नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। उत्तरी जिला एंटी-नारकोटिक्स टीम ने देर रात हिरणकी मोड़ पर बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में गैंग के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। इस एनकाउंटर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है, जबकि दूसरा नाबालिग बताया जा रहा है।
घटनाक्रम: टिप-ऑफ के बाद पुलिस ने बिछाया जाल
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य हिरणकी मोड़ इलाके में मौजूद हैं, इस सूचना के आधार पर उत्तरी जिला एंटी-नारकोटिक्स टीम ने जाल बिछाया और संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस टीम को देखकर बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से गोलियां चलीं। पुलिस की गोली से एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि एक पुलिसकर्मी को भी गोली लगी, लेकिन उनके बुलेटप्रूफ जैकेट ने उन्हें सुरक्षित रखा। घायल अवस्था में पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अपराधी और बरामद हथियार
पुलिस ने गिरफ्तार अपराधियों की पहचान दीपक और एक नाबालिग के रूप में की है। उनके पास से दो पिस्तौल, जिंदा कारतूस और एक स्कूटर बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, ये दोनों शूटर दिल्ली के पश्चिम विहार और विनोद नगर इलाकों में हाल ही में हुई फायरिंग की घटनाओं में शामिल थे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की बढ़ती गतिविधियां
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। गैंग द्वारा हाल के महीनों में कई फायरिंग की घटनाओं को अंजाम दिया गया है, जिनमें जिम और व्यापारियों को निशाना बनाया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गैंग के सदस्य जेल में बैठे नेता लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार के नाम पर दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पिछले कुछ महीनों में गैंग के खिलाफ लगातार अभियान चलाया है। 2025 में ऑपरेशन क्लीन के तहत पुलिस ने 15 से अधिक एनकाउंटर किए और बिश्नोई सिंडिकेट के 20 से ज्यादा शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले अगस्त 2025 में न्यू अशोक नगर में भी गैंग के दो सदस्यों कार्तिक जाखड़ और कविश को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया था।
अंतरराष्ट्रीय संबंधों का खुलासा
जांच में पता चला है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हुआ है। गैंग के सदस्य विदेशों से संचालन करते हैं और भारत में अपने सहयोगियों को हथियार और धन उपलब्ध कराते हैं। हाल ही में झारखंड एटीएस ने गैंग के सदस्य मयंक सिंह को अजरबैजान से प्रत्यर्पित किया था, जिससे गैंग के अंतरराष्ट्रीय संबंधों का खुलासा हुआ है।
नाबालिग की भूमिका और चिंता
इस घटना में एक नाबालिग की गिरफ्तारी ने चिंता बढ़ा दी है कि गैंग अब किशोरों को भी अपने नेटवर्क में शामिल कर रहा है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार अपराधी कई मामलों में हिस्ट्रीशीटर हैं और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं।
पुलिस की आगे की जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या ये दोनों आरोपी वास्तव में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं या केवल गैंग के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से कई और मामलों में बड़ा ब्रेकथ्रू मिल सकता है।
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