जमशेदपुर : सोशल मीडिया पर पिछले 24 घंटों में एक चिंताजनक खबर तेजी से फैल रही है – “वायरल बॉय धूम” की मौत हो गई है। YouTube, Instagram, Facebook और TikTok पर सैकड़ों वीडियो इस मौत की खबर को लेकर वायरल हो रहे हैं। लेकिन गहन तथ्य जांच से पता चलता है कि ये सभी खबरें पूर्णतः झूठी हैं और जानबूझकर फैलाई गई गलत सूचना का हिस्सा हैं। पिंटू प्रसाद (धूम) पूरी तरह जीवित, स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
मुख्य अंश (Highlights)
धूम की “मौत” की खबर कहां से आई?
धूम की मौत की ख़बर एक सोंची समझी रणनीति का हिस्सा है। ये ऐसे लोगों की करतूत हो सकती है जो अपने सोशल मीडिया चैनल पर क्विक लाइक्स, व्यूज, फॉलोवर्स और सब्सक्राइबर्स पाना चाहते हैं। ये लोग सस्ती लोकप्रियता पाने के चक्कर में ये भूल जाते हैं की जिसके बारे में न्यूज़ फैलाया जा रहा है उसपर क्या बीतेगी।
ऐसे ही झूठी अफवाह स्वर्गीय अभिनेता धर्मेंद्र जी के बारे में फैलाई गयी थी, जिससे उनके परिवार वाले इतने आहत हुए थे की बाद में जब सच में उनकी मृत्यु हो गयी तब उन्होंने इसकी जानकारी मीडिया को नहीं दी थी।
खैर हम बात कर रहे थे वायरल बॉय धूम की, दिसंबर 30-31, 2025 को YouTube, Instagram और अन्य प्लेटफॉर्मों पर दर्जनों वीडियो प्रकाशित हुए जो दावा करते हैं कि धूम की मौत हो गई है। इन वीडियोज में विभिन्न दावे किए गए:
- कुछ वीडियो दावा करते हैं कि वह सर्दी/बुखार से मर गए
- कुछ का कहना है कि वह किसी नाली में गिर गए
- कुछ का दावा है कि किसी गाड़ी से टक्कर खा गए
मनगढ़ंत सामग्री और संदिग्ध स्रोत
फैक्ट चेकिंग के बाद स्पष्ट हो जाता है कि ये सभी वीडियोज पूरी तरह गलत हैं। इन वीडियोज में:
- किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर या वीडियो का उपयोग किया गया है
- पिंटू प्रसाद (धूम) की तस्वीर को कृत्रिमतः एडिट करके लगाया गया है
- कोई प्रमाणिक चिकित्सकीय साक्ष्य नहीं दिया गया है
- कोई परिवार के सदस्य या उसके आस पास के जानने वालों द्वारा पुष्टि नहीं की गई है
तथ्य: धूम जीवित और सुरक्षित हैं
कई समर्पित (Dedicatied) फैक्ट-चेकर्स और मीडिया चैनलों ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की है कि धूम पूरी तरह जीवित, स्वस्थ और सुरक्षित हैं। जमशेदपुर आस्तित्व फाउंडेशन के पुनर्वास केंद्र में इलाज और प्रशिक्षण ले रहे हैं।
गलत सूचना क्यों इतनी तेजी से फैलती है?
मनोवैज्ञानिक कारण
- संवेदनशीलता ड्राइविंग एनगेजमेंट: किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की मृत्यु की खबर तुरंत भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा करती है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इसे सत्यापन के बिना साझा करते हैं।
- सत्यापन की कमी: बड़े हिस्से का दर्शकवर्ग स्क्रीनशॉट, फॉरवर्ड किए गए संदेश, और अपरीक्षित पोस्ट पर निर्भर करता है। कोई भी सूचना के मूल स्रोत की जांच नहीं करता है।
- एल्गोरिदमिक प्रवर्धन: सोशल मीडिया एल्गोरिदम भावनात्मक सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। गलत या संवेदनशील दावे सही जानकारी से पहले दर्शकों तक पहुंचते हैं।
आर्थिक प्रेरणा
कई कंटेंट क्रिएटर्स के लिए गलत सूचना फैलाना एक व्यावसायिक रणनीति है। ये लोग:
- मृत्यु/संकट से संबंधित सनसनीखेज वीडियो बनाते हैं
- लाखों व्यूज़ और एनगेजमेंट प्राप्त करते हैं
- विज्ञापन राजस्व (Ad. Revenue) अर्जित करते हैं
- मूल विषय (धूम) की परवाह किए बिना
आवश्यक संदेश: सच की जांच करें
आप क्या कर सकते हैं
- स्रोत सत्यापित करें: किसी भी खबर को साझा करने से पहले आधिकारिक स्रोत जांचें। क्या यह सूचना किसी विश्वसनीय न्यूज़ एजेंसी से आई है?
- जाँच करें: सोशल मीडिया प्रोफाइल पर सीधा संपर्क करें। धूम का असली Instagram और Facebook अकाउंट देखें। यदि वह जीवित हैं, तो सक्रिय होंगे।
- भावनात्मक प्रतिक्रिया से बचें: तुरंत साझा करने के बजाय विचारपूर्वक सोचें। क्या यह खबर सच में है? क्या प्रमाण हैं?
- जिम्मेदारी से साझा करें: मीडिया साक्षरता बढ़ाएँ और गलत सूचना को सक्रियता से खंडन करें।
निष्कर्ष
वायरल बॉय धूम की मौत की सभी खबरें 100% झूठी हैं। पिंटू प्रसाद (धूम) पूरी तरह जीवित, स्वस्थ और सुरक्षित हैं। वह अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए पुनर्वास केंद्र में सक्रिय हैं।
यह घटना हमें एक महत्वपूर्ण सबक सिखाती है: डिजिटल युग में सूचना का विश्वास और जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया पर गलत सूचना न केवल भ्रामक है, बल्कि प्रभावितों (इस मामले में धूम) लिए भावनात्मक नुकसान भी पहुंचाती है।
कृपया: अफवाहों को साझा न करें। सत्य की खोज करें। जिम्मेदारी से संवाद करें।














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