वृंदावन, उत्तर प्रदेश — विख्यात संत प्रेमानंद जी महाराज की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर देशभर के भक्तों में गहरी चिंता के बीच आश्रम ने स्पष्ट किया है कि उनकी स्थिति नियंत्रण में और स्थिर है। चिकित्सक दल उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी कर रहा है।
बीमारी और वर्तमान चिकित्सा स्थिति
प्रेमानंद जी महाराज पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज नामक एक आनुवंशिक रोग से पीड़ित हैं। चिकित्सकीय सूत्रों के अनुसार उनकी किडनियाँ सामान्य रूप से कार्य नहीं कर रहीं, जिसके चलते उन्हें नियमित डायलिसिस उपचार दिया जा रहा है।
आश्रम की जानकारी के अनुसार महाराज जी को सप्ताह में पाँच बार डायलिसिस की आवश्यकता होती है, और सभी चिकित्सा प्रक्रियाएँ डॉक्टरों की सलाह के अनुसार की जा रही हैं।
महाराज जी का निर्णय — “किसी और को कष्ट न हो”
भक्तों और अनुयायियों द्वारा बड़ी संख्या में किडनी दान की पेशकश की गई, परंतु प्रेमानंद जी महाराज ने सभी प्रस्तावों को नम्रता से अस्वीकार किया है। उन्होंने कहा है कि “किसी अन्य व्यक्ति को कष्ट देकर अपना जीवन बचाना उचित नहीं होगा।”
यह निर्णय न केवल उनके आध्यात्मिक आदर्श को दर्शाता है, बल्कि मानवता के प्रति उनके समर्पण का भी प्रतीक है।
सोशल मीडिया पर एकता और सौहार्द का संदेश
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो व्यापक रूप से वायरल हुआ जिसमें सऊदी अरब के मदीना से एक मुस्लिम युवक ने प्रेमानंद जी महाराज की शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआ मांगी। इस वीडियो ने धार्मिक सीमाओं से परे मानवता और सौहार्द का संदेश दिया, जिसे देशभर के लोगों ने सराहा।
अफवाहों पर पुलिस और आश्रम का बयान
हाल के दिनों में महाराज जी की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर कई भ्रामक और असत्य खबरें भी फैल गईं। स्थानीय प्रशासन और आश्रम दोनों ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए स्पष्ट कहा कि महाराज जी का उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर है।
साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे केवल आश्रम या अधिकृत समाचार माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
भक्तों की भावनाएँ और समाज में प्रभाव
देशभर के लाखों भक्त प्रेमानंद जी महाराज के लिए नियमित रूप से महामृत्युंजय जाप, भजन और सामूहिक प्रार्थनाएँ कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #PremanandMaharaj और #PrayForPremanandJi जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जिनमें लोग उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना कर रहे हैं।
आश्रम का आधिकारिक संदेश
आश्रम प्रबंधन ने जारी बयान में कहा है:
“महाराज जी का स्वास्थ्य ईश्वर की कृपा से स्थिर है। सभी भक्तों से अनुरोध है कि वे धैर्य रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सत्यापित जानकारी ही साझा करें।”
साथ ही यह भी बताया गया कि महाराज जी अपने अनुशासन और ध्यान-साधना की परंपरा को सीमित रूप में जारी रखे हुए हैं।
निष्कर्ष
प्रेमानंद जी महाराज की सेहत से जुड़ी खबरें केवल उनकी बीमारी की नहीं, बल्कि भक्तों की आस्था, एकता और मानवता की मिसाल बन चुकी हैं।
उनकी स्थिर स्थिति भक्तों के लिए राहत का संदेश है, वहीं उनका संयम और त्याग आधुनिक समाज के लिए प्रेरणा है।












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