वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 एक युगांतरकारी दस्तावेज है जो भारत के आर्थिक विकास का नया मानचित्र तैयार करता है। “युवा शक्ति” (Yuva Shakti) के मूलमंत्र के साथ पेश किया गया यह बजट गरीब, वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों के जीवन को सीधे प्रभावित करेगा।
बजट की बड़ी तस्वीर: संख्याओं में समझिए
बजट 2026-27 की कुल बातें समझने के लिए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े जानना जरूरी है:
| विवरण | 2026-27 | 2025-26 RE | परिवर्तन |
|---|---|---|---|
| कुल जनता खर्च | ₹53.5 लाख करोड़ | ₹49.6 लाख करोड़ | ↑ 7.9% |
| कुल टैक्स राजस्व | ₹28.7 लाख करोड़ | – | – |
| राजकोषीय घाटा | 4.3% GDP | 4.4% GDP | कम हुआ |
| पूंजीगत व्यय | ₹12.2 लाख करोड़ | – | ↑ 20.4% |
राजकोषीय अनुशासन क्या मतलब रखता है?
सरकार का राजस्व घाटा 4.4% से 4.3% पर आना एक सकारात्मक संकेत है। इसका सीधा अर्थ है कि सरकार अपने कर्ज को नियंत्रण में रखते हुए विकास पर निवेश कर रही है। 2030 तक कर्ज-जीडीपी अनुपात को 50% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है, जो दीर्घकालीन वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।
आम जनता के लिए सबसे महत्वपूर्ण घोषणाएं
1. ग्रामीण रोजगार: MGNREGA की जगह VB-G RAM G आएगा
वित्तमंत्री द्वारा की गई सबसे बड़ी घोषणा ग्रामीण रोजगार योजना में आमूल-चूल सुधार है।
क्या बदल रहा है?
- पुरानी योजना: MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) – 20 साल पुरानी
- नई योजना: VB-G RAM G (विक्सित भारत – गारंटी रोजगार और आजीविका मिशन) – आने वाले 125 दिन काम देगी
- बजट आवंटन:
- VB-G RAM G के लिए: ₹95,692.31 करोड़
- MGNREGA : ₹30,000 करोड़
आम किसान को इससे क्या फायदा?
नई योजना में सुधार किए गए हैं:
- ज्यादा काम: 100 दिन की जगह 125 दिन का काम गारंटी
- कुशल काम: अब सिर्फ अकुशल काम नहीं, बल्कि अर्ध-कुशल और स्थानीय कुशल काम भी शामिल
- बेहतर आय: कुशल काम के कारण मजदूरी में वृद्धि की संभावना
- अनुकूल साझेदारी: केंद्र और राज्य 60:40 में खर्च बांटेंगे (उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10)
2. किसानों के लिए नई घोषणाएं: कृषि को दिया नया आयाम
कृषि विभाग को कुल ₹1.40 लाख करोड़ से ₹1.62 लाख करोड़ तक का आवंटन दिया गया है, जो 7% की वृद्धि दर्शाता है।
मुख्य घोषणाएं:
| योजना | पुरानी रकम | नई रकम | उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| Krishionnati Yojana | – | +₹4,400 करोड़ | उत्पादकता में सुधार |
| PM Fasal Bima Yojana | ₹12,267 करोड़ | ₹12,200 करोड़ | फसल बीमा |
| Natural Mission for Natural Farming | ₹725 करोड़ | ₹750 करोड़ | रसायन-मुक्त खेती |
| High-Value Crops Support | – | विस्तारित | नारियल, काजू, बादाम आदि |
किसानों को सीधा फायदा:
- AI-आधारित सलाह टूल: मौसम, बीज, और फसल संबंधी सलाह
- पशुपालन सहायता: मवेशी और डेयरी उद्यमों के लिए क्रेडिट सब्सिडी
- निर्यात-उन्मुखी खेती: नारियल, दालचीनी, काजू जैसी फसलों के लिए विशेष सहायता
3. आयकर में छूट: आपकी जेब में ज्यादा पैसा
बजट 2026-27 में आयकर की नई व्यवस्था लागू होगी, क्योंकि नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल 1, 2026 से लागू होगा।
नए आयकर स्लैब (नई व्यवस्था के तहत):
| आय (सालाना) | टैक्स दर | लाभ |
|---|---|---|
| ₹0 – ₹4 लाख | 0% | पूरी तरह छूट |
| ₹4 – ₹8 लाख | 5% | कम दर |
| ₹8 – ₹12 लाख | 10% | कम दर |
| ₹12 – ₹24 लाख | 15-20% | उदार सीमाएं |
| ₹24 लाख से अधिक | 30% | शीर्ष दर |
सबसे महत्वपूर्ण बात: ₹12 लाख वार्षिक आय वाला व्यक्ति अब पूरी तरह टैक्स मुक्त है! यह सेक्शन 87A के तहत रिबेट के कारण संभव हुआ है।
सरल भाषा में: यदि आप ₹12 लाख साल में कमाते हैं, तो आपको केंद्रीय आयकर नहीं देना पड़ेगा।
4. स्वास्थ्य सेवाएं: स्वास्थ्य बजट में 10% बृद्धि
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को ₹1,06,530.42 करोड़ का आवंटन दिया गया है, जो 2025-26 के ₹96,735 करोड़ से 10% अधिक है।
मुख्य योजनाएं और सुधार:
| योजना | नया आवंटन | पुरानी रकम | बदलाव |
|---|---|---|---|
| PM-JAY (आयुष्मान भारत) | ₹9,500 करोड़ | ₹9,000 करोड़ | ↑ ₹500 करोड़ |
| National Health Mission | ₹39,390 करोड़ | ₹37,100.07 करोड़ | ↑ 6.17% |
| PM-ABHIM | ₹4,770 करोड़ | – | नया |
| PMSSY & AIIMS | ₹11,307 करोड़ | ₹10,900 करोड़ | ↑ 3.73% |
आपके गांव, कस्बे और शहर में क्या बदलेगा:
- 100,000 स्वास्थ्य कर्मचारी: नए पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षण
- 1.5 लाख देखभाल कर्मचारी: बुजुर्गों की देखभाल के लिए
- 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब: अंतरराष्ट्रीय मानदंड की स्वास्थ्य सेवा
- AYUSH का विस्तार: आयुर्वेद, योग और यूनानी चिकित्सा को मजबूती
आयुष्मान भारत (PM-JAY) क्या है? यह एक स्वास्थ्य बीमा योजना है जो गरीब परिवारों को ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज देती है।
5. शिक्षा: भारत के भविष्य में निवेश
शिक्षा को ₹1.39 लाख करोड़ का आवंटन दिया गया है, जो 8.27% की बृद्धि है।
शिक्षा बजट का विभाजन:
- स्कूल शिक्षा: ₹83,562.26 करोड़ (+6.35%)
- उच्च शिक्षा: ₹55,727.22 करोड़ (+11.28%)
छात्र-छात्राओं के लिए नई घोषणाएं:
- 5 विश्वविद्यालय शहर: औद्योगिक गलियारों के पास विशाल शिक्षा केंद्र
- हर जिले में लड़कियों का हॉस्टल: STEM विषयों में महिला शिक्षा बढ़ाने के लिए
- AVGC कंटेंट लैब्स: 15,000 स्कूल और 500 कॉलेजों में एनिमेशन, गेमिंग और कॉमिक्स की पढ़ाई
- पूर्वी भारत में नया NID: डिजाइन शिक्षा को बढ़ावा
- AI in Education Center: कृत्रिम बुद्धिमत्ता से शिक्षा में सुधार
तकनीकी शिक्षा पर विशेष फोकस: STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) में निवेश बढ़ाया गया है, साथ ही अनुसंधान एवं विकास के लिए ₹20,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
6. आवास योजनाएं: “सभी के लिए घर” मिशन
केंद्र सरकार ने आवास के मुद्दे को गंभीरता से लिया है।
गांवों में आवास (PMAY-Gramin):
- आवंटन: ₹54,916.70 करोड़
- लक्ष्य: 2 करोड़ नए ग्रामीण घर
शहरों में आवास (PMAY-Urban):
- कुल आवंटन: ₹18,625 करोड़ (पिछले साल से 5.9% अधिक)
- PMAY-Urban 2.0: ₹3,000 करोड़ (पिछले साल ₹300 करोड़)
- लक्ष्य: 1 करोड़ शहरी घर
मध्यम वर्गीय परिवारों को लाभ:
पिछले 10 वर्षों में 4.21 करोड़ घर बनाए जा चुके हैं। यह योजना ब्याज सब्सिडी देती है, जिससे आपकी मासिक ईएमआई कम हो जाती है।
बुनियादी ढांचे पर सबसे बड़ा निवेश
रेलवे को रिकॉर्ड बजट: ₹2.77 लाख करोड़
भारतीय रेलवे को सबसे बड़ा बजट मिला है।
रेलवे बजट का उपयोग:
| कार्य | बजट आवंटन | उद्देश्य |
|---|---|---|
| नई लाइनें | ₹36,721.55 करोड़ | नए इलाकों में कनेक्टिविटी |
| ट्रैक दोहरीकरण | ₹37,750 करोड़ | ट्रेन क्षमता बढ़ाना |
| रोलिंग स्टॉक | ₹52,108.73 करोड़ | नई ट्रेनें, लोको, डिब्बे |
| सिग्नलिंग & टेली | ₹7,500 करोड़ | कवच (सुरक्षा प्रणाली) |
7 हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर (Growth Connectors):
- मुंबई – पुणे
- पुणे – हैदराबाद
- हैदराबाद – बेंगलुरु
- हैदराबाद – चेन्नई
- चेन्नई – बेंगलुरु
- दिल्ली – वाराणसी
- वाराणसी – सिलीगुड़ी
आम यात्री को सुविधा: तेज गति, कम यात्रा समय, और बेहतर सुरक्षा।
नई डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर: दांकुनी (बंगाल) से सूरत (गुजरात) – सामान ढुलाई तेजी से होगी।
अक्षय ऊर्जा में रिकॉर्ड निवेश: ₹32,914.7 करोड़
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए सरकार ने हरित ऊर्जा पर भारी निवेश किया है।
सौर ऊर्जा प्रोग्राम:
| योजना | आवंटन | विवरण |
|---|---|---|
| PM Surya Ghar: Muft Bijli | ₹22,000 करोड़ | घर की छत पर सोलर पैनल |
| सौर ऊर्जा (ग्रिड) | ₹1,775 करोड़ | बड़े सोलर पार्क्स |
| PM-KUSUM | ₹5,000 करोड़ | किसानों को सौर पंप |
PM Surya Ghar योजना क्या है?
- आपके घर की छत पर सोलर पैनल लगवाएं
- ₹22,000 करोड़ का बजट मिल रहा है
- आपकी बिजली बिल जीरो हो सकता है
- यह योजना पिछले साल की तुलना में 29% अधिक बजट पा रही है
कार्बन कैप्चर तकनीक (CCUS): बिजली घरों, स्टील कारखानों, सीमेंट प्लांटों के लिए ₹20,000 करोड़ का 5 साल का कार्यक्रम शुरू किया गया है।
विनिर्माण को बूस्ट: PLI स्कीम और SME फंड
भारत को विश्व विनिर्माण शक्ति बनाने के लिए Production Linked Incentive (PLI) योजना को आगे बढ़ाया गया है।
PLI Scheme की स्थिति:
- कुल आवंटन: ₹1.97 लाख करोड़
- 14 प्रमुख क्षेत्र: फार्मास्यूटिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, आदि
- अब तक दिए प्रोत्साहन: ₹23,946 करोड़
- अनुमोदित आवेदन: 806
SME Growth Fund (नया):
- आवंटन: ₹10,000 करोड़
- लक्ष्य: छोटे और मध्यम उद्यमों को बड़ी कंपनियों में बदलना
- सहायता: तकनीकी उन्नयन, बाजार विस्तार, और पूंजी सहायता
सामाजिक कल्याण: महिलाएं और बच्चे
बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन
हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल खोले जाएंगे ताकि गांवों से आने वाली लड़कियां विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर सकें।
महिला स्वास्थ्य पर ध्यान
PM-JAY योजना को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे महिलाएं बेहतर स्वास्थ्य सेवा पा सकें।
सामान्य नागरिक के लिए बजट का प्रभाव: जेब खर्च विश्लेषण
कौन लाभान्वित होगा?
| श्रेणी | लाभ |
|---|---|
| किसान | नई योजना, बेहतर मजदूरी, कृषि तकनीक सहायता |
| मजदूर | MGNREGA की जगह VB-G RAM G, 125 दिन काम |
| सालाना ₹12 लाख तक आय वाले | पूरी तरह टैक्स मुक्त |
| होमबायर्स | आवास योजना में अधिक फंड |
| छात्र-छात्राएं | बेहतर शिक्षा सुविधाएं, लड़कियों के लिए छात्रावास |
| सवास्थ्य | आयुष्मान भारत में और बजट |
बजट की चुनौतियां: क्या कमियां हैं?
कुछ नकारात्मक बातें:
- शहरी आवास में कटौती: PMAY-Urban का बजट 5.9% कम किया गया है, जो निराशाजनक है।
- फसल बीमा में कमी: PM Fasal Bima Yojana का बजट हल्का कटा है।
- शिक्षा का अधूरा लक्ष्य: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार 6% GDP शिक्षा में खर्च करने का लक्ष्य अभी दूर है।
- अक्षय ऊर्जा में असंतुलन: पवन ऊर्जा और ट्रांसमिशन पर कम ध्यान दिया गया है।
आर्थिक विशेषज्ञों की राय
विभिन्न आर्थिक संस्थानों ने बजट की सकारात्मकता को मान्यता दी है:
- Infrastructure पर अच्छा फोकस: पूंजीगत व्यय 20.4% बढ़ा है, जो आर्थिक विकास को तेज करेगा।
- ग्रामीण विकास प्राथमिकता: VB-G RAM G योजना ग्रामीण रोजगार को संरचित करेगी।
- हरित ऊर्जा में नेतृत्व: ₹32,914 करोड़ का आवंटन भारत को वैश्विक शक्ति बनाएगा।
निष्कर्ष: भारत के लिए एक आशाजनक रोडमैप
बजट 2026-27 को “विक्सित भारत” (Developed India) की ओर एक महत्वपूर्ण कदम कहा जा सकता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन मुख्य स्तंभों पर ध्यान दिया है:
- आर्थिक विकास: बुनियादी ढांचे पर रिकॉर्ड निवेश
- सामाजिक कल्याण: शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास में सुधार
- पर्यावरण संरक्षण: अक्षय ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी
यह बजट आने वाले 5 साल (2026-2030) में भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था में परिणत कर सकता है, बशर्ते इसका सही क्रियान्वयन हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1: VB-G RAM G और MGNREGA में क्या अंतर है?
A: VB-G RAM G में 125 दिन का काम मिलेगा (MGNREGA में 100 दिन), और अर्ध-कुशल काम भी शामिल है जो अधिक मजदूरी देगा।
Q2: अगर मैं ₹12 लाख साल में कमाता हूं तो मुझे आयकर देना होगा?
A: नहीं, नई व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की आय पूरी तरह टैक्स-मुक्त है।
Q3: PM Surya Ghar योजना में क्या मुझे पूरी रकम मिलेगी?
A: यह योजना सब्सिडी देती है, पूरी रकम नहीं। आप आंशिक रूप से सहायता पाएंगे।
Q4: नई हाई-स्पीड ट्रेन कब तक आ जाएगी?
A: यह दीर्घकालीन परियोजना है, पूरी होने में 5-7 साल लग सकते हैं।












प्रातिक्रिया दे