लखनऊ ब्लू ड्रम हत्याकांड: बेटे ने पिता को गोली मारी, शव के टुकड़े किए और नीले ड्रम में छुपाया — पूरी कहानी

मानवेंद्र सिंह (बाएं) और उनके बेटे अक्षत प्रताप सिंह (दाएं) के बीच नीला ड्रम — लखनऊ हत्याकांड 2026

लखनऊ : लखनऊ के आशियाना सेक्टर-L में 20 फरवरी 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह ने अपने पिता और सफल व्यवसायी मानवेंद्र सिंह (49) की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को आरी से काट-काटकर टुकड़े किए, कुछ अंगों को एसिड में डाला और धड़ को एक नीले प्लास्टिक ड्रम में बंद कर दिया। यह खौफनाक कांड मार्च 2025 में मेरठ में हुए ‘ब्लू ड्रम मर्डर’ से प्रेरित बताया जा रहा है, जिसे आरोपी ने सोशल मीडिया पर पढ़ा था। पुलिस ने 23 फरवरी 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़ित मानवेंद्र सिंह: कौन थे वे?

मानवेंद्र प्रताप सिंह मूलतः जालौन जिले के निवासी थे, जो अपनी मेहनत और लगन से लखनऊ में एक सम्मानजनक मुकाम बना चुके थे। वे ‘वर्धमान पैथोलॉजी’ के मालिक थे और उनके पास शहर में चार पैथोलॉजी लैब तथा तीन लाइसेंसी शराब की दुकानें थीं। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि वे समाज में सक्रिय रहते थे और मोहल्ले के हर आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे।

लगभग नौ साल पहले पत्नी के निधन के बाद मानवेंद्र ने अपनी पूरी दुनिया अपने दो बच्चों — बेटे अक्षत और बेटी कृति — के इर्द-गिर्द समेट ली थी। परिवार के सदस्यों के अनुसार उनकी सबसे बड़ी ख्वाहिश थी कि बेटा डॉक्टर बने, जिसके लिए वे उसे लगातार NEET की तैयारी के लिए प्रेरित करते थे।

घटनाक्रम: 20 से 23 फरवरी 2026 तक

20 फरवरी 2026 — खूनी सुबह (रात लगभग 4:30 बजे)

तीन मंजिला घर में पिता-पुत्र के बीच NEET की तैयारी को लेकर तीखी बहस हुई। आरोपी अक्षत ने खुद पुलिस को बताया कि उसे इतना क्रोध आया कि उसने पिता की लाइसेंसी राइफल उठाई और उनकी कनपटी पर सटाकर गोली दाग दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

20 फरवरी — हत्या के बाद सबूत मिटाने की साजिश

हत्या के बाद अक्षत ने शव को तीसरी मंजिल से खींचकर नीचे खाली कमरे में लाया और आरी से टुकड़े-टुकड़े कर दिए। उसने कुछ अंगों को सदरुना के पास फेंक दिया, जबकि शेष शरीर (धड़) को एसिड भरे नीले ड्रम में रख दिया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उसकी नाबालिग बहन — कक्षा 11 की छात्रा — ने सब देख लिया, जिसे अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया।

21 फरवरी — झूठी लापता रिपोर्ट

हत्या के एक दिन बाद अक्षत ने थाने में पिता की ‘गुमशुदगी’ की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने पुलिस को बताया कि उसके पिता दिल्ली गए हैं और 21 फरवरी दोपहर तक वापस आने वाले थे, किंतु वापस नहीं लौटे। उसने यह भी कहा कि पिता के तीनों मोबाइल फोन बंद हैं। इस दौरान पड़ोसियों ने अक्षत को मोहल्ले में क्रिकेट खेलते देखा, जबकि उसकी बहन परीक्षा देने चली गई।

23 फरवरी — पुलिस की दस्तक और गिरफ्तारी

घर से आ रही तीव्र दुर्गंध की शिकायत पड़ोसियों ने पुलिस को दी। अधिकारी मौके पर पहुंचे और तलाशी के दौरान नीला ड्रम मिला। अक्षत के बयानों में विसंगतियां सामने आईं और फॉरेंसिक टीम को घर व कार में खून के निशान तथा सफाई के सुबूत मिले। पूछताछ में अक्षत ने हत्या का कबूलनामा कर दिया और उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया।

हत्या का असली कारण: NEET दबाव या व्यापारिक महत्वाकांक्षा?

शुरुआत में अक्षत ने बताया कि NEET की जबरदस्ती उसे तोड़ रही थी। वह बीकॉम का छात्र था, जबकि पिता चाहते थे कि वह NEET दे और डॉक्टर बने। अक्षत NEET की दो परीक्षाएं दे चुका था लेकिन सफलता नहीं मिली थी। वह प्रसिद्ध La Martiniere School से 12वीं कर चुका था।

हालांकि DCP (सेंट्रल) विक्रांत वीर के अनुसार, गहन जांच में मामला सिर्फ पढ़ाई के दबाव तक सीमित नहीं है। करीब चार महीने पहले घर से कीमती जेवरात चोरी हुए थे। शुरुआत में संदेह नौकर पर गया और रिपोर्ट भी दर्ज हुई, लेकिन बाद में इशारे परिवार के भीतर की तरफ गए। इस घटना ने पिता-पुत्र के बीच विश्वास की दीवार तोड़ दी और मानवेंद्र ने बेटे पर नजर रखना शुरू कर दिया।

पुलिस का मानना है कि अक्षत पिता के व्यापार पर नियंत्रण चाहता था। परिवार के एक सदस्य ने गुमनाम रहते हुए बताया कि अक्षत की सोच थी कि बिजनेस तो पहले से चल रहा है, सालों डॉक्टरी पढ़ने की जरूरत क्या है? वहीं मानवेंद्र का मानना था कि पहले प्रोफेशनल डिग्री लो, फिर बिजनेस संभालो। यह वैचारिक टकराव और टूटता भरोसा उस रात विस्फोट बन गया।

मेरठ ‘ब्लू ड्रम’ केस से प्रेरणा

पुलिस ने खुलासा किया कि अक्षत ने मार्च 2025 में मेरठ में हुए हाई-प्रोफाइल ‘ब्लू ड्रम मर्डर’ केस को सोशल मीडिया पर पढ़ा था और उसी से प्रेरित होकर इस तरीके को अपनाने की योजना बनाई। यूपी में एक ही तरीके से दो हत्याकांड होना पुलिस और समाज दोनों के लिए चिंताजनक है। अधिकारियों ने हालांकि स्पष्ट किया कि दोनों मामलों में कोई सीधा संपर्क सूत्र अभी साबित नहीं हुआ है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जांच की स्थिति

DCP विक्रांत वीर ने मीडिया को बताया कि आरोपी अक्षत ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फॉरेंसिक टीम ने घर और कार से खून के नमूने एकत्र कर लिए हैं। बिखरे हुए शरीर के अंगों को बरामद करने के लिए व्यापक तलाशी अभियान जारी है। अक्षत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद विस्तृत चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

पड़ोसियों ने बताया कि अक्षत पहले भी अपने पिता की बंदूक दिखाकर इलाके में रुआब जमाता था, जो अब पुलिस के लिए अहम सुबूत बन गई है। मृतक के साले एसके सिंह ने बताया — “हम महोबा से आए और जो देखा वो कल्पना से परे था। पिता-पुत्र में बस पढ़ाई को लेकर ही झगड़ा होता था। हमें कभी ऐसी उम्मीद नहीं थी।”

समाज के लिए सवाल: परीक्षा दबाव और पारिवारिक संवाद की जरूरत

यह मामला न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह पूरे समाज के सामने कई बड़े प्रश्न खड़े करता है। NEET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का अत्यधिक दबाव, बच्चों की रुचि और अभिभावकों की महत्वाकांक्षाओं के बीच बढ़ती खाई, और परिवारों में खुले संवाद की कमी — ये सभी कारण मिलकर ऐसी भयावह घटनाओं की जमीन तैयार करते हैं।

मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ लंबे समय से चेतावनी देते आ रहे हैं कि जब बच्चों पर करियर को लेकर जरूरत से ज्यादा दबाव डाला जाता है और उनकी बात नहीं सुनी जाती, तो कुंठा और क्रोध धीरे-धीरे भीतर घुमड़ता रहता है। यह घटना परिवारों और शैक्षणिक व्यवस्था दोनों को यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने बच्चों की मानसिक स्थिति पर पर्याप्त ध्यान दे रहे हैं।

मुख्य तथ्य एक नजर में

विवरणजानकारी
पीड़ितमानवेंद्र प्रताप सिंह, आयु 49 वर्ष
आरोपीअक्षत प्रताप सिंह, आयु 21 वर्ष (पुत्र)
घटना स्थानआशियाना सेक्टर-L, लखनऊ
घटना की तिथि20 फरवरी 2026, लगभग 4:30 बजे
गिरफ्तारी23 फरवरी 2026
हथियारपिता की लाइसेंसी राइफल
मृतक का व्यवसाय4 पैथोलॉजी लैब + 3 शराब दुकानें
प्रेरणा स्रोतमेरठ ब्लू ड्रम केस (मार्च 2025)
वर्तमान स्थितिआरोपी न्यायिक हिरासत में; जांच जारी

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