भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने नया आधार ऐप लॉन्च किया है, जो डिजिटल पहचान को और अधिक सुरक्षित, तेज़ और यूज़र-फ्रेंडली बनाने के लिए कई नए फीचर्स के साथ आता है। नया ऐप ऑफलाइन वेरिफिकेशन, पेपरलेस आइडेंटिटी शेयरिंग, और मल्टी प्रोफाइल जैसे प्रमुख अपडेट लेकर आया है, जो यूज़र्स को पहचान के मामलों में पूरी कंट्रोल और सुविधा प्रदान करता है।
ऑफलाइन वेरिफिकेशन से मिलेगी पेपरलेस पहचान
UIDAI ने हाल ही में एक ऑनलाइन सेमिनार के दौरान नए आधार ऐप के ऑफलाइन वेरिफिकेशन फीचर की अहमियत पर ज़ोर दिया। इसके ज़रिए यूजर बिना अपने आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी या फोटो शेयर किए अपनी पहचान को सुरक्षित तरीके से सही साबित कर सकता है। QR कोड आधारित वेरिफिकेशन, ई-क्रेडेंशियल्स, और ऑफलाइन फेस वेरिफिकेशन से इवेंट्स, होटल चेक-इन, सोसायटी की एंट्री जैसे रोज़मर्रा के कामों में पहचान की प्रक्रिया को सरल और सुरक्षित बनाया गया है। इससे डेटा फ्रॉड और पहचान की चोरी की घटनाएँ कम होंगी।
यूजर को मिलेगा पूरा कंट्रोल
नया आधार ऐप यूजर्स को अपनी जानकारी पर पूरा अधिकार देता है। एक यूज़र अपनी आधार जानकारी में से पूरी या चयनित डिटेल्स ही शेयर कर सकता है, जैसे नाम, जन्म वर्ष या फोटो, जिससे उसकी प्राइवेसी सुरक्षित रहती है। वन-क्लिक बायोमेट्रिक लॉक-अनलॉक फीचर से यूज़र अपने बेसिक बायोमेट्रिक डेटा को सुरक्षित रख सकता है। ऐप में मोबाइल नंबर, पता और आधार डेटा अपडेट अब पहले से कहीं आसान और तेज़ हो चुका है।
मल्टी प्रोफाइल फीचर और सिक्योरिटी अपडेट
इस नए ऐप की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक मल्टी प्रोफाइल है, जिसके तहत एक यूजर पांच तक परिवार के सदस्यों की प्रोफाइल एक ही ऐप में रख सकता है। यह परिवार के लिए KYC और अन्य वेरिफिकेशन प्रक्रियाओं को आसान बनाएगा। साथ ही, नए ऐप में QR कोड शेयरिंग जैसी तकनीक शामिल है, जो पेपरलेस वेरिफिकेशन को बढ़ावा देती है। एप डाउनलोड करने के लिए आधार से जुड़े मोबाइल नंबर, फेस ऑथेंटिकेशन और छह अंकों का पासवर्ड जरूरी है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
UIDAI का यह नया आधार ऐप डिजिटल इंडिया अभियान को मजबूती प्रदान करता है। इससे न केवल डिजिटल पहचान की विश्वसनीयता बढ़ेगी, बल्कि फ्रॉड के खतरे को भी बहुत सीमित किया जा सकेगा। ऐप देश के डिजिटल पहचान प्रणाली का नया मानक बन सकता है, जिससे सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं का लाभ आसान और सुरक्षित रूप से प्राप्त हो सकेगा।
UIDAI अधिकारियों ने विभिन्न उद्योगों तथा सेवाप्रदाताओं को इस नई तकनीक को अपनाने तथा ऑफलाइन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है, जिससे पूरे देश में पेपरलेस, सुरक्षित और प्राइवेसी-फ्रेंडली डिजिटल इकोसिस्टम विकसित हो।
यह नया आधार ऐप भारत के डिजिटल पहचान परिदृश्य में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने को तैयार है, जो यूज़र की सुरक्षा, प्राइवेसी, और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।












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