India-EU Trade Deal 2026 “मदर ऑफ ऑल डील्स”, अमेरिका नाराज

India-EU Trade deal : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीच में, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा बायें और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर दाये।

नई दिल्ली : भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने मंगलवार को लगभग 20 साल की लंबी वार्ता के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं। EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को “मदर ऑफ ऑल डील्स” (Mother of All Deals) का नाम दिया है।

समझौते की बड़ी बातें

यह व्यापार समझौता विश्व की कुल GDP का 25 प्रतिशत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा दर्शाता है। इस समझौते में 2 अरब लोग शामिल हैं, और इसका कुल बाजार मूल्य लगभग 27 ट्रिलियन डॉलर है।

भारत को मिले लाभ:

  • EU के बाजार में 99.5% निर्यात को वरीयता प्राप्त पहुंच
  • कपड़े, चमड़े, जूते, रत्न-आभूषण, समुद्री उत्पाद, चाय, कॉफी और मसाले तुरंत शुल्क-मुक्त होंगे
  • 33 बिलियन डॉलर का सामान जो वर्तमान में 4-26% शुल्क का सामना कर रहा है, शून्य शुल्क पर प्रवेश करेगा

EU को मिले लाभ:

  • भारत की तरफ से 97% आइटमों पर शुल्क में कमी
  • वार्षिक 4 अरब यूरो (4.75 अरब डॉलर) का टैरिफ में बचत
  • मशीनरी, रसायन और फार्मास्यूटिकल्स पर ज्यादातर शुल्क हटा दिए जाएंगे
  • ऑटोमोबाइल टैरिफ धीरे-धीरे 10% तक घटेंगे (250,000 वाहनों के कोटा के साथ)

वॉन डेर लेयन ने दिया बड़ा बयान

EU की अध्यक्ष ने X पर पोस्ट करते हुए कहा,

“यूरोप और भारत आज इतिहास रच रहे हैं। हमने सबसे बड़े सौदे का समापन किया है। हमने 2 अरब लोगों का एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया है, जहां दोनों पक्षों को लाभ होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यह समझौता दुनिया को एक शक्तिशाली संदेश देता है कि सहयोग ही वैश्विक चुनौतियों का जवाब है। उन्होंने जोर दिया कि यह समझौता केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि एक सामरिक साझेदारी का संकेत है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा – यह एक महत्वपूर्ण कदम

PM मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत के 1.4 अरब लोगों और EU के लाखों लोगों के लिए बहुत सारे अवसर लाएगा। उन्होंने भारत एनर्जी सप्ताह में एक पूर्व-रिकॉर्ड किए गए संबोधन में कहा कि यह समझौता भारत और UK के बीच व्यापार समझौते का पूरक होगा। वे यह भी बताया कि यह समझौता विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देगा और सेवा क्षेत्र को समर्थन करेगा।

अमेरिका का तीखा रवैया

इस समझौते ने अमेरिकी प्रशासन को नाराज कर दिया है। ट्रम्प के अर्थ सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा “यूरोप इस तरह अपने ही खिलाफ रूसी जंग को फंड कर रहा है।

बेसेंट के बयान का मतलब:
बेसेंट ने ABC न्यूज़ को कहा,

“हमने भारत के ऊपर 25% टैरिफ लगाए क्योंकि वह रूसी तेल खरीद रहा है। पिछले हफ्ते क्या हुआ? यूरोपीय संघ ने भारत के साथ एक व्यापार समझौता कर लिया।”

उन्होंने यूरोप पर यह आरोप लगाया कि वह भारत के साथ व्यापार समझौता करके रूसी तेल की खरीद को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन कर रहा है।

बेसेंट ने कहा कि EU को भारत पर रूसी तेल खरीद न करने के लिए दबाव डालना चाहिए था, लेकिन “नैतिक बातें करने वाले यूरोपीय सहयोगियों” ने ऐसा नहीं किया क्योंकि वे भारत के साथ बड़ा व्यापार समझौता चाहते थे।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि का अलग दृष्टिकोण

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने बुधवार को फॉक्स बिजनेस को कहा कि इस समझौते में भारत को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है।

ग्रीर के महत्वपूर्ण बयान:

“भारत को इस समझौते में सबसे ज्यादा लाभ हुआ है। उन्हें यूरोप में बेहतर बाजार पहुंच मिली है और आप्रवासन संबंधी अधिकार भी मिले हैं। भारत को इससे बहुत फायदा होगा क्योंकि उसके पास सस्ता श्रम है।”

ग्रीर ने यह भी कहा कि यह समझौता ट्रम्प की टैरिफ नीति का सीधा परिणाम है। उन्होंने बताया कि चूंकि ट्रम्प अमेरिकी उत्पादन को प्राथमिकता दे रहे हैं और दूसरे देशों को हमारे बाजार में प्रवेश के लिए फीस लगा रहे हैं, इसलिए EU जैसे देश अपने “अतिरिक्त उत्पादन” के लिए भारत जैसे नए बाजार ढूंढ रहे हैं।

ट्रम्प के कारण ही यह समझौता संभव हुआ

विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता ट्रम्प के आक्रामक टैरिफ नीति का सीधा परिणाम है। भारत और EU दोनों ही अमेरिकी टैरिफ से परेशान हैं। भारत पर अगस्त 2025 से 50% टैरिफ लगे हुए हैं, जो भारतीय निर्यातकों को बड़े नुकसान दे रहे हैं।

अटलांटिक काउंसिल के दक्षिण एशिया के वरिष्ठ विश्लेषक माइकल कुगेलमैन के अनुसार,

“कोई यह कह सकता है कि ट्रम्प के कारण ही यह समझौता संभव हुआ क्योंकि भारत और EU दोनों को अमेरिकी टैरिफ का झटका लगा है जिसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी।”

भारत को अमेरिका से भी समझौते की उम्मीद

भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि भारत अमेरिका के साथ भी व्यापार समझौते के लिए वार्ता कर रहा है और ये वार्ताएं “उन्नत चरण” में हैं। हालांकि, अमेरिका के साथ व्यापार समझौता अभी तक नहीं हुआ है।

India – EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) ऐतिहासिक महत्व

यह समझौता भारत के लिए अब तक का सबसे महत्वपूर्ण व्यापार समझौता है। EU भारत का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है, और 2024 में EU भारत के कुल माल व्यापार का 9% हिस्सा है।

इस समझौते से भारत की फार्मास्यूटिकल्स, मशीनरी, स्टील, पेट्रोलियम उत्पाद और इलेक्ट्रिकल उपकरण जैसे क्षेत्रों को बहुत लाभ मिलने की उम्मीद है।

समझौते को लागू होने में 5-6 महीने का समय ?

यह समझौता कानूनी समीक्षा के बाद लागू होगा, जिसमें 5-6 महीने का समय लग सकता है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, यह समझौता 2026 के भीतर लागू हो जाएगा।

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