NASA का बड़ा फैसला: आर्टेमिस-III नहीं उतरेगा चंद्रमा पर, 2028 में आर्टेमिस-IV करेगा पहली मानव लैंडिंग

NASA का SLS रॉकेट लॉन्च पैड पर — आर्टेमिस मून मिशन 2026

वॉशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने 27 फरवरी 2026 को अपने महत्वाकांक्षी आर्टेमिस मून प्रोग्राम में एक बड़े बदलाव की घोषणा की। NASA प्रशासक जेरेड आइजैकमैन ने इसे एक “कोर्स करेक्शन” बताया, जिसका उद्देश्य मिशनों की गति बढ़ाना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और 2028 तक चंद्रमा पर मानव लैंडिंग का लक्ष्य पाना है।

आर्टेमिस-II: अप्रैल 2026 में उड़ान, लेकिन तकनीकी अड़चनें जारी

आर्टेमिस-II मिशन अब 1 अप्रैल 2026 से पहले नहीं उड़ेगा। इस मिशन में NASA के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइज़मैन, विक्टर ग्लोवर और क्रिस्टीना कोच के साथ कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह मिशन चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा।

हाल ही में रॉकेट की ऊपरी स्टेज में हीलियम प्रेशराइजेशन और लिक्विड हाइड्रोजन लीक की समस्याएं सामने आईं, जिसके कारण रॉकेट को वापस व्हीकल असेंबली बिल्डिंग में लाना पड़ा। यही समस्याएं आर्टेमिस-I में भी आई थीं, जो यह दर्शाता है कि मिशनों के बीच लंबा अंतराल समस्याओं की असल जड़ खोजने में बाधा बनता है।

सबसे बड़ा बदलाव: आर्टेमिस-III अब चंद्रमा पर नहीं उतरेगा

यह इस पूरी घोषणा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। आर्टेमिस-III, जो पहले चंद्रमा पर मानव उतारने की योजना था, अब 2027 के मध्य में पृथ्वी की निचली कक्षा (Low Earth Orbit) में तकनीकी परीक्षण करेगा।

इस मिशन में शामिल होंगे:

  • SpaceX और Blue Origin द्वारा निर्मित चंद्र लैंडरों के साथ रैंडेज़वू और डॉकिंग परीक्षण
  • जीवन समर्थन, संचार और प्रणोदन प्रणालियों की जांच
  • Axiom Space द्वारा तैयार नए EVA स्पेससूट का परीक्षण, जो अभी तक किसी वास्तविक मिशन में नहीं पहने गए

आइजैकमैन ने स्पष्ट किया कि आर्टेमिस-II (चंद्र परिक्रमा) से सीधे आर्टेमिस-III (चंद्र लैंडिंग) तक जाना “बहुत बड़ी छलांग” होती। यह
बिल्कुल Apollo प्रोग्राम जैसा है, जिसने पहले ऑर्बिट में अभ्यास किया, फिर चंद्रमा पर उतरा।

आर्टेमिस-IV: 2028 में होगी पहली मानव लैंडिंग — और एक नहीं, दो!

सबसे रोमांचक खुलासा यह रहा कि NASA 2028 में सिर्फ एक नहीं, बल्कि दो चंद्र लैंडिंग मिशन करने का प्रयास करेगा। इसके बाद हर साल एक मिशन की योजना है। यह Apollo प्रोग्राम की याद दिलाता है, जिसने चार वर्षों में 11 क्रू मिशन लॉन्च किए थे।

प्रोग्राम में तकनीकी और संरचनात्मक बदलाव

✔ SLS रॉकेट के अपर स्टेज को 2028 से मानकीकृत (Standardized) किया जाएगा
✔ NASA की कार्यबल संख्या बढ़ाई जाएगी — कुछ ठेकेदारों को संघीय कर्मचारियों में बदला जाएगा
✔ SpaceX और Blue Origin से चंद्र लैंडर विकास में तेजी लाने को कहा गया है
✔ लगभग हर 10 महीने में एक मिशन लॉन्च करने का नया लक्ष्य

लूनर गेटवे का क्या होगा?

NASA की इस घोषणा में लूनर गेटवे — चंद्रमा की कक्षा में बनने वाले छोटे अंतरिक्ष स्टेशन — का कोई उल्लेख नहीं था। मूल योजना में आर्टेमिस-IV लूनर गेटवे के ज़रिए चंद्रमा की सतह पर जाने वाला था। यह स्टेशन कनाडा के Canadarm3 रोबोटिक आर्म का घर भी बनने वाला था — जो कनाडा का $2 बिलियन का योगदान है। इसका भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।

बजट कटौती का साया

ट्रंप प्रशासन ने वित्त वर्ष 2026 में NASA के $24.8 बिलियन बजट में $6 बिलियन (24%) की कटौती का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही SpaceX को $1 बिलियन आवंटित करने और आर्टेमिस-III के बाद SLS व Orion को बंद करने का सुझाव भी था। इन दबावों के बीच NASA का यह पुनर्गठन कितना सफल होगा, यह देखना बाकी है।

Comments

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *