बिहार हार पर कांग्रेस का ‘गृहयुद्ध’: समीक्षा बैठक में गाली-गलौज और ‘गोली मारने’ की धमकी; राहुल-खरगे ने लगाई क्लास

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे बात करते हुए, कांग्रेस बैठक में आपस में भिड़े नेता, गोली मारने की धमकी

नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस की समीक्षा बैठक (Congress Review Meeting) जंग के मैदान में तब्दील हो गई। दिल्ली के इंदिरा भवन में बुलाई गई इस बैठक में हार के कारणों पर मंथन तो दूर, नेता आपस में ही भिड़ गए। नौबत यहां तक आ गई कि एक प्रत्याशी ने दूसरे को ‘मुंह में गोली मारने’ (Threat to shoot) तक की धमकी दे दी।

घटना के वक्त कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पहुंचने ही वाले थे। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे ने पार्टी के अंदरूनी कलह की पोल खोलकर रख दी है।

टिकट बंटवारे पर रार: “बहुत बोलोगे तो गोली मार दूंगा”

बैठक शुरू होते ही वैशाली से कांग्रेस उम्मीदवार इंजीनियर संजीव सिंह (Engineer Sanjeev Singh) ने हार का ठीकरा ‘टिकट बंटवारे’ पर फोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने बाहरी लोगों और पैराशूट उम्मीदवारों को टिकट देकर गलती की, जिसकी वजह से कांग्रेस को शर्मनाक हार झेलनी पड़ी।

सूत्रों के मुताबिक, पूर्णिया से प्रत्याशी जितेंद्र यादव (Jitendra Yadav) ने संजीव सिंह की बात का विरोध किया। इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। चश्मदीदों के अनुसार, गुस्साए इंजीनियर संजीव ने आपा खो दिया और गाली-गलौज करते हुए धमकी दी, “ज्यादा बोलोगे तो मुंह में गोली मार दूंगा।”

हंगामा बढ़ता देख वरिष्ठ नेता तारिक अनवर (Tariq Anwar) और अन्य नेताओं ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। हालांकि, बाद में सांसद पप्पू यादव ने ऐसी किसी घटना से इनकार किया, लेकिन बैठक में मौजूद कई नेताओं ने इसकी पुष्टि की है।

राहुल-खरगे का ’10 का फॉर्मूला’ और प्रदेश प्रभारी ‘बाहर’

हंगामे की खबर आलाकमान तक भी पहुंची। इसके बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक का फॉर्मेट ही बदल दिया:

  • ग्रुप मीटिंग: सभी 61 उम्मीदवारों के साथ एक साथ बैठने के बजाय, शीर्ष नेतृत्व ने 10-10 के समूह में प्रत्याशियों से मुलाकात की।
  • प्रभारी की छुट्टी: बैठक की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु (Krishna Allavaru) को इन मुलाकातों से दूर रखा गया।
  • वेणुगोपाल की सख्ती: संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी कई बार कमरे से बाहर आते-जाते दिखे, जो अंदर चल रही गंभीर चर्चा की ओर इशारा करता है।

कांग्रेस की हार के 3 बड़े ‘विलेन’

समीक्षा बैठक में उम्मीदवारों ने हार के लिए मुख्य रूप से तीन कारणों को जिम्मेदार ठहराया:

  1. एनडीए की ‘लक्ष्मी’ योजना: अररिया विधायक अबिदुर रहमान और अन्य नेताओं ने माना कि एनडीए सरकार द्वारा महिलाओं को 10-10 हजार रुपये देने की योजना ने गेम पलट दिया।
  2. फ्रेंडली फाइट (Friendly Fight): आरजेडी (RJD) के साथ गठबंधन के बावजूद कई सीटों पर हुई ‘दोस्ताना लड़ाई’ ने कांग्रेस का वोट बैंक काट दिया। नेताओं ने दलील दी कि या तो गठबंधन धर्म निभाया जाए या ‘एकला चलो’ की नीति अपनाई जाए।
  3. ओवैसी और ध्रुवीकरण: सीमांचल के नेताओं ने बताया कि असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) की पार्टी और भाजपा ने मिलकर चुनाव को हिंदू-मुस्लिम रंग दे दिया, जिससे कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ।

आगे क्या?

बैठक के बाद वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि आलाकमान ने सभी की बात विस्तार से सुनी है और जल्द ही बिहार कांग्रेस के लिए एक नया ‘रोडमैप’ और सुधारात्मक उपाय (Corrective Measures) घोषित किए जाएंगे। हालांकि, दिल्ली में हुए इस ‘दंगल’ ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जो पार्टी अपने नेताओं को एक कमरे में शांत नहीं रख सकती, वह बिहार में वापसी कैसे करेगी?

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