रांची: झारखंड में नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के तहत 48 शहरी निकायों में सोमवार को मतदान सम्पन्न हुआ। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस मतदान में राजधानी रांची समेत कई जिलों में मतदाताओं का उत्साह देखते ही बना, लेकिन साथ ही पूरे दिन राज्य के विभिन्न हिस्सों से हिंसा, बोगस वोटिंग, फायरिंग और हंगामे की चिंताजनक खबरें भी सामने आती रहीं। सबसे गंभीर घटना बोकारो के चास से आई, जहाँ डीएसपी प्रवीण सिंह पर भीड़ ने हमला बोल दिया और वे घायल हो गए।
बोकारो: डीएसपी प्रवीण सिंह पर हमला — भोजपुर कॉलोनी में 3 महिलाएँ हिरासत में
डीएसपी पर जानलेवा हमला
झारखंड निकाय चुनाव 2026 की सबसे बड़ी और चिंताजनक घटना बोकारो जिले के चास से सामने आई। चास वार्ड संख्या 32 के विश्रामागार परिसर स्थित मतदान केंद्र पर डीएसपी (उप पुलिस अधीक्षक) प्रवीण सिंह फर्जी मतदान को रोकने और बूथ के 100 मीटर के दायरे में जमा अनधिकृत भीड़ को हटाने के लिए कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान उत्तेजित भीड़ ने डीएसपी पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अधिकारी को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वारदात की सूचना मिलते ही बोकारो के पुलिस अधीक्षक (SP) हरविंदर सिंह तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और स्पष्ट रूप से कहा कि बूथ पर किसी प्रत्याशी के पक्ष में फर्जी मतदान कराने की सुनियोजित कोशिश की जा रही थी। डीएसपी जब इसे रोकने के लिए आगे बढ़े तो उन पर हमला हुआ।
एसपी हरविंदर सिंह ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा:
- आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
- हमलावरों को जेल भेजा जाएगा।
- चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
महिलाओं ने पुलिस पर किया पलटवार
घटनास्थल पर पहुँचे एसपी से पार्षद प्रत्याशी सहित कई महिलाओं ने मुलाकात की और पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया। डीएसपी प्रवीण सिंह का तर्क था कि वे चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करते हुए बूथ से अनधिकृत भीड़ हटा रहे थे — इसी दौरान उन पर हमला हुआ।
भोजपुर कॉलोनी: बोगस वोटिंग पर 3 महिलाएँ हिरासत में
डीएसपी हमले के अलावा चास के भोजपुर कॉलोनी क्षेत्र से भी बड़ी खबर आई। यहाँ बोगस (फर्जी) वोटिंग के आरोप में पुलिस ने तीन महिलाओं को हिरासत में लिया। पूरे बोकारो में सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भारी पुलिस बल की तैनाती थी, इसके बावजूद ये घटनाएँ हुईं।
साहिबगंज: होमगार्ड ने की फायरिंग — तनाव का माहौल
साहिबगंज जिले में चुनाव के दौरान होमगार्ड द्वारा फायरिंग की घटना सामने आई जिसने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। हालाँकि इसमें किसी के हताहत होने की तत्काल पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए।
उल्लेखनीय है कि राजमहल नगर पंचायत में दोपहर 3 बजे तक 59 प्रतिशत मतदान हुआ और विधायक ने भी वोट डाला — जो उत्साहजनक रहा।
धनबाद: वार्ड 22 में बूथ लूट की कोशिश, वार्ड 27 में झड़प
धनबाद भी पूरे दिन अशांत रहा। वार्ड संख्या 22 में भीड़ ने बूथ लूटने की कोशिश की और पार्षद प्रत्याशी के भाई के साथ मारपीट की, जिससे क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया।
वार्ड संख्या 27 के एचई स्कूल बूथ पर भी दो प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। वार्ड 22 के सुसुनिलेवा बूथ नंबर 58 पर जेएमएम नेता राज आनंद सिंह के समर्थकों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच हाथापाई हुई।
धनबाद में कुल 974 बूथ हैं, जिनमें 169 अतिसंवेदनशील के रूप में चिह्नित थे।
गिरिडीह: बूथ नंबर 4 पर समर्थकों में झड़प
गिरिडीह में बूथ संख्या 4 पर दो गुटों के समर्थकों के बीच झड़प की खबर आई। पुलिस ने समय रहते हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और मतदान प्रक्रिया जारी रखी।
जमशेदपुर (जुगसलाई): मतदान के दौरान विवाद
जमशेदपुर के जुगसलाई क्षेत्र में भी मतदान के दौरान झड़प की घटना सामने आई। चुनाव क्षेत्र में पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद विवाद हुआ, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया।
गुमला: अंबेडकर नगर में विवाद, 3 हिरासत में
गुमला के अंबेडकर नगर क्षेत्र में भी दो गुटों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई। पुलिस ने 3 लोगों को हिरासत में लिया। प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात कर मतदान प्रक्रिया सामान्य कराई।
कोल्हान बंद और चांडिल हाईवे जाम — पांचवीं अनुसूची का विरोध
चुनावी हिंसा के साथ-साथ पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में नगर निकाय चुनाव कराए जाने के विरोध में कोल्हान बंद का भी आह्वान किया गया। इसका असर कोल्हान क्षेत्र में साफ नजर आया।
चांडिल में प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम कर विरोध जताया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र में निकाय चुनाव आयोजित किए जाने को लेकर आदिवासी संगठनों और स्थानीय समूहों में गहरा असंतोष है, जो चुनाव के दिन खुलकर सामने आया।
चास नगर निगम चुनाव 2026 — मुख्य आँकड़े
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| कुल मतदान केंद्र | 136 |
| कुल पंजीकृत मतदाता | 1,62,073 |
| पुरुष मतदाता | 83,106 |
| महिला मतदाता | 78,950 |
| थर्ड जेंडर | 17 |
| मेयर पद के उम्मीदवार | 31 |
| कुल वार्ड | 35 |
| कुल पार्षद प्रत्याशी | 217+ |
बोकारो में सुबह 11 बजे तक 18.74% और दोपहर 1 बजे तक 31.05% मतदान दर्ज किया गया।
झारखंड निकाय चुनाव 2026 — व्यापक परिदृश्य
झारखंड के 48 शहरी निकायों में एक साथ मतदान हुआ। इसमें —
- 43,43,295 पंजीकृत मतदाता
- 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद, 19 नगर पंचायत के 1,042 वार्ड
- महापौर/अध्यक्ष पद के लिए 562 उम्मीदवार (235 महिलाएँ)
- पार्षद पद के लिए 5,562 उम्मीदवार (2,727 महिलाएँ)
- 4,307 मतदान बूथ, 2,134 मतदान स्थल
- 50,000 से अधिक चुनाव कर्मी व पुलिसकर्मी तैनात
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधे श्याम प्रसाद के अनुसार सुबह 11 बजे तक 23% मतदान हुआ। सर्वाधिक मतदान सरायकेला नगर पंचायत में दोपहर 1 बजे तक 47.57% दर्ज हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी
जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) सह उपायुक्त अजय नाथ झा और उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार की देखरेख में पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था थी। इसके बावजूद राज्यभर में हिंसा की छिटपुट घटनाएँ हुईं — जो चुनावी प्रशासन के लिए गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
मतगणना: 27 फरवरी 2026
झारखंड के सभी 48 निकायों की मतगणना 27 फरवरी 2026 को होगी। बोकारो में गणना चास स्थित कृषि उत्पादन बाजार समिति परिसर में की जाएगी, जहाँ सभी बैलेट बॉक्स सुरक्षित वज्रगृह (स्ट्रांग रूम) में रखे गए हैं।
निष्कर्ष
झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 में मतदान का दिन — लोकतंत्र के उत्साह और हिंसा के तनाव — दोनों को एक साथ समेटे रहा। बोकारो में डीएसपी प्रवीण सिंह पर हमला, साहिबगंज में फायरिंग, धनबाद में बूथ लूट की कोशिश और कोल्हान बंद — ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि झारखंड के शहरी चुनावों में अभी भी कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब सभी की निगाहें 27 फरवरी की मतगणना पर टिकी हैं, जब झारखंड के शहरों को उनकी नई नगर सरकार मिलेगी।













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