मुंबई : बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और भारतीय सिनेमा के ‘हीमैन’ के नाम से मशहूर धर्मेंद्र देओल का 24 नवंबर 2025 को सोमवार की सुबह मुंबई स्थित अपने आवास पर निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे और आगामी 8 दिसंबर को 90 वर्ष के होने वाले थे। पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था।
अस्पताल से घर लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत
धर्मेंद्र को 31 अक्टूबर को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब 10 दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद 12 नवंबर की सुबह करीब साढ़े सात बजे उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया था। डॉक्टर प्रतीत समदानी ने बताया था कि धर्मेंद्र को घर पर ही इलाज दिया जाएगा और वे ठीक हो रहे थे। हालांकि, 24 नवंबर की दोपहर में उनके घर से एक एम्बुलेंस को निकलते हुए देखा गया और इसके बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारे विले पार्ले के पवन हंस श्मशान घाट पहुंचने लगे।
मुंबई में हुआ अंतिम संस्कार
धर्मेंद्र का अंतिम संस्कार मुंबई के विले पार्ले स्थित पवन हंस श्मशान घाट में सोमवार दोपहर को संपन्न हुआ। उनके बड़े बेटे सनी देओल ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान, अनिल कपूर, संजय दत्त, रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण सहित फिल्म इंडस्ट्री के कई सितारे पहुंचे। धर्मेंद्र की पत्नी हेमा मालिनी नम आंखों के साथ श्मशान घाट पहुंचीं और मीडिया के सामने हाथ जोड़कर खड़ी रहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्मेंद्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा, “धर्मेंद्र जी का निधन भारतीय सिनेमा में एक युग के अंत का प्रतीक है। वे एक प्रतिष्ठित फिल्म व्यक्तित्व, एक अद्भुत अभिनेता थे जो अपनी हर भूमिका में आकर्षण और गहराई लाते थे। जिस तरह से उन्होंने विविध भूमिकाएं निभाईं, वह अनगिनत लोगों के दिलों को छूती थीं।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित देशभर के राजनीतिक नेताओं ने धर्मेंद्र के निधन पर शोक संदेश जारी किए।
छह दशकों का शानदार करियर
धर्मेंद्र केवल कृष्णन देओल के नाम से पैदा हुए धर्मेंद्र का जन्म 8 दिसंबर 1935 को पंजाब के लुधियाना के पास नसराली गांव में हुआ था। उनके पिता केवल कृष्णन एक स्कूल शिक्षक थे और माता सतवंत कौर गृहिणी थीं। 1958 में धर्मेंद्र ने फिल्मफेयर पत्रिका द्वारा आयोजित एक टैलेंट कॉन्टेस्ट जीता और मुंबई की ओर रुख किया।
धर्मेंद्र ने 1960 में ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ फिल्म से बॉलीवुड में पदार्पण किया। इसके बाद उन्होंने ‘बंदिनी’ (1963), ‘फूल और पत्थर’ (1966), ‘अनुपमा’ (1966) जैसी फिल्मों से पहचान बनाई। 1970 के दशक में ‘मेरा गांव मेरा देश’ (1971), ‘यादों की बारात’ (1973), ‘जुगनू’ (1973) और खासकर 1975 की ‘शोले’ में वीरू के किरदार ने उन्हें अमर बना दिया। ‘चुपके चुपके’, ‘सीता और गीता’, ‘राजा जानी’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
धर्मेंद्र ने अपने छह दशकों के करियर में 300 से अधिक फिल्मों में काम किया। उन्हें बॉलीवुड का ‘हीमैन’ कहा जाता था क्योंकि वे एक्शन हीरो की मजबूती के साथ-साथ रोमांटिक लीड की संवेदनशीलता को भी परदे पर उतार सकते थे।
निर्माता के रूप में योगदान
1983 में धर्मेंद्र ने अपना प्रोडक्शन हाउस ‘विजयता फिल्म्स’ की स्थापना की और अपने बड़े बेटे सनी देओल को फिल्म ‘बेताब’ से लॉन्च किया। 1990 में उन्होंने सनी देओल अभिनीत ‘घायल’ का निर्माण किया जो उस साल की दूसरी सबसे बड़ी हिट फिल्म बनी और इसने सात फिल्मफेयर पुरस्कार और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता।
पुरस्कार और सम्मान
धर्मेंद्र को भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए 2012 में भारत सरकार द्वारा देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उन्हें 1997 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा गया था।
राजनीतिक करियर
धर्मेंद्र ने 2004 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होकर राजस्थान के बीकानेर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के रामेश्वर लाल दुडी को करीब 60,000 वोटों से हराया। हालांकि, उन्होंने 2009 के बाद दोबारा चुनाव नहीं लड़ा। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था, “राजनीति में मुझे घुटन महसूस हुई। मुझे भावनात्मक रूप से इस क्षेत्र में खींचा गया था। जिस दिन मैंने सहमति दी, मैं वॉशरूम में गया और आईने में अपना सिर पीटते हुए पछताया कि मैंने क्या कर दिया।”
पारिवारिक जीवन
धर्मेंद्र ने 1954 में प्रकाश कौर से शादी की थी, जब वे महज 19 साल के थे और फिल्मों में आने से पहले ही विवाहित हो गए थे। इस शादी से उनके चार बच्चे हैं – सनी देओल, बॉबी देओल, विजयता और अजीता। 1980 में उन्होंने हेमा मालिनी से शादी की, जिनके साथ उनकी दो बेटियां हैं – ईशा देओल और अहाना देओल। धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की जोड़ी ने ‘शोले’, ‘सीता और गीता’, ‘ड्रीम गर्ल’, ‘चरस’ समेत दो दर्जन से अधिक फिल्मों में साथ काम किया।
धर्मेंद्र अपनी पहली पत्नी प्रकाश कौर, दोनों शादियों से छह बच्चों और तेरह पोते-पोतियों को पीछे छोड़ गए हैं।
अंतिम फिल्म
धर्मेंद्र की आखिरी रिलीज 2023 में करण जौहर की ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ थी, जिसमें उन्होंने जया बच्चन के पति और रणवीर सिंह के दादा का किरदार निभाया था। उनकी अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ है जो श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी है और 25 दिसंबर 2025 को रिलीज होगी। इस फिल्म में वे अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा के साथ नजर आएंगे और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान शहीद हुए परमवीर चक्र विजेता सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेतरपाल के पिता एम.एल. खेतरपाल की भूमिका निभाई है।
फिल्म इंडस्ट्री का शोक
फिल्मकार करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “यह एक युग का अंत है… एक विशाल मेगास्टार… मुख्यधारा सिनेमा में नायक के अवतार… अविश्वसनीय रूप से सुंदर और सबसे रहस्यमय स्क्रीन उपस्थिति… वे भारतीय सिनेमा के एक वास्तविक लीजेंड हैं और हमेशा रहेंगे।” अक्षय कुमार ने ट्वीट करते हुए कहा, “धर्मेंद्र बड़े होते हुए वह नायक थे जो हर लड़का बनना चाहता था। पीढ़ियों को प्रेरित करने के लिए धन्यवाद।”
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ऑफ इंडिया (IFFI) ने धर्मेंद्र के निधन के बाद एक दिन के लिए सभी मंच कार्यक्रम रद्द कर दिए।
धर्मेंद्र का निधन भारतीय सिनेमा के सुनहरे युग के अंत का प्रतीक है। उनकी फिल्में और उनकी यादें हमेशा प्रशंसकों के दिलों में जिंदा रहेंगी।












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