धर्म
दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, विराट रामायण मंदिर, मोतिहारी, बिहार में स्थापित
मोतिहारी : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कैथवलिया गांव में स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में आज भारतीय आध्यात्मिकता का एक अभूतपूर्व क्षण साकार हुआ। माघ कृष्ण चतुर्दशी की पवित्र तिथि पर विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की विधि-विधान से स्थापना का महान अनुष्ठान संपन्न हुआ। यह स्थापना न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण
Rashifal 2026: साल 2026 का संपूर्ण राशिफल!
देवगुरु बृहस्पति करेंगे उच्च राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल नया साल 2026 ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद खास होने वाला है। इस वर्ष ग्रहों के सेनापति मंगल और न्याय के देवता शनि के साथ-साथ देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) की चाल सबसे महत्वपूर्ण रहेगी। साल 2026 की सबसे बड़ी ज्योतिषीय
केरल का सबरीमाला मंदिर आज मकरविलक्कू पर्व के लिए खुलेगा
तिरुवनंतपुरम : भगवान अयप्पा को समर्पित भारत के सबसे प्रसिद्ध मंदिर सबरीमाला के पट आज (30 दिसंबर) मकरविलक्कू पर्व के लिए खुलने वाले हैं। केरल के पठानमथिट्टा जिले में स्थित यह प्राचीन धार्मिक स्थल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इस वर्ष मकरविलक्कू उत्सव 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा, लेकिन इससे पहले मंदिर के
अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण 2025: ऐतिहासिक क्षण में प्रधानमंत्री मोदी ने फहराया केसरिया ध्वज
अयोध्या : 25 नवंबर 2025 को अयोध्या राम मंदिर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केसरिया ध्वज फहराया और राम मंदिर के निर्माण कार्य की पूर्णता की आधिकारिक घोषणा की। यह ऐतिहासिक क्षण विवाह पंचमी के पावन अवसर पर मनाया गया। अयोध्या राम मंदिर पर ध्वजारोहण: एक ऐतिहासिक घटना अयोध्या की पावन नगरी में 25 नवंबर 2025
Tulsi Vivah (तुलसी विवाह )2025: जानें कब है तुलसी विवाह, शुभ मुहूर्त, तिथि, पूजा विधि, कथा और महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, तुलसी विवाह एक अत्यंत पवित्र पर्व है जो देवउठनी एकादशी से प्रारंभ होकर कार्तिक पूर्णिमा तक मनाया जाता है। इस पर्व में माता तुलसी और भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का विवाह कराया जाता है।वर्ष 2025 में तुलसी विवाह को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ है — क्या यह 1
छठ पूजा: सूर्य उपासना की अद्भुत परंपरा जो बिहार-उत्तर प्रदेश से निकलकर दुनिया तक पहुंची
📝 विषय सूची (TOC) सूर्य की आराधना से जुड़ी सबसे प्राचीन परंपरा छठ पूजा भारतीय संस्कृति की उन कुछ परंपराओं में से एक है, जिसका उल्लेख वैदिक काल तक मिलता है। यह पर्व सूर्यदेव और छठी मैया (उषा देवी) की आराधना के रूप में मनाया जाता है। “छठ” शब्द संस्कृत के “षष्ठी” से बना है,






