Winter Care Tips – सर्दियों में देखभाल के उपाय

Winter Care Tips - Top secrets to stay healthy and enjoy the winter

ठंड का मौसम आते ही, लोगो को अपने शरीर की चिंता होने लगती है, जो कि स्वाभाविक है। इस मौसम में स्किन और बालों का ड्राई होना, आम बात है. बीमारिया भी ठण्ड से डरकर शरीर में घुसने को आतुर हो जाती है, चाहे शर्दी-जुकाम हो, या निमोनिया या फिर श्वाश की दूसरी बीमारिया सब एक्टिवेट हो जाता है. शारीर के जोड़ (Joints) भी कराहने लगते है. इसकी छोड़ो दिल को तो दौरे आने शुरू हो जाते है (In lighter mode) क्यूंकि “दिल तो बच्चा है जी”। इस बच्चे के साथ आपका अपना बच्चा या नवजात भी परेशान होने लगता है।

ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा जोखिम किसे है?

बहुत ठंडा मौसम किसी को भी प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसका शिकार वो लोग ज्यादा होते है।

  •  जो 5 साल से कम आयु के बच्चे होते हैं या फिर 60 सल के ऊपर के बुजुर्ग
  • जिन्हें लम्बे समय से दिल, फेफड़े या किडनी की बीमारियां है
  • जिसका प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) कमजोर हो
  • जिन्हे एलर्जी की शिकायत रहती है
  • जिनके जोड़ों में या हड्डियों में कहीं चोट लगी हो या दर्द रहता हो
  • अस्थमा के रोगी

 अब बात है की , इस शरद मौसम से कैसे बचा जाय। निम्न तरीकों से आप इस ठण्ड में सुरक्षित रहते हुए इसका आनंद उठा सकते है।

1. ज्यादा गर्मी पैदा करने वाले कपड़े न पहने

जी हाँ आपने सही पढ़ा, वैज्ञानिक रूप से सबको पता होगा की हीट का फ्लो हाई कंसंट्रेशन से लो कंसंट्रेशन की ओर होता है। सरल भाषा में कहें तो “ज्यादा गर्म से ठण्ड की ओर” इसलिए ज्यादा गर्म कपडे पहनना भी ठीक नहीं है, खासकर तब जब आप व्यायाम के लिए जा रहे हों या फिर तब भी जब आप नार्मल सिचुएशन में हो , दोनों स्थिति में ये लागु होती है, क्यूंकि जब आप ज्यादा गर्म कपड़े पहनते है तो बॉडी, नार्मल टेम्परेचर से ज्यादा गर्म हो  जाता है। जिससे आपका शरीर पसीना निकालना शुरू कर देता है। ये पशीना आपके शारीर से सटे कपडे में शोख़ लिया जाता है, परिणामस्वरूप यही भीगा कपडा आपके शरीर की गर्मी को सोखने(absorb)  लगता है। इससे शरीर का तापमान गिर जाता है और बहार के ठण्ड मौसम के लिए आपके शरीर पर अटैक करना काफी आसान हो जाता है।

2. अपने शुगर लेवल को मेंटेंड या थोड़ा ऊपर रखे

इस मौसम में आपको भी कँपकँपी का एहसास हुआ होगा, शरीर में कंपकंपी होने का मतलब, इसके द्वारा आपको एक संकेत देना, की या तो आप शरीर को गर्म कर लीजिए या फिर इसे किसी गरम स्थान पर ले जाये। कंपकंपी के दौरान आपके शरीर की मांसपेशियों में काफी हलचल (Contraction & Relaxation) होती है, जिससे शरीर में ऊर्जा का निर्माण होता है, और वही ऊर्जा आपको ठंड लगने से बचाती है। लेकिन इस ऊर्जा के निर्माण में आपके खून में मौजूद शर्करा या चीनी (शुगर) का बहुत बड़ा रोल होता है।

 3. अपने शरीर को जलयुक्त (Hydrated) रखें अर्थात शरीर में पानी की कमी न होने दें

सर्दियों में लोग पानी पीना अवॉयड करने लगते है, जो उनके लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे लोगो के शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे उनकी त्वचा रूखी नहीं बल्कि अत्यंत रूखी हो जाती है। चेहरा काला होने लगता है। ऐसे लोगो के शरीर में खुजली होने लगती है, त्वचा की कोशिकाएं मरने लगती है जिससे डैंड्रफ, या बाल गिरने की समस्याएं पैदा हो जाती है। इसके अलावा शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ( Immune System ) कमजोर हो जाती है। फिर शरीर पर शर्दी का आक्रमण हो जाता है।

 4. अपने शारीर को तंदरुस्त (Fit) रखें

शरीर फिट रखने का ये मतलब नहीं कि आप मोटे हो जाये, बल्कि इसका मतलब ये है , की आप अपने शरीर को वो सारे पोषक तत्व प्रदान करें  जिससे यह किसी खास मौसम के प्रभाव को निष्क्रिय कर सके। दूसरे शब्दों में कहें तो शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) मजबूत करना है और इसके लिए निम्न उपाय अपना सकते हैं। 

योग और व्यायाम करें

ठंड के मौसम में स्वास सम्बंधित योग और हड्डियों के जोड़ों से सम्बंधित व्यायाम जरूर करें ।

खान पान पर विशेष ध्यान दें

जहां तक खान पान की बात है तो शर्दियों में विटानिंस बहुत लाभकारी होता है, वैसे सभी पोषक तत्व जरुरी है। इसलिए इस मौसम में आंवला का सेवन जरूर करें । इसके अलावा अदरक, लहसुन, निम्बू, हरी मिर्च, मेवे, देसी घी, शहद, तिल या इसके लडडु, गुड़, हरी सब्जियां और ताजे फल का सेवन करना बहुत फायदेमंद होता है।.यकीं मानिए अगर ये सब आपके भोजन में शामिल है तो ठण्ड आपको छू भी नहीं पाएंगी।

सूरज की रौशनी में बैठे (धुप सेकें)

धुप सेकने से न केवल शरीर को गर्माहट मिलता है बल्कि इससे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ( इम्यून सिस्टम ) भी मजबूत होता है। यह तो सभी को पता होगा कि इसमें मौजूद विटामिन “डी “ हड्डियों को मजबूत बनाने तथा इसके विकास में सहायक होता है; साथ ही साथ जोड़ों में गर्माहट पैदा कर जोड़ों के दर्द से भी मुक्ति दिलाता है।

5. गर्म पानी से न नहाएं 

हो सकता है ये पढ़कर आपको अच्छा न लगे लेकिन ये सही है की  ठण्ड के मौसम में,  गर्म पानी से नहाना आपकी त्वचा के लिए सही नहीं है। जब आप गर्म पानी से नहाते हो तो, पानी गर्म होने के वजह से ये आपके शरीर का सारा मॉइस्चर या तेल बहा ले जाता है। इससे आपके बाल एवं त्वचा बहुत रूखी हो जाती है, परिणामस्वरूप आपके बाल तेजी से झड़ने लगते हैं और त्वचा में खुजली महसूस होने लगती है। इसलिए ये बेहतर है की आप नार्मल पानी से नहाएं।

नार्मल पानी का मतलब न बहुत ठंडा और ना बहुत गर्म बल्कि पानी उष्म (warm ) होना चाहिए। अभी भी नहीं समझे तो इसके लिए आप अपने शरीर को छूकर देखिये जितनी ऊष्मा महसूस हो रहा है पानी का तापमान उसी के सामान होना चाहिए।

गर्म या ठन्डे पानी से नहाने का भी एक तरीका होता है आप उसे भी फॉलो करें।

नहाने का सही तरीका

  • जब आप गुनगुने पानी से नहाते है तो शुरुआत पैर से करें, फिर शरीर पर पानी डालें, आखिर में सिर पे पानी डालें।
  • जब आप ठन्डे पानी से नहाते है तब पहले सिर पर, फिर शरीर पर और आखिर में पैर पर पानी डालें।
  • आचार्य मनीष और प्रेमनद महाराज जी के जी के अनुसार पहले नाभि पर पानी डालें फिर आप किसी भी अंग पर पानी डालकर नाहा सकते हैं।

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