ऑपरेशन आघात 3.0: दिल्ली पुलिस की नव वर्ष से पहले संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

Operation Aaghat 3.0 - दिल्ली पुलिस ऑपरेशन आघात 3.0 - संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली – नव वर्ष 2026 के जश्न से पहले दिल्ली पुलिस ने संगठित अपराध, नशीली दवाओं की तस्करी और जुआ जैसी गतिविधियों पर जोरदार प्रहार किया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ के अंतर्गत साउथ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में 1,306 आरोपियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई किया गया है और बड़ी मात्रा में हथियार, ड्रग्स, अवैध शराब और चोरी का सामान बरामद किया गया।

ऑपरेशन आघात 3.0 क्या है?

ऑपरेशन आघात 3.0 दिल्ली पुलिस द्वारा संचालित एक बड़े पैमाने का अभियान है जिसका मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध, सड़क अपराधों और आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। यह अभियान साल के अंत में त्योहारों के दौरान लोगों की भारी आवाजाही और उत्सवों को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था।

इस ऑपरेशन का नाम ‘आघात’ रखा गया है क्योंकि इसका उद्देश्य अपराधियों पर सीधा और प्रभावी प्रहार करना है। गत तीन महीनों में दिल्ली पुलिस ने सितंबर में ‘ऑपरेशन आघात’, अक्टूबर में ‘ऑपरेशन आघात 2.0’ और अब दिसंबर में ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ नामक अभियान चलाए हैं।

दिसंबर 2025 में ऑपरेशन आघात 3.0 के नतीजे

26-27 दिसंबर 2025 की रात को दिल्ली पुलिस के साउथ-ईस्ट जिले में संचालित इस ऑपरेशन के बेहद प्रभावशाली नतीजे रहे। पुलिस ने 600 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात करके पूरे जिले में समन्वित छापेमारी कर कुल 1,306 व्यक्तियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई की गई।

गिरफ्तारियां:

  • कुल 331 आरोपी NDPS एक्ट और गैंबलिंग एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए
  • 116 सूचीबद्ध बदमाश (Bad Characters) पकड़े गए
  • 5 वाहन चोर (Auto-lifters) गिरफ्तार किए गए
  • 504 व्यक्तियों को निवारक प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया

जब्त की गई वस्तुएं

ऑपरेशन आघात 3.0 में दिल्ली पुलिस ने विभिन्न प्रकार की वस्तुएं जब्त कीं जो अपराध के आयामों को दर्शाती हैं:

हथियार एवं अन्य संभावित खतरनाक सामान:

  • 21 देसी पिस्तौलें
  • 20 जिंदा कारतूस
  • 27 चाकू (घातक हथियार)

नशीली दवाएं:

  • 6.01 किलोग्राम गांजा

अवैध शराब:

  • 12,258 क्वार्टर (लगभग 3,000 लीटर से अधिक) अवैध शराब

नकद रकम:

  • 2,36,990 रुपये नकद जुआरियों से जब्त किए गए

चोरी की वस्तुएं:

  • 310 मोबाइल फोन (जो लूटे, चोरी या खोए हुए थे)
  • 231 दोपहिया वाहन
  • 1 चार पहिया वाहन

संघीय कानून और धाराएं

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ निम्नलिखित कानूनों के तहत कार्रवाई की गई:

  1. शस्त्र अधिनियम (Arms Act) – हथियारों और जिंदा कारतूसों के लिए
  2. एनडीपीएस अधिनियम (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) – नशीली दवाओं के लिए
  3. दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम (Excise Act) – अवैध शराब के लिए
  4. सार्वजनिक जुआ अधिनियम (Public Gambling Act) – जुए की गतिविधियों के लिए
  5. दिल्ली पुलिस अधिनियम (Delhi Police Act) – निवारक कार्रवाई के लिए

ऑपरेशन का प्रशासनिक नेतृत्व

इस बड़े अभियान के सफल संचालन के लिए निम्नलिखित अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा:

  • पुलिस कमिश्नर: सतीश गोलचा (समग्र नेतृत्व)
  • संयुक्त कमिश्नर: संजय जैन (निरीक्षण और समन्वय)
  • डीसीपी (साउथ-ईस्ट): हेमंत तिवारी (ऑपरेशन का मुख्य नेतृत्व)
  • अतिरिक्त डीसीपी: ईशान भारद्वाज
  • 600 से अधिक पुलिस कर्मी: विभिन्न थानों और विभागों से

ऑपरेशन के उद्देश्य

‘ऑपरेशन आघात 3.0’ के निम्नलिखित प्रमुख उद्देश्य थे:

  1. संगठित अपराध पर नियंत्रण – गिरोहों और संगठित अपराधी नेटवर्क को तोड़ना
  2. सड़क अपराध में कमी – चोरी, लूट और ताडिय़ों की घटनाओं को कम करना
  3. आदतन अपराधियों को नियंत्रित करना – बदमाशों और पूर्व दोषियों पर निगरानी
  4. नशा तस्करी पर नियंत्रण – ड्रग्स और अवैध शराब की बिक्री को रोकना
  5. न्यू ईयर सेलिब्रेशन को सुरक्षित बनाना – उत्सव के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखना
  6. हथियारों की तस्करी को रोकना – अवैध हथियारों को जब्त करना

ऑपरेशन चलाने की रणनीति

दिल्ली पुलिस ने इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए एक सुविचारित रणनीति अपनाई:

  • रात्रिकालीन छापेमारी: ऑपरेशन रात को अचानक चलाया गया ताकि अपराधियों को भागने का मौका न मिले
  • एकीकृत दृष्टिकोण: सभी थानों और विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश
  • सूचना आधारित कार्रवाई: पूर्वाग्रहों और सूचना के आधार पर लक्षित छापेमारी
  • तीव्र कार्रवाई: जनता को सूचित किए बिना तेजी से अभियान चलाया गया
  • बड़े पैमाने पर संसाधन: 600 से अधिक पुलिसकर्मियों की भारी तैनाती

ऑपरेशन आघात 3.0 के पहले आघात 1.0 और आघात 2.0 सफल रहे हैं।

यह ‘ऑपरेशन आघात 3.0’ पहले के दो सफल अभियानों के बाद का तीसरा चरण है:

सितंबर 2025 – ऑपरेशन आघात 1.0:

  • पहला चरण सितंबर में चलाया गया था
  • इसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
  • हथियारों और नशीली दवाओं की बड़ी मात्रा जब्त की गई

अक्टूबर 2025 – ऑपरेशन आघात 2.0:

  • दूसरा चरण अक्टूबर में आयोजित किया गया
  • लगभग 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया
  • बदमाशों, ड्रग तस्करों और शराब के अवैध विक्रेताओं पर कार्रवाई की गई

जनता के लिए संदेश

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन आघात अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे। पुलिस आयुक्त कार्यालय ने घोषणा की है कि “हर महीने अपराधियों को सबक दिया जाएगा”। इसका उद्देश्य अपराधियों को नियंत्रण में रखना और जनता में सुरक्षा की भावना जागृत करना है।

पुलिस के अनुसार प्रभाव

दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस तरह की कड़ी कार्रवाइयों का सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है:

  • सड़क अपराध में कमी: पिछले एक महीने में साउथ-ईस्ट दिल्ली में सड़क अपराध से जुड़ी PCR कॉल्स में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है
  • बेहतर कानून व्यवस्था: गश्त में वृद्धि, गाड़ियों की तीव्र जांच और रात्रिकालीन निगरानी का सकारात्मक असर साफ दिख रहा है
  • जनता में आत्मविश्वास: कड़ी कार्रवाई से अपराधियों में भय का वातावरण बन रहा है

कानूनी प्रावधान

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि सही मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 और 112 जैसे सख्त कानूनी प्रावधान लागू किए जाएंगे। ये धाराएं आदतन अपराधियों के प्रतिबंध, नजरबंदी और समय पर कड़ी सजा के लिए महत्वपूर्ण हैं।

निष्कर्ष

‘ऑपरेशन आघात 3.0’ दिल्ली पुलिस की संगठित और जिम्मेदार कानून प्रवर्तन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह अभियान न केवल हजारों अपराधियों को पकड़ने में कामयाब रहा, बल्कि बड़ी मात्रा में हथियार, नशीली दवाएं और अवैध शराब जब्त करके जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की। नव वर्ष के जश्न से पहले इस कड़ी कार्रवाई से संदेश साफ है कि दिल्ली में अपराध के लिए कोई स्थान नहीं है।

दिल्ली पुलिस ने प्रतिश्रुति दी है कि इस तरह की नियमित कार्रवाइयां जारी रहेंगी। प्रत्येक महीने में ऐसे अभियान चलाकर दिल्ली को एक सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएंगे।

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