Ozone Layer का छिद्र बंद हुआ: धरती के लिए बड़ी राहत

Ozone layer hole recovered on 1 dec 2025

अंटार्कटिका के ऊपर बनता ओजोन होल इस साल सामान्य से काफी पहले बंद हो गया है, जिसने वैज्ञानिक समुदाय और पर्यावरण विशेषज्ञों में नई उम्मीद जगा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2025 का अंटार्कटिक ओजोन होल 1 दिसंबर 2025 को पूरी तरह बंद हो गया, जबकि आम तौर पर यह सीज़न दिसंबर के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक खिंच जाता है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO), कॉपर्निकस एटमॉस्फियर मॉनिटरिंग सर्विस (CAMS) और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इसे ओजोन परत की दीर्घकालिक रिकवरी का मजबूत संकेत बताया है और कहा है कि यह मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत किए गए वैश्विक प्रयासों की महत्वपूर्ण सफलता है।

ओजोन परत क्या है और क्यों ज़रूरी है?

ओजोन परत पृथ्वी के समताप मंडल में स्थित एक पतली गैसीय परत है जो सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) किरणों का अधिकांश हिस्सा अपने में सोख लेती है।​
यदि यह प्राकृतिक ढाल कमजोर हो जाए तो त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद, प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर, कृषि उत्पादन में गिरावट और समुद्री पारिस्थितिकी पर गंभीर प्रभाव जैसे खतरे बढ़ जाते हैं।

ओजोन होल की शुरुआत और सीएफसी की भूमिका

20वीं सदी के उत्तरार्ध में वैज्ञानिकों ने पाया कि रेफ्रिजरेंट, एरोसोल स्प्रे और कुछ औद्योगिक प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs) और अन्य ओजोन-क्षयकारी पदार्थ (ODS) समताप मंडल में जाकर ओजोन अणुओं को तोड़ते हैं।
इसके चलते अंटार्कटिका के ऊपर हर साल दक्षिणी गोलार्ध की सर्दी के अंत और वसंत की शुरुआत में ओजोन की मात्रा में तेज गिरावट दिखने लगी, जिसे आम भाषा में “ओजोन होल” कहा जाने लगा।

2025 का ओजोन होल: आकार और अवधि

क्षेत्रफल और रैंकिंग

2025 के सीजन में अंटार्कटिक ओजोन होल का अधिकतम आकार हाल के वर्षों की तुलना में अपेक्षाकृत छोटा रहा। विभिन्न पर्यावरण एजेंसियों के विश्लेषण के अनुसार, 2025 का होल पिछले तीन दशक के रिकॉर्ड में सबसे बड़े छिद्रों की तुलना में काफी छोटा और कम समय तक रहने वाला रहा और इसे पिछले लगभग 30 वर्षों में दर्ज किए गए छोटे ओजोन होलों में से एक के रूप में रैंक किया जा रहा है।​

कुछ रिपोर्टों में इसे “पिछले पाँच सालों में सबसे छोटा और सबसे कम समय तक टिकने वाला ओजोन होल” बताया गया है, जो यह संकेत देता है कि समताप मंडल में ओजोन-क्षयकारी पदार्थों की सांद्रता लगातार घट रही है।​

जल्दी बंद होने का पैटर्न

कॉपर्निकस और WMO के अनुसार, 2025 का ओजोन होल सामान्य से कुछ हफ्ते पहले ही खत्म हो गया और 1 दिसंबर 2025 को इसकी समाप्ति दर्ज की गई, जो 2019 के बाद सबसे शुरुआती क्लोज़र में से एक है।​
वैज्ञानिक इसे वर्ष-दर-वर्ष प्राकृतिक उतार-चढ़ाव और लंबे समय से चल रही रिकवरी ट्रेंड – दोनों का संयोजन मान रहे हैं।​

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल: ग्लोबल पॉलिसी की जीत

1987 में अपनाया गया मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ओजोन-क्षयकारी पदार्थों के उत्पादन और उपयोग को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने के लिए बनाया गया ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसे दुनिया के लगभग सभी देशों ने स्वीकार किया है।​
इस समझौते के कारण CFCs और संबंधित रसायनों का उपयोग तेजी से कम हुआ और वायुमंडल में इन गैसों की सांद्रता 21वीं सदी की शुरुआत से घटने लगी, जिसका असर अब ओजोन होल के आकार और अवधि में दिखने लगा है।

संयुक्त राष्ट्र और वैज्ञानिक संस्थाओं ने मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को अब तक के सबसे सफल पर्यावरण समझौतों में से एक बताया है, क्योंकि इसने न केवल ओजोन परत की रक्षा में मदद की, बल्कि जलवायु परिवर्तन को भी सीमित करने में योगदान दिया है।​

वैज्ञानिक क्या कह रहे हैं?

WMO और साझेदार एजेंसियों के वैज्ञानिकों का कहना है कि 2025 का छोटा और अल्पकालिक ओजोन होल इस बात की पुष्टि करता है कि ओजोन परत की चल रही रिकवरी सही दिशा में आगे बढ़ रही है, हालांकि साल-दर-साल कुछ प्राकृतिक उतार-चढ़ाव बने रहेंगे।​
कई वैज्ञानिकों ने इसे “लॉन्ग-टर्म रिकवरी ट्रेंड के अनुरूप” बताया है और कहा है कि यदि मौजूदा नीतियां जारी रहीं तो आने वाले दशकों में ओजोन परत लगभग प्री-1980 स्तर पर लौट सकती है।

याहू न्यूज़ और अन्य रिपोर्टों में विशेषज्ञों ने इस साल के डेटा को “आश्वस्त करने वाला” और “क्लाइमेट एक्शन की सफलता का उदाहरण” कहा है, हालांकि साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि नियमों में ढील या नए हानिकारक रसायनों के उपयोग से प्रगति बाधित हो सकती है।​

क्या ओजोन होल हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा?

वैज्ञानिकों के मुताबिक, ओजोन परत की पूरी तरह से रिकवरी एक लंबी प्रक्रिया है और वर्तमान अनुमान बताते हैं कि मध्य-अक्षांशों में यह लगभग 2040 के आसपास और अंटार्कटिका के ऊपर लगभग 2060–2066 तक प्री-1980 स्तर के करीब लौट सकती है, बशर्ते मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और उससे जुड़े संशोधनों का सख्ती से पालन जारी रहे।
इसके बावजूद, मौसमीय स्थितियां, समताप मंडलीय तापमान, ज्वालामुखीय विस्फोट और अन्य कारक किसी भी वर्ष ओजोन होल के आकार और अवधि को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए लगातार निगरानी ज़रूरी बनी रहेगी।​

आम लोगों और सरकारों के लिए संदेश

  • ओजोन परत की रिकवरी यह दिखाती है कि यदि दुनिया मिलकर वैज्ञानिक सलाह के आधार पर नीति बनाती है, तो वैश्विक पर्यावरणीय संकटों को भी धीरे-धीरे उल्टा किया जा सकता है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि ओजोन होल की कहानी, जलवायु परिवर्तन और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के वैश्विक प्रयासों के लिए एक प्रेरक उदाहरण बन सकती है।

नीति स्तर पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और उसके किगाली संशोधन जैसी पहलों को पूरी तरह लागू करना, अवैध ODS ट्रेड पर निगरानी रखना और उद्योगों को स्वच्छ विकल्पों की ओर शिफ्ट करना आगे भी जरूरी रहेगा।

निष्कर्ष: 1 दिसंबर 2025 की तारीख क्यों महत्वपूर्ण है?

अंटार्कटिक ओजोन होल का 1 दिसंबर 2025 को जल्दी बंद होना और अपेक्षाकृत छोटा रहना, यह संकेत है कि दशकों से चल रहे वैश्विक सहयोग और कड़े पर्यावरण नियम वास्तव में असर दिखा रहे हैं।​
यह घटना न केवल पृथ्वी की सुरक्षा परत के लिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण नीति, विज्ञान–आधारित निर्णय और जलवायु कार्रवाई की विश्वसनीयता के लिए भी एक सकारात्मक मिसाल के रूप में देखी जा रही है।

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