नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी Delhi की हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। शनिवार को दिल्ली का Air Quality Index (AQI) कई इलाकों में 400 के पार दर्ज किया गया। यह सीजन की अब तक की सबसे खराब एयर क्वालिटी मानी जा रही है, जिससे राजधानी ‘Red Zone’ में पहुंच गई है। Central Pollution Control Board (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का 24 घंटे का औसत AQI 361 रहा, जिससे यह देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है।
दिल्ली-NCR की हवा ‘Severe’ श्रेणी में
राजधानी के कई इलाकों में प्रदूषण स्तर बेहद गंभीर पाया गया।
- वजीरपुर – AQI 420
- बुराड़ी – AQI 418
- विवेक विहार – AQI 411
- नेहरू नगर – AQI 406
- अलीपुर – AQI 404
इनके अलावा Noida (354), Greater Noida (336) और Ghaziabad (339) में भी हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि हवा में PM2.5 और PM10 प्रदूषकों की मात्रा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है, जो सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और गले में संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ा रही है।
पराली जलने से बढ़ा Pollution
Decision Support System (DSS) के मुताबिक, stubble burning (पराली जलाना) से दिल्ली के प्रदूषण में लगभग 30% की बढ़ोतरी हुई है।
सैटेलाइट आंकड़ों के अनुसार,
- पंजाब में 100,
- हरियाणा में 18,
- और उत्तर प्रदेश में 164 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गईं।
इससे राजधानी के ऊपर धुंध और स्मॉग की चादर और घनी हो गई है।
GRAP 3 क्यों नहीं लागू किया गया?
दिल्ली की वायु गुणवत्ता भले ही ‘Severe’ श्रेणी में पहुंच गई हो, लेकिन Graded Response Action Plan (GRAP) का Stage 3 अभी तक लागू नहीं किया गया है।
Delhi Pollution Control Committee (DPCC) का कहना है कि इस साल नवंबर में हवा की गुणवत्ता पिछले साल की तुलना में थोड़ी बेहतर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक:
“पिछले सात दिनों में से छह दिन ऐसे रहे जब हवा की गुणवत्ता पिछले साल से बेहतर थी। समय पर उठाए गए कदमों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से अब तक GRAP-3 की जरूरत नहीं पड़ी।”
क्या कदम उठाए गए हैं?
सरकार और नगर निगमों ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए हैं:
- Anti-smog guns और mechanical sweeping machines से सड़कों की सफाई बढ़ाई गई है।
- निर्माण स्थलों पर dust control और anti-pollution measures लागू किए गए हैं।
- Vehicle emission checks और industrial pollution monitoring को सख्त किया गया है।
फिर भी, मौसम के ठंडा होने और हवा की गति धीमी पड़ने के कारण स्मॉग पर असर कम दिख रहा है।
आगे क्या है Forecast?
IMD और Air Quality Early Warning System के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक हवा की स्थिति ‘Very Poor’ से ‘Severe’ श्रेणी में बनी रह सकती है।
अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह-शाम के समय बाहर निकलने से बचें, खासकर बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा के मरीज।
विशेषज्ञों की राय
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक long-term pollution control strategy नहीं अपनाई जाती, दिल्ली हर साल सर्दियों में इस संकट का सामना करती रहेगी।
“यह सिर्फ दिल्ली की नहीं, बल्कि पूरे NCR क्षेत्र की सामूहिक जिम्मेदारी है,” विशेषज्ञों का कहना है।
FAQs: दिल्ली के प्रदूषण को लेकर आम सवाल
Q1. Delhi में Air Quality Index (AQI) 400 का मतलब क्या है?
Ans: AQI 400 का मतलब है कि हवा ‘Severe’ श्रेणी में है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इससे सांस लेने में दिक्कत, खांसी, आंखों में जलन और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Q2. GRAP Stage 3 क्या होता है?
Ans: GRAP Stage 3 तब लागू किया जाता है जब हवा ‘Severe’ श्रेणी में पहुंच जाती है। इसमें निर्माण कार्यों पर रोक, ट्रकों की एंट्री बैन, स्कूल बंद करने और डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध जैसे कड़े कदम उठाए जाते हैं।
Q3. दिल्ली में अभी GRAP Stage 3 क्यों लागू नहीं हुआ?
Ans: DPCC का कहना है कि इस साल नवंबर में हवा की गुणवत्ता पिछले साल की तुलना में थोड़ी बेहतर रही है। इसलिए अभी GRAP 3 लागू करने की जरूरत नहीं पड़ी, हालांकि स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।
Q4. दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
Ans: पराली जलाना, वाहनों से निकलने वाला धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण स्थलों की धूल और धीमी हवा की गति प्रमुख कारण हैं।
Q5. प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें?
Ans:
1. N95 Mask पहनें
2. बाहर कम समय बिताएं
3. पौधे और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें
4. बच्चों और बुजुर्गों को घर में रखें
5. घर में खिड़कियाँ बंद रखें और वेंटिलेशन साफ रखें












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