
BJP प्रवक्ता संबित पात्रा का जवाब:
“संचार साथी आपके मैसेज नहीं पढ़ सकता। यह आपकी कॉल नहीं सुन सकता – न इनकमिंग, न आउटगोइंग। संचार साथी आपके पर्सनल डेटा तक नहीं पहुंच सकता।“
महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण:
| विपक्ष का आरोप | सरकार का जवाब |
|---|---|
| एप डिलीट नहीं कर सकते | एप को डिलीट किया जा सकता है |
| जासूसी होगी | एप कॉल और मैसेज नहीं पढ़ सकता |
| अनिवार्य है | पूरी तरह वैकल्पिक है |
| Big Brother निगरानी | केवल साइबर सुरक्षा के लिए |
Apple का रुख: क्यों नहीं मानेगी भारत सरकार का आदेश?
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, Apple भारत सरकार के इस आदेश को मानने से इनकार कर सकता है।
Apple की आपत्तियां:
- यह कंपनी की ग्लोबल पॉलिसी के खिलाफ है
- दुनिया में कहीं भी Apple ऐसे मैंडेट नहीं मानता
- iOS इकोसिस्टम की प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर असर
- सूत्रों के अनुसार: “Apple can’t do this. Period.“
अन्य कंपनियों का रुख:
- Samsung आदेश की समीक्षा कर रहा है
- Xiaomi, Vivo, Oppo – अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं
- सूत्रों के अनुसार सरकार ने इंडस्ट्री से परामर्श किए बिना आदेश जारी किया
संचार साथी एप से अब तक क्या फायदा हुआ?
आधिकारिक आंकड़े (दिसंबर 2025 तक):
| उपलब्धि | संख्या |
|---|---|
| पोर्टल पर विजिटर्स | 20 करोड़+ |
| एप डाउनलोड | 1.5 करोड़+ |
| “Not My Number” से डिस्कनेक्ट कनेक्शन | 1.43 करोड़ |
| फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद | 1.75 करोड़ |
| चोरी/खोए फोन ट्रेस | 26 लाख |
| मालिकों को लौटाए फोन | 7.23 लाख |
| ब्लॉक किए गए फोन | 37.28 लाख+ |
| निष्क्रिय WhatsApp अकाउंट | 16.97 लाख |
| ब्लैकलिस्ट SMS सेंडर | 20,000+ |
क्या संचार साथी एप सच में जासूसी कर सकता है?
एप द्वारा मांगी जाने वाली Permissions:
| Permission | क्यों जरूरी है |
|---|---|
| Phone | रजिस्ट्रेशन के लिए |
| SMS | OTP वेरिफिकेशन |
| Camera | IMEI स्कैन करने के लिए |
| Storage | फोटो अपलोड (वैकल्पिक) |
| Call Logs | स्पैम कॉल रिपोर्ट करने के लिए |
विशेषज्ञों की राय:
- ये परमिशन कई एप्स मांगते हैं
- एप का इस्तेमाल पूरी तरह वैकल्पिक है
- रजिस्टर न करें तो एप डॉरमेंट रहेगा
- चिंता: थर्ड पार्टी मिसयूज की संभावना
संचार साथी एप कैसे इस्तेमाल करें?
Step 1: एप डाउनलोड करें
- Google Play Store या Apple App Store से
Step 2: रजिस्ट्रेशन करें
- मोबाइल नंबर दें
- OTP से वेरिफाई करें
Step 3: सेवाएं चुनें
- IMEI चेक करें
- सिम कनेक्शन देखें
- चोरी का फोन रिपोर्ट करें
SIM Binding का नया नियम (फरवरी 2026 से लागू)
सरकार ने एक और आदेश जारी किया है जो फरवरी 2026 से लागू होगा:
- WhatsApp, Telegram जैसे मैसेजिंग एप्स के लिए SIM Binding अनिवार्य
- जिस नंबर से एप चला रहे हैं, वो सिम फोन में होना जरूरी
- सिम निकालते ही मैसेजिंग एप काम करना बंद कर देंगी
निष्कर्ष
संचार साथी एप को लेकर हुआ विवाद मुख्य रूप से “डिलीट नहीं कर सकते” वाले क्लॉज को लेकर था। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि:
✅ एप डिलीट किया जा सकता है
✅ एप पूरी तरह वैकल्पिक है
✅ एप जासूसी नहीं करता
✅ एप साइबर सुरक्षा के लिए है
हालांकि, Apple जैसी कंपनियों की आपत्तियां और विपक्ष के सवाल यह दिखाते हैं कि सरकार को पारदर्शिता बनाए रखनी होगी और नागरिकों की निजता का सम्मान करना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. क्या संचार साथी एप अनिवार्य है?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह वैकल्पिक है।
Q2. क्या संचार साथी एप डिलीट कर सकते हैं?
हां, किसी भी अन्य एप की तरह इसे अनइंस्टॉल किया जा सकता है।
Q3. क्या संचार साथी मेरी कॉल सुन सकता है?
नहीं, सरकार के अनुसार एप कॉल, मैसेज या पर्सनल डेटा एक्सेस नहीं करता।
Q4. संचार साथी एप कब लॉन्च हुआ?
मोबाइल एप 17 जनवरी 2025 को, वेब पोर्टल 2023 में।
Q5. IMEI नंबर कैसे चेक करें?
*#06# डायल करें या संचार साथी एप में जाकर चेक करें।












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