बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को 6 फरवरी 2026 की देर रात पटना पुलिस ने एक पुराने फर्जीवाड़ा/संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया।
मामला क्या है?
- यह केस लगभग 30–31 साल पुराना है, जो 1995 में दर्ज हुआ था और इसमें फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई गई हैं।
- शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनका मकान किराये पर लेने के दौरान धोखे से कागज तैयार किए गए और बाद में उसे सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया।
- पप्पू यादव पर आरोप है कि उन्होंने किराये के समझौते की वास्तविक प्रकृति और उपयोग को छिपाया, जिसके आधार पर यह आपराधिक मामला दर्ज हुआ।
गिरफ्तारी कैसे हुई?
- पटना की एमपी/एमएलए विशेष अदालत ने बार‑बार समन के बावजूद पेशी न होने पर पप्पू यादव के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
- अदालत के आदेश पर पटना पुलिस की एक टीम 6 फरवरी 2026 की रात राजधानी पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास पर पहुंची और आधी रात के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया।
- बताया गया कि पुलिस पहले कम संख्या में पहुंची, लेकिन विरोध और नोकझोंक बढ़ने पर अतिरिक्त फोर्स तथा सीनियर अधिकारी मौके पर बुलाए गए, जिसके बाद उन्हें उठाकर पुलिस वाहन में बैठाया गया।
पुलिस का पक्ष
- पटना पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई है और कई बार नोटिस एवं समन जारी होने के बाद भी सांसद अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
- पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 1995 के इस मामले में आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 506 और 120B समेत कई गंभीर धाराओं के तहत कार्यवाही चल रही है।
- गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया और उन्हें शनिवार को सम्बंधित अदालत में पेश किया जाएगा।
पप्पू यादव और समर्थकों की प्रतिक्रियाएं
- पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने उन्हें निशाना बनाया है क्योंकि उन्होंने नीट अभ्यर्थी की मौत और अन्य मुद्दों पर सरकार की आलोचना की थी।
- उनका कहना है कि वे खुद अदालत में पेश होने के लिए तैयार थे और रात में दबिश देकर की गई कार्रवाई “राजनीतिक बदले” की भावना से प्रेरित है।
- गिरफ्तारी के दौरान उनके समर्थकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, नारेबाजी की और पुलिस वाहन के सामने आने की कोशिश की, हालांकि पुलिस ने किसी तरह उन्हें हिरासत में लेकर थाने/अदालत के लिए रवाना कर दिया।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
- कोर्ट ने पहले ही उनकी संपत्ति कुर्की की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए थे और अगली सुनवाई में उनकी मौजूदगी अनिवार्य कर दी थी।
- अब अदालत यह तय करेगी कि पप्पू यादव को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा, जमानत दी जाएगी या फिर आगे की सुनवाई तक किसी अन्य शर्त पर रिहा किया जाएगा।
Faqs
Q1. पप्पू यादव को कब और कहां से गिरफ्तार किया गया?
A1. पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को 6 फरवरी 2026 की देर रात पटना के मंदिरी स्थित उनके आवास से पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया।
Q2. पप्पू यादव के खिलाफ यह मामला कब का है और किस आरोप में दर्ज हुआ था?
A2. यह मामला 1995 में पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और मकान पर अवैध कब्जे से जुड़े आरोप लगाए गए थे।
Q3. शिकायतकर्ता ने क्या आरोप लगाए थे?
A3. शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया कि उनका मकान धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उसे सांसद के कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिसकी जानकारी उनसे छिपाई गई।
Q4. पुलिस ने इस केस में कौन‑कौन सी धाराएं लगाई हैं?
A4. इस केस में पुरानी आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 448, 506 और 120B सहित कई गंभीर धाराओं के तहत पप्पू यादव पर केस दर्ज है।
Q5. पुलिस अभी क्या कार्रवाई कर रही है और आगे क्या होगा?
A5. अदालत के गैर‑हाजिर रहने पर जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तारी की गई है, अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा जहां जमानत, न्यायिक हिरासत या अन्य आदेश पर फैसला होगा।
Q6. पप्पू यादव ने अपनी गिरफ्तारी पर क्या कहा?
A6. पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि नीट अभ्यर्थी की मौत और अन्य मुद्दों पर सरकार की आलोचना करने की वजह से उन्हें राजनीतिक बदले की भावना से निशाना बनाया जा रहा है।













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